नीतीश कुमार का ऐलान- दरभंगा और पूर्णिया में जल्द बनेगा एयरपोर्ट

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने दरभंगा और पूर्णिया में जल्द एयरपोर्ट शुरू होने की बात कही.

हिमांशु झा | News18Hindi
Updated: December 25, 2017, 6:57 AM IST
नीतीश कुमार का ऐलान- दरभंगा और पूर्णिया में जल्द बनेगा एयरपोर्ट
तालकटोरा स्टेडियम में नीतीश कुमार (न्यूज18हिंदी-फोटो)
हिमांशु झा
हिमांशु झा | News18Hindi
Updated: December 25, 2017, 6:57 AM IST
कुछ ही दिनों में मिथिलांचल के लोग दिल्ली सहित कुछ अन्य शहरों से हवाई सफर करते हुए अपने घर जा सकेंगे. यह कहना है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश ने दरभंगा और पूर्णिया में जल्द एयरपोर्ट शुरू होने की बात कही.


नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार दरभंगा और पूर्णिया में एयरपोर्ट के लिए लिए जमीन अधिग्रहण की दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि जरूरी जमीन अधिगृहित होने के बाद जल्द ही टर्मिनल निर्माण का भी काम शुरू हो जाएगा. इस कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा सांसद प्रभात झा, जेडीयू महासचिव संजय झा और पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भी शिरकत की.



नीतीश कुमार दिल्ली के तालकटोरा स्टोडियम में अखिल भारतीय मिथिला संघ के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम का उद्धाटन करते हुए नीतीश कुमार जैसे ही मैथिली में बोलना शुरू किए कि पूरा स्टोडियम तालियों की गरगराहट से गूंज उठा. मुख्यमंत्री अपने भाषण के दौरान अधिकांश समय मैथिली में बोलते दिखे.


इस दौरान उन्होंने कहा कि जैसे बिहार के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है, वैसे ही मिथिला के विकास के बिना बिहार का विकास संभव नहीं है. इस दौरान उन्होंने देवी सीता की जन्मस्थली जानकी धाम के विकास में भी हर संभव मदद देने का भरोसा दिया. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के पुरातत्व विभाग से बात कर मधुबनी जिला स्थित बलिराजगढ़ में खुदाई के लिए आग्रह करने की भी बात कही.


मैथिली भाषा के प्रति अपना प्रेम जाहिर करते हुए उन्होंने अपने इंजीनियरिंग कॉलेज में बिताए समय को याद किया और बताया कि कैसे अपने दोस्त से उन्होंने मैथिली बोलना सीखा. इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दिल्ली में रहने वाले मिथिलांचल के प्रवासी लोग भी शामिल हुए.
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