अली अशरफ फातमी ने दिया राजद के विभिन्न पदों से इस्तीफा, मधुबनी से लड़ेंगे चुनाव

फातमी ने इसके साथ यह भी कहा कि मैं 18 तारीख तक पार्टी के निर्णय का इंतजार करूंगा. अगर 18 अप्रैल तक राजद ने मेरे हक में फैसला नहीं लिया तो मैं राजद की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दूंगा.

News18 Bihar
Updated: April 16, 2019, 12:11 PM IST
अली अशरफ फातमी ने दिया राजद के विभिन्न पदों से इस्तीफा, मधुबनी से लड़ेंगे चुनाव
अली अशरफ फातमी
News18 Bihar
Updated: April 16, 2019, 12:11 PM IST
पार्टी से नाराज चल रहे राजद नेता अली अशरफ फातमी ने राजद के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. फातमी ने कहा कि मैंने ये फैसला तेजस्वी यादव के उस बयान को देखने के बाद लिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि जिन्हें टिकट नहीं मिला है वो स्वत्रंत हैं और वो निर्दलीय लड़ने के लिये भी स्वतंत्र हैं.

ये भी पढ़ें- पटना में रग्बी के नेशनल प्लेयर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

फातमी ने कहा कि मैंने तेजस्वी के इस बयान को सुनने के बाद निर्णय लिया है. फातमी ने इसके साथ यह भी कहा कि मैं 18 तारीख तक पार्टी के निर्णय का इंतजार करूंगा. अगर 18 अप्रैल तक राजद ने मेरे हक में फैसला नहीं लिया तो मैं राजद की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दूंगा. उन्होंने कहा कि मधुबनी में 18 अप्रैल को लास्ट डेट है नॉमिनेशन का और अगर उस दिन फैसला नहीं हुआ तो मैं किसी पार्टी से या फिर निर्दलीय ही चुनाव लड़ूंगा.

ये भी पढ़ें- राजद का प्रचार करने पर बदमाशों ने मारी गोली, जेडीयू प्रत्याशी के भाई पर लगा आरोप

फातमी ने कहा कि मैं नहीं चाहता हूं कि पार्टी से अलग हो जाउं. उम्मीद है कि पार्टी मुझे निराश नहीं करेगी. मैंने इस इलाके में राजद को मजबूत किया है. मेरे लिए ये दुख का दिन होगा जब मैं इससे अलग होउंगा. फातमी ने कहा कि मैं पार्टी की संसदीय समिति, राष्ट्रीय परिषद से इस्तीफा देता हूं. इसके साथ ही फातमी ने ये भी साफ किया कि वो उस स्थिति में मधुबनी लोकसभा सीट से अपना नामांकन करेंगे यदि कांग्रेस शकील अहमद को अपना सिंबल नहीं देती है.

ये भी पढ़ें- कांग्रेस के प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने वाले शकील अहमद आज मधुबनी से करेंगे नामांकन

मालूम हो कि इस सीट को लेकर फातमी लगातार पार्टी पर दबाव बना रहे हैं लेकिन पार्टी ने उनकी नहीं सुनी है. फातमी को सीमांचल का कद्दावर नेता माना जाता है और वो लालू के भी करीबी माने जाते थे लेकिन इस बार पार्टी ने उन पर भरोसा नहीं जताया है. इससे पहले भी फातमी ने विक्षुब्धों की बैठक बुलाई थी.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...