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दरभंगा: जिस स्टेडियम में पहली गेंद पर बोल्ड हुए थे जहीर खान, आज वह गिन रहा अंतिम सांसें

नेहरू स्टेडियम पर कभी टीम इंडिया के कई स्टार खिलाड़ी खेल चुके हैं. नेशनल खिलाड़ियों की मैच स्थानीय खिलाड़ियों के साथ यह ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- अभिनव कुमार

दरभंगा. एक समय था जो जिला मुख्यालय स्थित नेहरू स्टेडियम के नाम कई कीर्तिमान उपलब्धियां हुआ करती थी. आज बस यादों में सिमटी बातें लोगों को सता रही है. जिस ग्राउंड पर नेशनल के खिलाड़ियों को यहां के खिलाड़ी ने 1 बॉल पर आउट कर दिया था. आज वह स्टेडियम अपने अस्तित्व में आने के लिए तरस रहा है. कई वर्षों से इस स्टेडियम के जीणोद्धार के लिए आई रकम विभाग के बैंक खातों की शोभा बढ़ा रही थी. अंततः स्टेडियम कमेटी के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह और जिलाधिकारी के प्रयास से नेहरू स्टेडियम की कायाकल्प बदलने की उम्मीद जगी है.

एक बॉल पर जहीर खान को किया था आउट

स्टेडियम कमेटी के सचिव, जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिस समय यहां के सांसद कीर्ति झा आजाद थे. उस समय उनके द्वारा नेशनल खिलाड़ियों कि एक मैच स्थानीय खिलाड़ियों के साथ इसी ग्राउंड में करवाया गया था. जिसमें दरभंगा के स्थानीय खिलाड़ी ने जहीर खान को एक बॉल पर ही आउट कर दिया था. नेशनल खिलाड़ी में यहां पर कैफ़, जाहिर खान, गौतम गंभीर, हरभजन सिंह खेले थे. उस मैच में यहां के खिलाड़ियों का उम्दा प्रदर्शन रहा. हालांकि मौसम खराब होने की वजह से मैच पूरी नहीं हो सकी लेकिन जो ही मैच हुआ काफी रोमांचक मैच था.

स्टेडियम खंडहर जैसा खिलाड़ियों का भविष्य अंधकार में

दरभंगा कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित नेहरू स्टेडियम अब खंडहर में तब्दील होता दिख रहा है. मुख्य सड़क से यह लगभग ढाई फीट नीचे चला गया है. वहीं अगर स्टेडियम की अंदर की बात करें तो जो दर्शक दीर्घा होती है दर्शकों को बैठकर मैच का आनंद लेने की जगह वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है . चारों तरफ जंगलों का अंबार उपज गया है . सही देखरेख और मरम्मत नहीं होने से स्टेडियम खंडहर में तब्दील हो गई है.

स्टेडियम को खंडहर बनने की दिशा में प्रशासनिक लापरवाही आई सामने

कोई भी है स्टेडियम बच्चों के या फिर खिलाड़ियों के खेलने के लिए होता है. इस स्टेडियम में बांस बलों के साथ तंबू पूरे वर्ष लगा रहता है. विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम सालों भर इस स्टेडियम में होता है. स्थानीय खिलाड़ी सचिन कुमार बताते हैं कि शहर मुख्यालय में दो-दो स्टेडियम होने के बावजूद भी हम लोगों को इधर उधर भटक कर अपना प्रैक्टिस करना पड़ता है . अगर स्टेडियम का सही देखरेख होता तो हम लोगों को काफी फायदा मिलता.

सिंह ने बताया कि 2012 में जब विवेक कुमार सिंह बिहार सरकार के प्रधान सचिव थे कला संस्कृति के तो यहां उनके द्वारा बहुत सारे काम हुआ. उसके बाद निरंतर चुनाव और सरकारी कार्यक्रम इस मैदान में होते रहे हैं. लेकिन इसका मेंटेनेंस नहीं हो पाया. जिसके वजह से आज इस स्टेडियम की ऐसी स्थिति है. जब फिर विवेक कुमार सिंह प्रिंसिपल सेक्रेट्री हुए कला संस्कृति विभाग के तो उनके द्वारा 2 करो 97 लाख रुपया पीडब्ल्यूडी (बिल्डिंग) को विमुक्त किया गया ताकि इसकी मरम्मत कराई जा सके . लेकिन 6 वर्षों से यह पैसा यूं ही पड़ा हुआ है.

Tags: Darbhanga news

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