DMCH : ब्लड बैंक की लापरवाही ने ली 8 मरीजों की जान

दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) के ब्लड बैंक में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने मामला सामने आया है.

Vipin Kumar Das | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: September 8, 2017, 9:47 AM IST
Vipin Kumar Das | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: September 8, 2017, 9:47 AM IST
दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) के ब्लड बैंक में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने मामला सामने आया है. बल्ड बैंक की लापरवाही के कारण बीते दो सप्ताह में 8 मरीजों की जान चली गई है. यह आरोप खुद वहां काम कर रहे डॉक्टर ने लगाया है.

मामला सामने आते ही अस्पताल प्रबंधन ने पुरे मामले की जांच का आदेश दे दिया है. इस मामले को एक जूनियर डॉक्टर ने उजागर किया, जिसकी सूझबुझ से न सिर्फ गलत खून के कारण एक मरीज़ की जान जाते-जाते बची बल्कि ब्लड बैंक की घोर लापरवाही की भी कलई खोल कर रख दी.

दरअसल डीएमसीएच के ब्लड बैंक से खून लेकर जैसे ही एक मरीज़ को चढ़ाया गया कि उसकी हालत बिगड़ने लगी. जबतक डॉक्टर कुछ समझ पाते उससे पहले ही मरीज की मौत हो गयी. इसके बाद फिर दूसरे के लिए ब्लड बैंक से खून आया.

डॉक्टर ने जैसे ही मरीज़ को खून चढ़ाना शुरू किया कि मरीज की हालत सुधरने के बजाए बिगड़ने लगी. वहां मौजूद जूनियर डॉक्टर को कुछ शक हुआ. उसने जब खून के पैकेट को गौर से देखा तो पता चला कि पैकेट पर लिखे तारीख से छेड़छाड़ की गयी है.

डॉक्टर ने तुरंत मरीज को खून चढ़ाना बंद किया और मरीज की हालत सुधारने में लग गए. मरीज़ की हालत अभी स्थिर है, लेकिन इलाज़ कर रहे डॉक्टर अब गुस्से में हैं. उनकी माने तो मरीजों की मौत का कारण कुछ और होता है और जिम्मेवार इलाज़ कर रहे जूनियर डॉक्टरों को बना दिया जाता है.

कुछ देर के लिए अस्पताल में हो हंगामा भी होने लगा. गुस्साए डॉक्टरों ने मरीज़ को चढ़ रहे ब्लड लेकर ब्लड बैंक पहुंच गए और खुद वहां की स्थिति का जायजा लिया. स्थिति देखकर डॉक्टरों ने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि यहां कुछ भी सही नहीं. सभी मशीनें खराब या गंदे पड़े हैं.

डॉक्टरों ने ब्लड ग्रुप मैच कराने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खून को सुरक्षित रखने का जो सही तापमान मिलना चाहिए वह भी नहीं पूरा हो पा रहा है. ऐसे में ठीक ठाक खून मिलना बेमानी ही है.

जूनियर डॉक्टर ने यह आरोप लगाया कि आज भी एक मरीज़ की मौत गड़बड़ खून चढ़ाने के कारण हो गयी. जबकि दूसरे मरीज़ की हालत खून चढ़ाने के बाद बिगड़ते ही उसे रिकवर कर लिया गया. डॉक्टरों की माने तो महज़ दो सप्ताह के अंदर आठ लोगों की मौत गलत या एक्सपाइरी खून चढ़ाने से हुई है.

इधर अस्पताल प्रशासन मामला सामने आते ही जांच के आदेश दे दिए हैं. ब्लड बैंक के स्टोर इंचार्ज डॉक्टर ओम प्रकाश चौरसिया ने डॉक्टरों के आरोप को ख़ारिज करते हुए यह माना कि ब्लड रखने का जो तापमान है उसमे थोड़ी बहुत कमी जरूर थी. सूत्रों की माने तो लाल खून का काला खेल डीएमसीएच में काफी लम्बे समय से खेला जा रहा है.
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