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DMCH की बड़ी लापरवाही, हाथों में स्लाइन की बोतल लिए खड़े दिखे मरीज के परिजन

Vipin Kumar Das | News18 Bihar
Updated: April 21, 2018, 8:08 PM IST
DMCH की बड़ी लापरवाही, हाथों में स्लाइन की बोतल लिए खड़े दिखे मरीज के परिजन
न्यूज18 फोटो

दरभंगा मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल में एक बार फिर कुव्यवस्था उजागर हुई है.

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उतर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल दरभंगा मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल में शनिवार को एक बार फिर कुव्यवस्था के साथ-साथ अस्पताल का अमानवीय चेहरा भी देखने को मिला.

अस्पताल प्रशासन ने एक दुधमुंहे बच्चे को प्राथमिक इलाज तो कर दिया लेकिन बच्चे को अस्पताल के किसी बिस्तर पर लिटाने के बजाय खुली छत के नीचे एक पेड़ की छांव में बच्चे के हाथ में स्लाइन लगाकर पानी का बोतल परिजन के हाथ में थमा दिया. जब परिजन ने आपत्ति जताई तो अस्पताल प्रशासन ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर अपना पल्ला ही झाड़ लिया.

इधर अस्पताल अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने संसाधन का रोना रोते हुए साफ शब्दों में कहा कि यह इलाज का सही तरीका तो नहीं है पर वे क्या कर सकते हैं. किसी तड़पते मरीज को बिना इलाज लौटा नहीं सकते. जब बिस्तर खाली नहीं होता है तो ऐसा करना मजबूरी है.

पटना रेफर की बात सुनते ही परिवार के एक सदस्य एंबुलेंस को खोजने के लिए अस्पताल से बाहर निकल गए और बचे अन्य सदस्य दर्द से कराह रहे बच्चे को लेकर इमरजेंसी के बाहर बने चबूतरे पर पेड़ के नीचे हाथ मे स्लाइन लेकर एंबुलेंस का इंतजार करने लगे.

दरअसल मनीगाछी थाना क्षेत्र के जतुका गांव निवासी विनय शर्मा अपने 9 माह के बच्चे हरेराम के पेट दर्द का इलाज कराने के लिए डीएमसीएच पहुंचे, जहां इलाज के दौरान पता चला कि उसके पेट के आंत में समस्या है, जिसका इलाज यहां संभव नहीं है और आपको इसके लिए पटना जाना पड़ेगा. इतना कहते हुए डॉक्टर ने दुधमुंहे बच्चे को स्लाइन लगा दिया, लेकिन दर्द से कराह रहे बच्चे को बेड ना देते हुए, परिजन के हाथ में स्लाइन की बोतल थमा कर बाहर भेज दिया और बच्चे की मां दुधमुंहे बच्चे को लेकर खुले आसमान के नीचे बच्चे को लेकर घंटों खड़ी रही और उसके एक परिजन स्लाइन की बोतल हाथ में लेकर खड़ा था.  लेकिन अस्पताल का कोई भी कर्मचारी उसकी हाल तक जानना उचित नहीं समझा.

अस्पताल के इस प्रकार के रवैये से परिवार के लोग काफी नाराज दिखे. बच्चे के परिजन गोपाल कुमार ने अस्पताल के व्ययस्था पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अस्पताल में इलाज के नाम पर कुछ भी सुविधा नहीं है. अस्पताल बच्चे को पानी चढ़ाने के लिए एक बेड तक हुहैया नहीं कर पाया. यहां सिर्फ इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है. साथ ही वे बताते हैं कि हम क्या कर सकते हैं? बच्चे की जान बचाने के लिए किसी तरह इलाज करवाते हुए एंबुलेंस का इंतजार कर रहे हैं.

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First published: April 21, 2018, 8:08 PM IST
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