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मंत्री के स्वागत में ढंक दिए गए नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी अभियान वाले बैनर

Vipin Kumar Das | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 13, 2018, 9:31 AM IST
मंत्री के स्वागत में ढंक दिए गए नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी अभियान वाले बैनर
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Vipin Kumar Das | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 13, 2018, 9:31 AM IST
एक तरफ जहां पूरे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दहेज़ और बाल विवाह के विरोधी अभियान को जोर-शोर से प्रचार-प्रसार हो रहा है, वहीं उनके गठबंधन में शामिल दल बीजेपी के नेता ही इस अभियान को तवज्जो देते नहीं दिख रहे हैं. बिहार सरकार करोड़ो रुपये खर्च कर दहेज़ और बाल विवाह के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने हेतु प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग और बैनर लगाकर प्रचार प्रसार कर रही है. इतना ही नहीं 21 जनवरी को इसके लिए पूरे बिहार में मानव श्रृंखला बनाने की भी योजना है.

मानव श्रृंखला से कुछ दिन पहले ही दरभंगा में बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं की लापरवाही सामने आई है. बिहार सरकार के स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय के दरभंगा दौरे के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में स्वागत बैनर लगाए गए. बैनर लगाने के दौरान कार्यकर्ताओं ने दहेज और बाल विवाह के विरुद्ध अभियान के संबंध में सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा लगवाए गए होर्डिंग को भी ढंक दिया.

बैनर पर निवेदकों में भाजपा के जाले विधायक जिबेश कुमार के साथ-साथ नगर विधायक संजय सरावगी और एमएलसी अर्जुन सहनी की तस्वीर लगी हुई है. वहीं जब इस संबंध में हायाघाट के जेडीयू विधायक अमरनाथ गामी ने कहा कि मंगल पांडे के कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह था, इस कारण इस पर ध्यान नहीं गया होगा. साथ ही उन्होंने कहा फिर भी इसपर कार्यकर्ताओं और विज्ञापन एजेंसी को ध्यान रखना चाहिए था.

जेडीयू विधायक ने कहा एकदिवसीय कार्यक्रम था, इसलिए उम्मीद है कि शायद कार्यक्रम खत्म होने के बाद इसे पुनः मूल स्वरूप में लगा दिया जाए. बहरहाल इस पुरे मामले पर अमरनाथ गामी गठबन्धन धर्म की मर्यादा रखते हुए भले इसे कार्यकर्ताओं के उत्साह का नाम देकर बचाव करते दिख रहे हों, परंतु सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री के इस अति महत्वाकांक्षी अभियान का ख्याल बैनर लगवाने वाले बीजेपी नेताओं को नहीं रहा.

बैनर हट जाए या यथावत रहे, परंतु लोगों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा अनदेखी का मामला चर्चा का विषय जरूर बन गया. साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि क्या सुशासन का डंका पीटने वाली नीतीश सरकार के अधिकारी अपने गठबंधन के इन नेताओं पर इस अनदेखी के लिए करवाई करने की हिम्मत भी दिखा पाते हैं या नहीं.
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