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पाकिस्तान से लौटी गीता की दरभंगा आने की ख्वाहिश, गांव और चाचा को पहचानने का दावा

News18 Bihar
Updated: January 5, 2019, 5:43 PM IST

हवासा गांव की कई जगहों को गीता ने पहचानने का दावा किया, लेकिन मां की पहचान नहीं कर पाई. चाचा को पहचानने की बात कहकर गीता ने दरभंगा आने की इच्छा जताई है.

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पाकिस्तान से भारत लौटी मूक-बधिर गीता को बिहार के दरभंगा में रहने वाले एक परिवार ने अपनी बेटी होने का दावा किया था. गीता को अपनी बेटी बताने वाले बिहार के दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड के हवासा गांव के रहनेवाले मांझी परिवार को तब और ज्यादा बल मिला जब सरकार की पहल पर गीता ने खुद वीडियो कॉलिंग की. इसके माध्यम से न सिर्फ इस परिवार के सामने आकर पहचाने की कोशिश की बल्कि गांव की कई चीजों को करीब से देखा और कई चीजों की पहचान भी की.

दरअसल परिवार के दावे पर दरभंगा जिला प्रशासन हरकत में आया और वीडियो कॉलिंग के जरिये गीता को हवासा गांव की पहचान करवाने की कोशिश की गई. हवासा गांव की कई जगहों को तो गीता ने पहचानने का दावा किया, लेकिन मां की पहचान नहीं कर पाई. चाचा की थोड़ी बहुत पहचान की बात कहकर गीता ने दरभंगा आने की इच्छा जताई है.

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गीता ने ये बताया कि उसके गांव में भी कुछ ऐसी ही चीजें थीं जो उसे अभी दरभंगा के इस हवासा गांव में दिख रही हैं. गीता ने अपने गांव के बारे में कुछ इशारों से बातें बताई जिसका मतलब था कि उसके घर के पास एक आटा चक्की है, बगल में मंदिर, और पोखर है, मंदिर के पास ही एक डिस्पेंसरी है, उसकी नानी का घर भी बगल में है और वहा ईंट की चिमनी है. आपको बता दें कि  ये लगभग सभी बातें हवासा गांव में मिलती नजर आ रही हैं.

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गीता ने खुद विडियो कॉलिंग पर मीडिया के सामने आकर कहा कि कई चीजें हैं जो इस गांव से मेल खा रही है और काफी कुछ समानताएं भी हैं. यही कारण है कि गीता ने खुद हवासा गांव आने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि जब खुद वह अपनी आखों से देखेगी तो बहुत कुछ याद आ जाएगा.

आपको बता दें कि दरभंगा के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने News18 की खबरों को संज्ञान में लेते हुए परिवार के दावे की जांच हायाघाट के BDO राकेश कुमार से करवाई. जांच रिपोर्ट में भी साफ लिखा है कि तथ्यात्मक विश्लेषण से पता चलता है कि गीता पर उसकी मां और परिवार का दावा सही हो सकता है. जांच में सत्यता सामने आने के बाद दरभंगा के डीएम ने पूरी जांच रिपोर्ट गृह विभाग के माध्यम से विदेश मंत्रालय को भी भेज दी थी.ये भी पढ़ें-  रघुवंश सिंह का बड़ा बयान, कहा- छोटी पार्टियां सीटों को लेकर सौदेबाजी न करें

इसके बाद दरभंगा डीएम की पहल पर मध्य प्रदेश के सामाजिक सुरक्षा के निदेशक और इंदौर के डीएम ने मिलकर गीता को अपनी बेटी बतानेवाले परिवार से आमने-सामने कराने का फैसला लिया. इस काम में दरभंगा के हायाघाट के BDO सह जांच अधिकारी राकेश कुमार को लगाया गया, राकेश कुमार ने तत्काल अपने मोबाइल पर गीता को लाइव वीडियो पर लिया और परिवार वालों से पहचान करवाने की कोशिश की.

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बीडीओ राकेश कुमार ने कहा कि पहले परिवार के दावे में कुछ सच्चाई लग रही है. अब खुद गीता की बताई बातों में सच्चाई मिलती जा रही है. इससे प्रतीत होता है की गीता ही कहीं न कहीं हवासा से लापता संगम है. गीता की बताई बातों में करीब 80 प्रतिशत बातें सत्य साबित हो रही हैं. जाहिर है अब सबको गीता के दरभंगा आने का इंतजार है. हालांकि पूरी सत्यता की जांच के लिए DNA टेस्ट भी कराया जा सकता है.

इधर गीता को अपनी बेटी बतानेवाली शोभा देवी को पूरा विश्वास है कि भले ही गीता ने उसे मोबाइल पर नहीं पहचाना लेकिन दरभंगा पहुंच कर उससे मिल कर उसे जरूर पहचान जाएगी. गीता को अपनी भतीजी बतानेवाले कमरू मांझी ने साफ कहा कि गीता ही उसकी भतीजी संगम है जो लम्बे समय से गायब है और गीता ने गांव के साथ उसे भी पहचान भी लिया है.

आपको बता दें कि 10 से 12 साल पहले भारत से भटक कर पकिस्तान पहुंची और फिर वहां के विदेश मंत्रालय की मदद से हिन्दुस्तान लौटी गीता, उर्फ़ गुड्डी के अब अपनी बेटी होने का दावा बिहार के दरभंगा का एक परिवार कर रहा है. इसकी आवाज बन News18 ने इस खबर को लगातार प्राथमिकता से दिखाया जिसके बाद दरभंगा से इंदौर तक का प्रशासन गीता को अपने परिवार से मिलाने मे जुटा है.

रिपोर्ट- विपिन कुमार दास

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First published: January 5, 2019, 12:22 PM IST
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