होम /न्यूज /बिहार /एक स्कूल ऐसा भी: स्टेट हाईवे के किनारे पेड़ के नीचे पढ़ते हैं बच्चे, जर्जर कमरे में बनता है मिड-डे-मील

एक स्कूल ऐसा भी: स्टेट हाईवे के किनारे पेड़ के नीचे पढ़ते हैं बच्चे, जर्जर कमरे में बनता है मिड-डे-मील

बिहार के दरभंगा-समस्तीपुर स्टेट हाईवे के किनारे एक पीपल पेड़ के नीचे एक विद्यालय की 3 कक्षाएं चलती है. जबकि दो कक्षा सम ...अधिक पढ़ें

अभिनव कुमार/दरभंगा. बिहार में स्कूली शिक्षा को पटरी पर लाने की तमाम कवायद और दावे के बीच आज भी कुछ ऐसे प्राइमरी स्कूल हैं, जो स्कूल कम सार्वजनिक स्थल ज्यादा दिखते हैं. एक कमरे के जर्जर सामुदायिक भवन में ठूंस कर भी शिक्षक दो कक्षा के ही छत्रों को रख पाते हैं. बचे हुए तीन कक्षाओं के छात्रों को मंदिर परिसर के पीपल पेड़ के नीचे पढ़ाया जाता है, जहां जब-तब लोगों का आना- जाना लगा रहता है. इससे छात्रों की पढ़ाई भी बाधित होती है. चंद कदम की दूरी पर स्टेट है-वे रहने से वाहनों के शोर के साथ-साथ छात्रों में भय भी बना रहता है.

दरभंगा जिले के हनुमाननगर प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भजनाही टोला डीहलाही का बुरा हाल है. इस स्कूल के लिए ना तो अपना भवन है और ना अन्य संसाधन. समुदायिक भवन के एक जर्जर कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं. इस कमरे के मकान में बच्चे भी पढ़ते हैं, उनका मध्याह्न।भोजन भी बनता है और खाना बनाने का सामान भी रखा जाता है.

छत से टूटकर गिरता है मलबा
दरभंगा जिले के हनुमाननगर प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भजनाही टोला डीहलाही में 125 छात्र-छात्राओं का नामांकन किया हुआ है. यहां कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई होती है. लेकिन आज भी यह विद्यालय अपने भवन के लिए टकटकी लगाए बैठा है. इस स्कूल मेंपढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि हमारे विद्यालय का अपना कोई भवन नहीं है. जिस सामुदायिक भवन में हमलोग पढ़ते हैं, वहां की स्थिति ठीक नहीं है. यहां की दीवार और छत से आए दिन मलबा झड़कर गिरते रहते हैं. कई बार तो यहां के बच्चे के ऊपर दीवार का मलबा गिरते गिरते रह गया.इन बच्चों ने सरकार से गुहार लगाई कि उनके लिए स्कूल भवन बनवा दिया जाए.

सड़क किनारे पेड़ के नीचे बच्चों को पढ़ना बन गई है मजबूरी
दरभंगा-समस्तीपुर मुख्य पथ के किनारे एक पीपल पेड़ के नीचे इस विद्यालय की 3 कक्षाएं चलती है, बाकी के दो कक्षा समुदायिक भवन के कमरे में चलती है. जोकि पूरी तरह से जर्जर अवस्था में है. यहां के शिक्षकों का कहना है कि रोड साइड में स्कूल है. हमेशा डर लग रहता है कि कहीं कोई बच्चा सड़क पर ना चले जाए.

स्कूल के शिक्षक बताते हैं कि यहां पढ़ाने का यहां एक ही कमरा है, वह भी सामुदायिक भवन में है. भवन के कमरे में कक्षा 4 और 5 की क्लास चलती है. जबकि सड़क किनारे मंदिर प्रांगण में 1 से 3 कक्षा तक का क्लास चलाया जाता है. यहां के शिक्षक सरकार से मांग करते हैं कि इन्हीं भी एक विद्यालय का भवन बना कर दें, जिसमें सुचारू ढंग से बच्चों को सुरक्षित तौर पर पढ़ाया जा सके. स्कूल की समस्या के संबंध में जब जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराने का प्रयास News18 डिजिटल ने किया, तो दोनों ही अधिकारी कैमरे पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिए.

Tags: Bihar News, Darbhanga news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें