Home /News /bihar /

दरभंगा: अधर में है ललित नारायण मिथिला विवि के 85000 छात्रों का भविष्य, कुलपति ने भी झाड़ा पल्ला

दरभंगा: अधर में है ललित नारायण मिथिला विवि के 85000 छात्रों का भविष्य, कुलपति ने भी झाड़ा पल्ला

रिजल्ट नहीं जारी होने की वजह से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के 85 हजार छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.

रिजल्ट नहीं जारी होने की वजह से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के 85 हजार छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.

Bihar: ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय और डेटा सेंटर की लापरवाही की वजह से 85 हजार छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. दरअसल डेटा सेंटर ने 20 लाख छात्रों का डेटा अपने पास रोक रखा है. ऐसे में स्नातक पार्ट-3 का रिजल्ट जारी नहीं हो पा रहा है.

अधिक पढ़ें ...

दरभंगा. दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय (Lalit Narayan Mithila University Darbhanga) और डेटा सेंटर की लापरवाही की वजह से 85 हजार छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. दरअसल डेटा सेंटर ने 20 लाख छात्रों का डेटा अपने पास रोक रखा है. ऐसे में स्नातक पार्ट-3 का रिजल्ट जारी नहीं हो पा रहा है. वहीं इस मामले पर कुलपति (Vice Chancellor ) ने भी हाथ खड़े कर लिए हैं. अब यह पूरा मामला अदालत में पहुंच गया है. अब ऐसे में हजारों छात्र परेशान हो रहे हैं और रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं. बुधवार को भी विश्विद्यालय प्रांगण में छात्रों ने रिजल्ट जारी करने की माग को लेकर प्रदर्शन किया.

रिजल्ट नहीं जारी होने से परेशान होकर ललित नारायण मिथिला विवि के छात्र कॉपी कलम की जगह हाथों में अपनी मांगों के बैनर पोस्टर लेकर घूमते नजर आ रहे हैं. इन्हें अपनी ही डिग्री लेने के लिए नेतागिरी करने पर मजबूर कर दिया गया है. छात्रों का कहना है कि उन्होंने मेहनत कर तृतीय पार्ट फाइनल ईयर का परीक्षा दी है अब रिजल्ट में देरी की वजह उनके आगे के करियर पर असर पड़ रहा है. बताया जाता है कि कई छात्रों का चयन बिहार से बाहर दूसरे यूनिवर्सिटी के लिए भी हो गया है. लेकिन फाइनल ईयर का रिजल्ट (Final Year Result) नहीं जारी होने के कारण छात्र एडमिशन नहीं ले पा रहे हैं. वहीं इस पूरे मामले पर विश्विद्यालय प्रशासन ने मामला अदालत में होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है.

जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें, विश्वविद्यालय ने छात्रों की सुविधा के लिए एक निजी कंपनी के साथ 2016 में अनुबंध किया था, इसके अनुसार छात्रों का ऑनलाइन सभी तरह के फॉर्म भरने से लेकर रिजल्ट प्रकाशन करने का काम निजी कम्पनी के हाथ में था. इसी बीच विश्विद्यालय ने यह अनुबंध अब पहले से काम कर रहे कंपनी को छोड़ दूसरी कंपनी से कर लिया. ऐसे में पहली कंपनी विश्विद्यालय के इस फैसले के खिलाफ न सिर्फ अदालत में चली गयी बल्कि छात्रों के सभी प्रकार के डाटा को भी देने से इनकार कर दिया. यही कारण है कि छात्रों के कॉपी मूल्यांकन के बाद भी विश्विद्यालय और डाटा सेंटर की इस लड़ाई में रिजल्ट घोषित नहीं हो पाया है ।


स्टूडेंट्स परेशान, कुलपति झाड़ रहे पल्ला
इधर रिजल्ट नहीं जारी होने के कारण परेशान छात्रा प्रीति कुमारी ,अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्हें फाईनल ईयर का रिजल्ट नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में हमलोगों का इस साल का सेशहन्न एलईटी हो जाएगा. उन्होंने बताया कि तकरीबन एक लाख छात्रों का भविष्य अंधकार में है.

वहीं इस मामले को लेकर कुलपति सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पहले से काम करने वाली कम्पनी विश्विद्यालय को लगातार ब्लैकमेल कर रही थी, उनका अनुबंध खत्म होने से पहले रिजल्ट प्रकाशन की बात कही गई थी, लेकिन, उस कंपनी ने रिजल्ट प्रकाशन नहीं किया और मामले को अदालत में लेकर चली गयी. कंपनी के पास करीब 20 लाख छात्रों का डेटा है जिसे अब तक नहीं दिया गया है. छात्रों के रिजल्ट देने के मामले में उन्होंने अपने हाथ सीधे खड़े करते हुए कहा कि अदालत के फैसले के बाद ही छात्रों का रिजल्ट सम्भव है

Tags: Bihar education, Bihar Government, Darbhanga news

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर