बिहार: कोरोना का 'सर्वनाश' कर चमके पतौर के मुखिया अवनीश, बेहतर कार्य के लिए टॉप सिक्स में बनाई जगह

कोरोना काल में दरभंगा के पतौर पंचायत ने पेश की मिसाल.

कोरोना काल में दरभंगा के पतौर पंचायत ने पेश की मिसाल.

Darbhanga News: पिछले साल कोरोना काल में पतौर पंचायत में 13 लोग कोरोना से संक्रमित हुए थे, जिसके बाद से ही मुखिया ने जनसहयोग से कोरोना वॉरियर्स की टीम बनायी और जुट गये संक्रमण को दूर करने के लिए.

  • Share this:

दरभंगा. जब पूरा देश कोरोना के कोहराम से परेशान था तब दरभंगा ज़िले के पतोर पंचायत के मुखिया अवनीश कुमार स्वयं एवं गांववालों के साथ पूरे पंचायत को कोरोना के संक्रमण से बचाने की जद्दोजहद में लगे थे. यही कारण है कि निश्चल मन और निष्ठा भाव से किए गए कार्य का आज उनको फल भी मिला है कोरोना प्रसार के रोकथाम में जिले के हायाघाट प्रखंड के पतोर पंचायत को  बेहतर कार्य के लिए बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के पोर्टल पर छठा स्थान मिला है. इस पंचायत को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया है.

मुखिया ने पिछले साल कोरोना की पहली लहर के दौरान ही पंचायत के लोगों को जागरूक करने का काम तो किया ही साथ ही समय पर गांव टोले को सेनिटाइज करवाने के साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखा था. इसके बाद जब टीकाकरण अभियान शुरू हुआ तो उन्होंने ग्रामीणों को टीका लगवाने के लिए भी प्रेरित किया. उनके प्रयास की वजह से ही पंचायत में करीब  80 % तक वैक्सीनेशन का काम हो चुका है.

बता दें कि पिछले साल कोरोना काल में पंचायत में 13 लोग कोरोना से संक्रमित हुए थे, जिसके बाद से ही मुखिया ने जनसहयोग से कोरोना वॉरियर्स की टीम बनायी और जुट गये संक्रमण को  दूर करने के लिए. सरकार के दिए गाइडलाइन पर अमल करने का ही परिणाम है कि आज पूरा पंचायत कोरोना मुक्त हो गया  है. पतोर पंचायत के मुखिया अवनीश कुमार का कहना है कि मैं प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कोटि-कोटि धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हम सभी को मन की बात के द्वारा प्रोत्साहित किया और हम लोग उनके द्वारा निर्देश गाइडलाइन को पालन करते हुए अपने पंचायत को कोरोना महामारी से बचा पाए.

दरभंगा के पतौर पंचायत में एक भी कोरोना मरीज नहीं.

मुखिया अवनीश ने कहा कि पिछले साल हमारे यहां 13 कोरोना से संक्रमित  थे. उन सभी को हमलोगों ने देखभाल करने के साथ ही मॉनिटरिंग किया. इस कार्य में  स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आशा दीदी, जीविका दीदी के साथ सभी लोगों की मेहनत से पूरा किया गया.  इस प्रयास से कोरोना संक्रमित सभी व्यक्ति 10 दिन में उ ठीक हो गए. आज हमारे यहां एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं है. हमारे पंचायत में 2400 सौ परिवार हैं और सभी लोग स्वस्थ हैं.

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने अभी तक 14400 मास्क पूरे पंचायत में बांट दिए गए. सैनिटाइजर का काम 80 परसेंट हो गया है. इनके अलावा शिविर लगाकर सभी लोगों को वैक्सीनेशन भी कराए हैं. उन्होंने कहा कि हमारे यहां 45 से  ऊपर वाले लोग  का 80 % तक वैक्सीनेशन का काम हो चुका है. दूसरे डोज लेने के के लिए लोग तैयार हैं.

ग्रामीण भी कोरोना काल में मुखिया के द्वारा जारी निर्देश को मानते है. गांव के विश्वजीत कुमार ने कहा पिछले साल भी मुखिया जी का बेहतर काम रहा. इस बार भी जब दुसरा लहर शुरू हुआ मुखिया जी ने आशा कार्यकर्ता के साथ जनप्रतिनिधि के साथ मिल कर काम किया और हर घर को सेनिटाइज करवाया. साथ ही गांव में होने वाले किसी भी समारोह में भीड़ न हो खुद कमान संभाले रहते हैं. यही सब कारण है कि पिछले साल जहां शुरुआती कोरोना में ही 13 मरीज थे अब जीरो पर आ गया है. गांव में प्रधानमंत्री मोदी के बताये हुए गाइडलाइन का पालन मुखिया जी ग्रामीणों से करने को कहते हैं और खुद भी करते है.



हायाघाट के प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि बहुत गर्व की बात है कि बिहार के सभी ग्राम पंचायतों में से कुल 6 पंचायतों का चयन विभिन्न मानदंडों के आधार पर किया गया है. जिसमें प्रखंड का पतौर पंचायत भी शामिल है. यहां शत-प्रतिशत मास्क वितरण, सैनिटाइजेशन और वैक्सीनेशन का बेहतर कार्य किया गया है. बीडीओ ने उक्त कार्य के लिए उक्त पंचायत के मुखिया अविनाश कुमार समेत समस्त जनप्रतिनिधियों जनता के साथ-साथ जिला पदाधिकारी को धन्यवाद दिया है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज