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मुजफ्फरपुर यौन शोषण मामला : नीतीश के मंत्री को झेलना पड़ा विरोध, दरभंगा में क्या हुआ पढ़िए

News18 Bihar
Updated: August 4, 2018, 2:59 PM IST
मुजफ्फरपुर यौन शोषण मामला : नीतीश के मंत्री को झेलना पड़ा विरोध, दरभंगा में क्या हुआ पढ़िए
बिहार सरकार के मंत्री सुरेश शर्मा को काला झंडा दिखाते लोग ( न्यूज 18 फोटो)

बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री सुरेश शर्मा को शनिवार को विरोध का सामना करना पड़ा. नगर निगम में योजनाओं का शिल्यान्यास करने दरभंगा पहुंचे मंत्री सुरेश शर्मा को कांग्रेस सेवा दल के जमाल हसन ने अपने समर्थकों के साथ काले झंडे दिखाए.

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बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री सुरेश शर्मा को शनिवार को विरोध का सामना करना पड़ा. नगर निगम में योजनाओं का शिल्यान्यास करने दरभंगा पहुंचे मंत्री सुरेश शर्मा को कांग्रेस सेवा दल के जमाल हसन ने अपने समर्थकों के साथ काले झंडे दिखाए.

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह में हुए बलात्कार की घटना के साथ जल जमाव की समस्या के मामले को लेकर सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने मंत्री को काले झंडे दिखाए.साथ ही सेवा दल के लोगों ने सीएम नीतीश कुमार से इस्तीफे की भी मांग की. कांग्रेस सेवा दल के जमाल हसन ने कहा कि जब तक बालिका गृह की पीड़िताओं को न्याय नहीं मिलता तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी. सुरेश शर्मा मुजफ्फरपुर शहर से ही भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं.

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क्या है पूरा मामला ?

बालिका गृह यौन शोषण मामला तब प्रकाश में आया, जब टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) की ऑडिट रिपोर्ट सामने आई. 31 मई को बिहार सरकार को सौंपी गई. इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कैसे इन बालिका गृह में छोटी-छोटी बच्चियों का शोषण किया जाता रहा है.

TISS की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चियों की मेडिकल जांच में उनके शरीर के कई हिस्सों पर जलने और कटने के निशान भी मिले हैं. ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चियों का रोज यौन शोषण होता था. मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, यौन शोषण से पहले बच्चियों को नशे की दवाइयां दी जाती थीं या फिर नशे का इंजेक्शन लगाया जाता था.ये भी पढें- मुजफ्फरपुर कांड: तेजस्वी का नीतीश को खुला खत, 'सात बहनों का भाई हूं, रात भर सो नहीं पाता'

बता दें, TISS ने 7 महीनों तक 38 जिलों के 110 संस्थानों का सर्वेक्षण किया. इस सर्वेक्षण में एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि शोषण की शिकार हुई सभी बच्चियां 18 साल से कम उम्र की हैं. इनमें भी ज्यादातर की उम्र 13 से 14 साल के बीच है. इस रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में हुए यौन उत्पीड़न में बाल कल्याण समिति के सदस्य और संगठन के प्रमुख भी बच्चियों के शोषण में शामिल थे.

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First published: August 4, 2018, 2:56 PM IST
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