Viral News: बिहार के इफ्तेखार को अमेरिकी कंपनी ने गिफ्ट में दी चांद पर जमीन, अब करेंगे मून यात्रा!

इफ्तेखार रहमानी.

इफ्तेखार रहमानी.

बिहार के दरभंगा (Darbhanga) ज़िले के बेनीपुर निवासी इफ्तेखार रहमानी को अमेरिका की कंपनी लूनर सोसाइटी इंटरनेशनल (Lunar Society International) ने चांद पर 1 एकड़ जमीन गिफ्ट दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 9:04 AM IST
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दरभंगा. बिहार के दरभंगा (Darbhanga) ज़िले के बेनीपुर निवासी इफ्तेखार रहमानी को अमेरिका की कंपनी लूनर सोसाइटी इंटरनेशनल (Lunar Society International) ने चांद (Moon) पर 1 एकड़ जमीन गिफ्ट दी. कंपनी चांद पर जमीन बेचने का काम करती है. इफ्तेखार रहमानी पेशे से सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और Arstudioz नामक कंपनी के मलिक भी हैं, जो नोएडा मे स्थित है. इफ्तेखार रहमानी के छोटे भाई से बात करने पर पता चला इफ्तेखार रहमानी लूनर सोसाइटी इंटरनेशनल के एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. कंपनी ने Arstudioz के साथ मज़बूत रिश्ता बनाने के लिए ये गिफ्ट  दिया है.

बता दें कि लूनर सोसायटी इंटरनेशन से फिल्म स्टार शाहरुख खान, सुशांत सिंह राजपूत, क्रिकेटर महेन्द्र सिंह धोनी समेत अन्य लोगों नें भी चांद पर जमीन खरीद रखा है. इस कड़ी में दरभंगा के लाल का भी नाम जुड़ जाने से पूरा क्षेत्र गौरवान्वित महसूस कर रहा है. दरभंगा में ये खबर खूब वायरल हो रही है. हालांकि चांद पर जमीन गिफ्ट मिलने के कोई ऑफिशियल दस्तावेज अब तक प्रस्तुत नहीं किए जा सके हैं.

घर की माली हालत अच्छी नहीं

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इफ्तेखार ने बीटेक की पढ़ाई एसएस कॉलेज, उदयपुर से की है. वे छह भाई-बहन हैं. इफ्तेखार के घर की माली हालत अभी भी बहुत अच्छी नहीं है. उनकी मां, बहन भाई पुराने खपरैल के घर में रहते हैं. दावा किया जा रहा है कि चांद पर जमीन मिलने के बाद इफ्तेखार को अब पूरी दुनिया के लोग जान सकेंगे. इफ्तेखार की मां नाजरा बेगम ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मुझे इस बात का गर्व है कि मेरा बेटा कामयाबी की बुलंदियों को छू रहा है. यह खबर मिलने से मेरे परिवार के लोग काफी खुश हैं. मेरे पुत्र ने कड़ी परिश्रम कर यह सफलता अर्जित की है.
देखने जाएंगे जमीन

मीडिया से चर्चा में इफ्तेखार ने दावा किया कि अमेरिकी कंपनी के पुराने सॉफ्टवेयर को अपडेट कर और बेहतर किया. इससे खुश होकर कंपनी ने मुझे चांद पर एक एकड़ जमीन दी है. इसकी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. मैं चांद पर अपनी जमीन देखने चार-पांच साल बाद जाऊंगा. उसके बाद योजना बनाऊंगा कि उस जमीन पर क्या करना है.
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