बिहार: अनोखी है नीतीश और सीता की ये प्रेम कहानी! युवक ने किया कुछ ऐसा कि सबने कहा 'वाह'
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बिहार: अनोखी है नीतीश और सीता की ये प्रेम कहानी! युवक ने किया कुछ ऐसा कि सबने कहा 'वाह'
अनलॉक 1.0 में दूल्हा पहुंचा ससुराल और दुल्हन को विदा कराके घर ले गया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दूल्हा नीतीश सिकंदराबाद (Secunderabad) में काम करता था. लॉकडाउन (Lockdown) में घर आया हुआ था इसलिए वह काम पर वापस नहीं जा पाया. वह अपनी शादी से खुश है. उसने कहा कि सीता को देखने वाला कोई नहीं था इसलिए इसके जीवन का सहारा बना.

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दरभंगा. कहते हैं दिल लगी दीवार से तो परी क्या चीज है. ऐसी ही कहावत को चरितार्थ करती है दरभंगा (Darbhanga) के नीतीश और सीता की प्रेम कहानी. दरअसल सीता दोनों पांव से लाचार है और ट्राई साइकिल (Tri cycle) ही उसके जीवन का बड़ा सहारा है. लेकिन, इस ट्राई साइकिल पर चलनेवाली सीता पर नीतीश का दिल आ गया तो उसने भी सीता से विवाह रचा कर न सिर्फ अपनी प्रेम कहानी को अंजाम तक पंहुचा दिया बल्कि समाज में एक मिसाल भी पेश की.

इस तरह हुई थी दोनों की मुलाकात
दरअसल दरभंगा के कुशेश्वरस्थान की रहनेवाली सीता की बड़ी बहन की शादी विरौल के पोखराम गांव में हुई है. जहां सीता भी कभी-कभार जाया करती थी. बिरौल प्रखंड के रसलपुर का रहने वाला नीतीश भी अपने मामा के घर पोखराम जाया करता था. इसी बीच दोनों में जान पहचान हुई,  फिर आंखे चार और देखते ही देखते प्यार हो गया.

दरभंगा में दिव्यांग से शादी कर युवक ने पेश की मिसाल.




बात आगे बढ़ी तो दोनों ने शादी करने का फैसला किया. दोनों ने परिवारवालों के पास प्रस्ताव रखा और दोनों परिवार के लोग भी तैयार हो गये. गुरवार को आखिरकर भगवान् को साक्षी मानकर दोनों की शादी हिन्दू रीति रिवाज से संपन्न हुई.



 ट्राई साइकिल से पहुंची दुल्हन
शादी के लिए दुल्हन अपनी ट्राई साइकिल से मंदिर पहुंची तो ट्राई साइकिल पर ही दूल्हे ने दुल्हन को माला पहनायी. फिर दुल्हन की मांग में सिंदूर डाल सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा भी किया और भगवान् का आशीर्वाद प्राप्त किया. शादी के वक्त परिवारवालों के साथ गांव के भी लोग मौजूद थे. दुल्हन सीता अपनी शादी से बेहद खुश है. उसने कहा अब आगे का जीवन आसान हो गया है.

लॉकडाउन में फंसा था दुल्हन 
उधर दूल्हा नीतीश सिकंदराबाद में काम करता था लॉकडाउन में घर आया हुआ था इसलिए वह काम पर वापस नहीं जा पाया. वह अपनी शादी से खुश है. उसने कहा कि सीता को देखने वाला कोई नहीं था इसलिए इसके जीवन का सहारा बना.

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First published: May 28, 2020, 1:46 PM IST
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