बिहार में दिखी अनोखी शादी, दुल्हन को लेने ई-रिक्शा से निकला दूल्हा

ग्लोबल वार्मिंग के कारण उत्त्पन होने वाले खतरों को दर्शाते हुए पंडाल में स्टॉल लगाए गए. वरमाला के तुरंत बाद न सिर्फ दूल्हा-दुल्हन ने मिलकर पेड़ लगाए, बल्कि शादी में पहुंचे सभी मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट में पेड़ भी दिए गए.

News18 Bihar
Updated: February 11, 2019, 11:50 AM IST
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Updated: February 11, 2019, 11:50 AM IST
बिहार के दरभंगा में एक अनोखी शादी देखने को मिली. जहां निमंत्रण कार्ड के रूप में भगवत गीता के साथ जनेऊ और सुपारी दिए गए. वहीं वायु प्रदुषण को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए दूल्हा ई -रिक्शा से शादी करने निकला. इतना ही नहीं इस अनोखी शादी में महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए दूल्हे की बहन खुद ई-रिक्शा चलाते नजर आईं.

वहीं, ग्लोबल वार्मिंग के कारण उत्त्पन होने वाले खतरों को दर्शाते हुए पंडाल में स्टॉल लगाए गए. वरमाला के तुरंत बाद न सिर्फ दूल्हा-दुल्हन ने मिलकर पेड़ लगाए, बल्कि शादी में पहुंचे सभी मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट में पेड़ भी दिए गए. बात इतने पर ही खत्म नहीं हुई. बल्कि शादी के मौके पर मिले उपहार और पैसे को दूल्हे ने एक सरकारी स्कूल को देने की घोषणा की. जिससे स्कूल में इस पैसे से एक स्मार्ट क्लास तैयार किया जा सके. शादी में आर्केस्ट्रा और DJ डांस के जगह घर के बच्चों ने अपनी संस्कृति और कला का अद्भुत नृत्य पेश किया.

सड़क पर निकली इस बारात को देख लोग खूब सराहते नजर आए. मतलब साफ था हवा और पानी, जंगल और जानवर को भी बचाना होगा तभी इंसान बचेगा. साथ देश और दुनिया भी बचेगी. खात बात यह रही कि पूरी शादी में प्लास्टिक का भी उपयोग बिलकुल नहीं किया गया, चाहे वह कप प्लेट ही क्यों न हो.



दरअसल, बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले दूल्हा श्रवण और उत्तर प्रदेश की रहने वाली दुल्हन रुचि पेशे से इंजीनियर हैं. बचपन से ही मेघावी छात्र होने के कारण श्रवण की विज्ञान में ज्यादा रूचि रही. श्रवण ने स्कूली जीवन में कई तरह के छोटी मोटी चीजों पर रिसर्च कर मॉडल तैयार किए थे और खूब तारीफ के साथ इनाम भी पाया था. इसके बाद श्रवण ने दरभंगा में एक जूनियर साइंस्टीट के नाम से एक क्लब बनाया जो आज भी बच्चों की जिज्ञासा के साथ अपनी प्रतिभा निखारने का बेहद खूबसूरत प्लेटफार्म है.

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पढ़ाई पूरी करने के बाद श्रवण भले ही इंजिनियर बन नौकरी करता रहा. लेकिन इस क्लब से उनका प्रेम कभी कम नहीं हुआ, बल्कि श्रवण जहां रहे देश और दुनिया के बारे में सोचते रहे. यही वजह है की 9 फरवरी को जब श्रवण की शादी हुई तो इस शादी में वह सब कुछ करने का प्रयास किया गया जो न सिर्फ आपके और हमारे जीवन के लिए जरुरी है, बल्कि विश्व भर में ग्लोबल वार्मिंग के खतरों से बचाने के लिए भी बेहद जरुरी है.

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दूल्हे श्रवण ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसा करने के पीछे लोगों को एक संदेश देना था. शादी में शामिल हुए सैकड़ों लोगों में से अगर दस लोग भी उनकी बात को अपने जीवन में ढालने का प्रयास करते हैं तो न सिर्फ उन्हें खुशी महसूस होगी. बल्कि आने वाले समय में इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिलेंगे. वहीं दुल्हन रूचि ने कहा कि शादी तो पूरी सादगी से कोर्ट या मंदिर में होनी चाहिए, तभी बहुत कुछ बदल सकता है. दुल्हन ने कहा कि अपनी इच्छा दबा कर नहीं बल्कि अंतरआत्मा और सच्चे मन से यह करना होगा, वर्ना सब सिर्फ दिखावा साबित होगा.

(रिपोर्ट- बिपिन कुमार दास)

शादी के फोटो यहां देखें-

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