बिहार की इस सीट से एक ही पार्टी के दो उम्मीदवारों ने कर दिया नामांकन, जानें क्या है पूरा मामला

नामांकन करने के बाद जाप के दोनों उम्मीदवार.
नामांकन करने के बाद जाप के दोनों उम्मीदवार.

पूरा मामला दरभंगा के गौराबौराम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (Gaurabaram Assembly Constituency) का है, जहां सबसे पहले विशम्भर यादव ने जन अधिकार पार्टी के सिम्बल पर अपना नामांकन दाखिल किया था. इसके बाद इसी सीट पर पूर्व विधायक डॉक्टर इज़हार अहमद ने भी जन अधिकार पार्टी के सिम्बल से ही नॉमिनेशन पर्चा दाखिल किया.

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दरभंगा. बिहार के दरभंगा जिले (Darbhanga District) में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां की गौराबौराम विधानसभा सीट (Gaurabaum Assembly Seat) पर एक ही पार्टी से दो नेताओं  ने अपना-अपना नामांकन दाखिल किया है. इस मामले के तूल पकड़ते ही एनसीपी के उम्मीदवार ने जन अधिकार पार्टी (Jan Adhikar Party) के बैनर तले बाद में नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवार के नॉमिनेशन को रद्द करने की मांग की है. इसको लेकर एनसीपी ने चुनाव निर्वाचन पदाधिकारी से लिखित में शिकायत भी की है. हालांकि, अब देखना है कि इस शिकायत के बाद निर्वाचन पदाधिकारी क्या निर्णय लेते है जो बेहद अहम होगा.

दरअसल, पूरा मामला दरभंगा के गौराबौराम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का है, जहां सबसे पहले विशम्भर यादव ने जन अधिकार पार्टी के सिम्बल पर अपना नामांकन दाखिल किया था. इसके बाद इसी सीट पर पूर्व विधायक डॉक्टर इज़हार अहमद ने भी जन अधिकार पार्टी के सिम्बल से ही नॉमिनेशन पर्चा दाखिल किया. एक ही सीट से एक ही पार्टी के दो उम्मीदवार के नामांकन होने की सूचना मिलते ही NCP के उम्मीदवार तमन्ना खान ने इसकी लिखित शिकायत निर्वाचन पदाधिकारी से की. उन्होंने नामांकन किये गए जन अधिकार पार्टी के नेता इज़हार अहमद के नॉमिनेशन को रद्द करने की भी मांग की है.

विशम्भर यादव ने कही ये बात
इधर पूरे मामले पर पहले नामांकन करने वाले विशम्भर यादव ने साफ शब्दो में कहा कि उन्होंने जन अधिकार पार्टी से नामांकन किया है.अब चुनाव आयोग जो फैसला ले, लेकिन वे चुनाव जरूर लड़ेंगे और जनता इसका जबाव जरूर देगी. साथ ही उन्होंने सभी पार्टी से नाराजगी जताते हुए कहा कि यहां काम करने वालों को किसी पार्टी में सम्मान नहीं मिलता है, बल्कि पैसे के आधार पर टिकट की खरीद बिक्री होती है. इधर इस सीट से जनधिकार पार्टी के दूसरे उम्मीदवार इज़हार अहमद ने पूरे मामले पर ज्यादा कुछ तो नहीं बोला पर अपनी लोकप्रियता का हवाला देते हुए इतना जरुर कहा कि गौराबौराम की जनता उन्हें जानती है और उनसे स्नेह करती है. यहां कोई और दूसरा नेता उनकी टक्कर का नहीं है.
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