बिहार DGP की चेतावनी का उपद्रवियों पर असर नहीं, अब दरभंगा में आशा कार्यकर्ताओं पर हुआ हमला

दरभंगा में आशा कार्यकर्ताओं पर हमले के बाद आशा कार्यकर्ताओं पर हमला.
दरभंगा में आशा कार्यकर्ताओं पर हमले के बाद आशा कार्यकर्ताओं पर हमला.

मिली जानकारी के अनुसार सर्वे के लिए जो फॉर्म दिया गया था उसे भी फाड़ दिया गया और आशा कार्यकर्ताओं की साड़ियां भी खींचने की कोशिश की. हमले की जानकारी मिलने के बाद एसपी बाबू राम ने तत्काल वहां पुलिस टीम भेजी और डीएसपी सदर अनुज कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल लोगों को समझाने-बुझाने में लगा हुआ है.

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दरभंगा. मेडिकल टीमों, पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर बिहार में लगातार हो रहे हमलों के बीच अब उपद्रवी तत्वों के निशाने पर आशा कार्यकर्ताएं है भी आ गई हैं. शुक्रवार को दरभंगा में आशा कार्यकर्ताओं (ASHA workers) को तब निशाना बनाया गया जब दूसरे राज्यों से बिहार आए प्रवासियों की जानकारी जुटाने वे दरभंगा के चंदन पट्टी और भालपट्टी मोहल्ले में सर्वे करने पहुंची थीं. बताया जा रहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय (Minority) के लोगों ने कुछ आशा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया और कपड़े भी खींचने की कोशिश की.

दल-बल के साथ पहुंची पुलिस
मिली जानकारी के अनुसार सर्वे के लिए जो फॉर्म दिया गया था उसे भी फाड़ दिया गया और आशा कार्यकर्ताओं की साड़ियां भी खींचने की कोशिश की. हमले की जानकारी मिलने के बाद एसपी बाबू राम ने तत्काल वहां पुलिस टीम भेजी और डीएसपी सदर अनुज कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल लोगों को समझाने-बुझाने में लगा हुआ है. इस बीच खबर है कि एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया गया है.

BDO ने बताया घटनाक्रम
वही, प्रखंड विकास पदाधिकारी रवि सिन्हा ने कोविड-19 के संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रवासियों के लिए सर्वे चल रहा है. इसके तहत जानकारी मिली थी थी इस गांव में बाहर से कुछ लोग आए हैं जिसका आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पांच दिनों तक सर्वे किया जाना है. इसी क्रम में कुछ कार्यकर्ता भालपट्टी पंचायत के वार्ड नंबर 4 में गई थीं तभी हम लोगों को इनके साथ बदसलूकी की सूचना मिली.



इनके पास का कागज  फाड़ दिया है. जो दोषी था उसे तत्काल गिरफ्तार किया गया है. महिला ने लिखित शिकायत की है और  आरोप लगाई है कि उनके कपड़े फाड़ दिए गए. जब हम लोगों ने आरोपी को गिरफ्तार किया तो कुछ लोगों ने हमलोगों को भी घेरने का प्रयास किया.

डीजीपी ने दी थी कड़ी चेतावनी
बता दें कि शुक्रवार को ही बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ऐसे उपद्रवी तत्वों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानि एनएसए लगाने का ऐलान किया है. उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी हाल में ऐसे तत्वों को नहीं बख्शा जाएगा.

औरंगाबाद में हेल्थ टीम पर हुआ था हमला
बता दें कि बिहार के औरंगाबाद में हेल्थ टीम पर बुधवार को ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया था. गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गांव की इस घटना में स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंची टीम के कई कर्मियों को चोटें भी आईं. मोतिहारी में लोगों को जागरूक करने गए अफसरों पर ग्रामीणों ने हमला किया, इसमें बीडीओ घायल हो गए थे.

डीजीपी ने कहा था- जेल में सड़ा देंगे
ऐसे मामलों पर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को कहा था कि जो लोग ऐसा करेंगे उनको जेल में सड़ा देंगे.  उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का नाम गुंडा पंजी में भी दर्ज होगा और स्पीडी ट्रायल के जरिये सजा दिलाई जाएगी. डीजीपी ने कहा कि एक प्रतिशत लोग गलत कर रहे हैं. लोगों को समझना होगा कि पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी आमलोगों के लिए काम कर रहे हैं, ऐसे हमले अज्ञानता के कारण हो रहे हैं.

(इनपुट- विपिन कुमार दास)

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