दरभंगा DMCH में चार बच्चों की मौत, ढाई माह के मासूम ने कोरोना से तोड़ा दम

बिहार के दरभंगा में कोरोना से ढ़ाई महीने के बच्चे की मौत (सांकेतिक तस्वीर)

बिहार के दरभंगा में कोरोना से ढ़ाई महीने के बच्चे की मौत (सांकेतिक तस्वीर)

Corna Death In Bihar: बिहार के दरभंगा में ढाई माह के जिस बच्चे की मौत हुई है, उसका परिवार मधुबनी का रहने वाला है और बच्चे का इलाज पटना में भी हो रहा था.

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दरभंगा. कोरोना की तीसरी (Corona Third Phase) लहर की चिंता के बीच बिहार में एक ढ़ाई महीने के मासूम ने इस बीमारी से दम तोड़ दिया. दरभंगा स्थित उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच में पिछले लगभग 36 घंटे के दौरान चार बच्चों की मौत हुई है, जिसमें से तीन की मौत की वजह निमोनिया बताई जा रही है वहीं एक को कोरोना महामारी ने अपना शिकार बना लिया. मरने वाले सभी बच्चे मधुबनी जिले के रहने वाले थे जिसमें से तीन एक ही परिवार के हैं.

कोरोना पॉजिटिव था मासूम

ढाई महीने के बच्चे की मौत कोरोना से हुई है जो कोरोना पॉजिटिव होकर DMCH के शिशु विभाग में इलाज करवाने के लिए भर्ती हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. बच्चे का परिवार मधुबनी जिला का रहने वाला है. इससे पहले बच्चे की जब तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने मधुबनी से बच्चे को बेहतर इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहां बच्चे की तबीयत में सुधार नहीं हुआ.

मधुबनी का रहने वाला है परिवार
डॉक्टरों को शक हुआ और उन्होंने बच्चे का कोविड टेस्ट करवाया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इसके बाद बच्चे के माता-पिता ने बच्चे को DMCH में भर्ती करवाया जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चे की मौत हो गई. इस मामले में DMCH प्रशासन ने कहा कि ढाई माह की बच्चे की मौत कोरोना से हुई है, जिसे कोविड प्रोटोकॉल के तहत परिजनों को सौंप दिया गया है. बच्चे का इलाज पटना में भी परिजन करवा रहे थे. यहां उसे बचाने का प्रयास किया गया लेकिन आखिरकार बच्चे की मौत हो गई.

शिशु रोग विभाग में तीन और सगे भाई-बहनों ने भी तोड़ा दम

इसके अलावा शिशु वार्ड में मधुबनी जिला के इटहरवा गांव निवासी रामपुनीत यादव के तीन बच्चे चंदन, पूजा व आरती की मौत भी पिछले 24 घंटे में हो गई. रामपुनीत यादव ने तीनों बच्चों को 28 मई की शाम शिशु वार्ड में भर्ती करवाया. 29 मई की देर शाम चंदन और पूजा की मौत हो गई तथा 30 मई को आरती की भी मौत हो गई. इन सभी को निमोनिया जैसे लक्षण थे. सभी को बुखार था साथ ही सांस फूलने और देह-हाथ में सूजन से भी परेशान थे.



अस्पताल प्रशासन ल बयान

शिशु रोग विभाग के यूनिट इंचार्ज ने बताया कि दोनों बच्चों का बेहतर से बेहतर इलाज किया गया. दोनों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी थी. वे लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन से पीड़ित थे. उन लोगों को बचाने का पूरा प्रयास किया गया लेकिन हमारी कोशिश नाकाम रही.

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