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बिहार: पिता को साइकिल पर बिठा गुरुग्राम से दरभंगा ले आई थी 'श्रवण बिटिया', अब सम्मान करेगा जिला प्रशासन
Darbhanga News in Hindi

Vipin Kumar Das | News18 Bihar
Updated: May 20, 2020, 6:46 PM IST
बिहार: पिता को साइकिल पर बिठा गुरुग्राम से दरभंगा ले आई थी 'श्रवण बिटिया', अब सम्मान करेगा जिला प्रशासन
पिता को साइकिल पर बिठाकर गुरुग्राम से दरभंगा पहुंच गई ज्योति.

पिता को साइकिल पर बिठा कर हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (गुड़गांव) से अपने घर बिहार (Bihar) के दरभंगा पहुंची तो हर किसी ने ज्योति के इस हौसले को सलाम किया.

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पटना. एक तरफ कोरोना महामारी (Corona epidemic) और दूसरी ओर लॉकडाउन (Kockdown) के कारण हो रही मुश्किलें. बड़े से बड़े लोग इस दौर में अपना हौसला हार जा रहा हैं, लेकिन दरभंगा (Darbhanga) की एक 15 साल बेटी ने वो जज्बा दिखाया की आज हर कोई उसकी तारीफ कर रहा है. दरअसल मिथिलांचल की इस बेटी ज्योति ने अपनी साइकिल पर पिता को बिठाकर हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम से एक हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी सात दिन में तय की. वह एक दिन में 100 से 150 किलोमीटर अपने पिता को ही पीछे कैरियर पर बिठाकर साइकिल चलाती थी. जब कहीं ज्यादा थकान होती तो सड़क किनारे बैठ कर ही थोड़ा आराम कर लेती थी. रास्ते में कई तरह की परेशानियां हुईं ,लेकिन हर बाधा को ज्योति बिना हिम्मत हारे पार करती गयी.

इस दौरान ज्योति दो दिन तक भूखी भी रही. रास्ते में कहीं किसी ने पानी पिलाया तो कहीं किसी ने खाना खिलाया. पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बिठा कर हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (गुड़गांव) से अपने घर बिहार (Bihar) के दरभंगा पहुंची तो हर किसी ने उसके इस हौसले को सलाम किया. अब जिला प्रशासन भी इस श्रवण बिटिया का सम्मान करने उसके घर जा पहुंचा.

ज्योति अपने पिता को लेकर बिना रुके रास्ते की तमाम बाधाओं को पार कर दरभंगा जिला स्थित अपने गांव पहुंची है




जिला प्रशासन पहुंचा ज्योति के घर



दरअसल न्यूज़ 18पर खबर दिखाये जाने के बाद दरभंगा के DM त्याग राजन नेे संज्ञान लेते हुए इस गरीब परिवार की मदद के लिए दरभंगा सदर के SDO राकेश गुप्ता को ज्योति के घर भेजा. SDO राकेश गुप्ता ने ज्योति के घर सिरुहुलिया पहुंच कर पूरे परिवार का हाल-चाल जाना. साथ ही परिवार को मिलनेवाली सभी तरह के सरकारी लाभ के बारे में भी जानकारी ली.

  SDO ने कहा

सदर SDO राकेश गुप्ता ने भी ज्योति की तारीफ़ करते हुए उसे श्रवण कुमार की संज्ञा देते हुए कहा कि बच्ची ने अपने अस्वस्थ पिता को जिस तरह साइकिल पर बिठाकर गुड़गांंव से दरभंगा लेकर आ गई यह हैरान करनेवाली बात है. ऐसे बच्चे का मनोबल बढ़ाने की जरूरत है.

बच्ची ने आठवीं तक की पढ़ाई की है और  इसने आगे पढ़ने की इच्छा जाहिर ही है. जल्द ही इसके लिखने-पढ़ने का इंतिजाम किया जाएगा. साथ ही इन परिवार को फिलहाल कुछ सरकारी लाभ का फायदा मिल रहा है इसके बाद भी जरूरत के हिसाब से सभी सरकारी सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी.

DM ने कहा

दरभंगा केDM ने छोटी बच्ची के बुलंद हौसले को देखते हुए उसे निकट भविष्य में कुछ न कुछ करने का अश्वासन दिया है. पिता और उनकी बेटी को क्वारंटााइन  में रखा गया है. जैसे ही उनकी 14 दिनों का क्वारंटाइन अवधि समाप्त होगी उन्हें कुछ न कुछ सरकारी तौर पर अलग से मदद पहुंचाई जायेगी.

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First published: May 20, 2020, 5:11 PM IST
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