'पिछड़ी जाती से नहीं हैं PM मोदी, इसलिए नहीं समझते हैं पिछड़ों का दर्द'

'पिछले चुनाव में पीएम मोदी ने खुद को पिछड़ा समाज से बातकर वोट ले लिया था, लेकिन इस बार यह नहीं होगा.

News18 Bihar
Updated: April 25, 2019, 4:57 PM IST
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राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा है कि अगर नरेंद्र मोदी पिछड़ी जाती के होते तो वे आरक्षण को नहीं हटाते. कुशवाहा की माने तो पीएम मोदी पिछड़ी समाज से नहीं हैं. यही वजह है कि वे पिछड़ी समाज के लोगो के दर्द को नहीं समझ पा रहे हैं. इस दौरान रालोसपा सुप्रीमो ने यही भी कहा कि नरेंद्र मोदी कहने के लिए पिछड़ी जाती से हैं, लेकिन वो जन्मजात पिछड़ा नहीं है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बीजेपी की सरकार के लोगों का चेहरा अंदर कुछ और बाहर से कुछ और है.

वहीं, अपने भाषण के दौरान उपेन्द्र कुशवाहा ने रामलीला की तुलना बीजेपी से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से रामलीला में सीता को सीता मैया के रूप में देखते हैं, लेकिन परदे के पीछे वही सीता मैया को सिगरेट पीते हुए भी देखा जाता है. रालोसपा सुप्रीमो की माने तो ठीक सीतामैया के कीरदार की तरह ही बीजेपी भी है. क्योंकि भाजपा कहती कुछ है और करती कुछ है.

रालोसपा सुप्रीमो ने कहा कि पिछले चुनाव में पीएम मोदी खुद को पिछड़ा समाज से बातकर वोट ले लिए थे. लेकिन इस बार यह नहीं होगा. उन्होंने कहा कि मैं तो एनडीए में रहकर आया हूं तो जानता हूं कि बीजेपी कैसी पार्टी है. वहीं, दूसरी तरफ मुकेश साहनी ने कहा की बीजेपी की सरकार झूठी सरकार है. ये सभी को ठगती है. उन्होंने कहा कि देश का सबसे झूठा व्यक्ति कोई है तो वो नरेंद्र मोदी हैं. बता दें कि दरभंगा के बेनीपुर प्रखंड में महागठबंधन के उम्मीदबार अब्दुलबरी सिद्दीकी के समर्थन में दोनों नेताओं ने ये बातें कही.

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