बिहार: दरभंगा में 4 बच्चों की मौत, थर्ड वेव कोरोना की आशंका से हड़कंप! 27 जिलों में बनेगा 10-10 बेड वाला बच्चों का ICU

बिहार में कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबले की तैयारी

बिहार में कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबले की तैयारी

Corona Third Wave: चिकित्सा विशेषज्ञों ने देश में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई है, जिसमें सबसे ज्यादा बच्चे ही इसकी चपेट में आएंगे. इस बीच बिहार के दरभंगा में 24 घंटे में 4 बच्चों की मोौत से लोगों में दहशत फैल गई है.

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पटना. कहा जा रहा है कि नवंबर के आसपास कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है. ऐसी भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि थर्ड वेव के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों को पहुंच सकता है. हालांकि इस बीच बिहार के दरभंगा से ऐसी खबर सामने आई है कि अभी से लोगों में दहशत फैल रही है. दरअसल दरभंगा मेडिकल कॉलेज में एक दिन में ही चार बच्चों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि इनमें से एक बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया था, जबकि तीन बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी. हालांकि मिली जानकारी के अनुसार तीनों बच्चों में निमोनिया की शिकायत थी और सभी को सांस लेने में भी दिक्कत थी. जाहिर है तीसरी वेव की आशंका के बीच इन चार बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है.

बता दें कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रिंसिपल ने बच्चों को सांस लेने में दिक्कत की पुष्टि की और यह भी जानकारी साझा की कि उनमें एक बच्चा कोरोना पॉजिटिव भी था, बाकी तीन बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, हालांकि प्रिंसिपल ने बताया कि तीन बच्चों में निमोनिया जैसे लक्षण भी थे और उनकी हालत काफी गंभीर थी. जाहिर है मामला गंभीर है और इसको लेकर अब बिहार सरकार के स्तर पर भी सतर्कता बरती जा रही है और इसके साथ ही असामान्य परिस्थितियों के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है.

27 जिलों में 10-10 बेड का ICU

मिली जानकारी के अनुसार बिहार में संभावित तीसरी लहर के दौरान बच्चों को संक्रमण से बचाव व इलाज के लिए 27 जिलों में बच्चों का 10 बेड का आईसीयू बनेगा. ये आईसीयू जिला अस्पतालों या संबंधित जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बनाए जाएंगे. इसके अलावा  सभी ज़िलों में 10 से 20 बेड का सीपीसीयू (कंप्रिहेंसिव पीडियाट्रिक केयर यूनिट) बनाये जाएंगे. बताया जा रहा है कि इसके लिए दो महीने का समय निर्धारित किया गया है.
स्वास्थ्य विभाग के साथ आपदा प्रबंधन विभाग 

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की हाल ही में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया. अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक में तीसरी लहर के दौरान राज्य में बच्चों को कोरोना से बचाव और तैयारियों को लेकर विमर्श किया और इसके बाद कार्ययोजना तैयार की गई. इसमें लिए गए निर्णय के अनुसार एक सप्ताह के अंदर राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में बच्चों के इलाज की सुविधा का आंकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है.

0-2 साल तक के बच्चों के लिए ऑक्सीमीटर भी



बताया जा रहा है कि रिपोर्ट विभाग को कार्रवाई के लिए देने, दो सप्ताह के अंदर राज्य में संचालित पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) और सीपीसीयू को पूरी तरह से फंक्शनल करने, एक सप्ताह के अंदर बच्चों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों का आकलन करने और उसके भंडारण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया. इसमें विशेष रूप से 0 से 2 साल के बच्चों के लिए ऑक्सीमीटर के इंतजाम का निर्णय शामिल है. बैठक में अस्पतालों में बच्चों के लिए ऑक्सीजन वाला बेड, जांच और इलाज को लेकर समन्वय बनाने, प्रशिक्षण देने सहित अन्य बिंदुओं पर भी निर्णय लिए गए.

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