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88 लोगों ने बैंक को ऐसे लगाया करोड़ों का चूना, पांच साल बाद हुआ खुलासा

News18 Bihar
Updated: August 3, 2018, 9:21 AM IST

मामला प्रकाश में आते ही बैंक प्रबंधन ने इसकी पूरी जांच पहले अपने स्तर पर की. उसके बाद 88 ग्राहक के साथ दो आभूषण कारोबारी (सोनार) के खिलाफ भी पुलिस में लिखित शिकायत की गई है.

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के गोल्ड लोन में करोड़ों का फर्जीवाड़ा सामने आया है. पीतल जमा कर बैंक से गोल्ड लोन निकाल लिया गया. इसके बाद बैंक ने थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. देश को चुना लगा कर नीरव मोदी भले ही देश से फरार हो गया हो, लेकिन वैसे शातिर दिमाग के कई और लोग हैं जो देश में बेरोक-टोक करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर रहे हैं.

दरअसल फर्जीवाड़ा का खुलासा दरभंगा जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कॉमर्शियल चौक शाखा में हुआ है. बैंक ने लहेरियासराय थाना में इसकी लिखित शिकायत की है. बैंक में नकली सोना यानी पीतल के बने आभूषणों को जमा कर लोगों ने एक करोड़ 49 लाख रुपये की निकासी कर ली. बैंक को इसकी भनक तक नहीं लग सकी.

पांच साल से चल रहे इस काले कारनामे का खुलासा होता भी नहीं अगर बाहर से आई बैंक को ऑडिट करने वाली टीम भौतिक रूप से उसका सत्यापन करने के लिए जमा आभूषण को नहीं देखती. बैंक में जमा सोने को जब ऑडिट जांच टीम ने देखा तो सभी के होश उड़ गए. बैंक ने जिसे सोना समझ कर अपने लॉकर रखा था वह जांच में नकली सोना यानी पीतल निकला.

आश्चर्य की बात यह है कि 88 लोगों ने इस काम को बड़ी ही आसानी से अंजाम दिया और बैंक से गोल्ड लोन की मोटी रकम उठा ली. बैंक को एक बार भी शक तक नहीं हुआ, जबकि एक आदमी ने कई बार गोल्ड लोन लिया. लोन निकालने वाले तमाम लोग एक-दूसरे के जानने वाले हैं. ऐसे में यह माना जा रहा है कि यह गोरखधंधा बिल्कुल एक सोची समझी रणनीति से किया जा रहा था.

मामला प्रकाश में आते ही बैंक प्रबंधन ने इसकी पूरी जांच पहले अपने स्तर पर की. उसके बाद 88 ग्राहक के साथ दो आभूषण कारोबारी (सोनार) के खिलाफ भी पुलिस में लिखित शिकायत की गई है. दोनों आभूषण कारोबारी ही नकली सोना को असली सोना का सर्टिफिकेट देता था. बैंक उसी आधार पर लोगों को गोल्ड लोन देने का काम करती थी.

एसबीआई कमर्शियल चौक शाखा के मैनेजर दिलीप चौधरी ने कहा कि बैंक के तरफ से लापरवाही हुई है. इसलिए ऐसी घटना हुई, लेकिन अपने कर्मचारी को बचाते हुए यह भी कहा कि सीधे-सीधे किसी बैंक कर्मचारी का इसमें हाथ नहीं नज़र आ रहा है. उन्होंने इस फर्जीवाड़ा का पूरा ठीकरा उस सोने के दुकानदारों पर फोड़ दिया, जिसने नकली सोने को असली सोना बता कर सर्टिफिकेट दिया था.

मैनेजर की मानें तो इस गोरखधंधे का मास्टर माइंड भी वही सोने का धंधा करने वाला दुकानदार है. उससे बैंक ने पहले से अपना एक अनुबंध कर रखा था. इधर बैंक से अनुबंध कर रखे दुकानदार का मामला सामने आते ही वह अपनी दुकान हीरा पन्ना ज्वेलर्स बंद कर फरार हो गया है.मामले की शिकायत के बाद ही पुलिस इस गोल्ड लोन घोटाले पर सक्रिय हो गई है. पुरे मामले को दरभंगा के एसएसपी मनोज कुमार खुद मॉनिटर भी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पूरा मामला 420 का है और पूरी जालसाजी एक सोची समझी साजिश का नतीजा है. इसमें बैंक, लाभ उठानेवाले ग्राहक और सोने की शुद्धता बतानेवाले दुकानदार से गहन पूछताछ की जायेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

( विपिन की रिपोर्ट )

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First published: August 3, 2018, 9:15 AM IST
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