Sugauli Assembly Seat: बीजेपी और RJD में से किसके हाथ लगेगी जीत? सुगौली में रोचक होगा 2020 का चुनाव

पूर्वी चंपारण की सुगौली सीट पर 2020 के चुनाव को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं.
पूर्वी चंपारण की सुगौली सीट पर 2020 के चुनाव को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं.

Sugauli Assembly Seat: पूर्वी चंपारण की सुगौली विधानसभा सीट (Sugauli Assembly Seat) पर बीजेपी और आरजेडी (RJD) के बीच ही होती रही है चुनावी टक्कर. 2020 के विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) को लेकर बिछने लगे हैं सियासी समीकरण.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 21, 2020, 12:03 PM IST
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सुगौली. गन्ने की खेती और चीनी मिल के लिए मशहूर सुगौली विधानसभा क्षेत्र (Sugauli Assembly Seat) में कोरोनाकाल में होने जा रहे चुनाव पर सियासी रणनीतिकार नजरें जमाए हुए हैं. दरअसल, सुगौली सीट पर पिछले तीन चुनावों से लगातार बीजेपी और आरजेडी (BJP and RJD) के बीच ही मुकाबला होता रहा है. पिछले तीन विधानसभा चुनावों में लगातार बीजेपी ने ही बाजी जीती है. साल 2020 में बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले बने राजनीतिक हालात के बीच, सुगौली में होने वाले मुकाबले को लेकर इसलिए गहमा-गहमी बढ़ गई है. खासकर राष्ट्रीय जनता दल के लिए इस सीट को जीतना जहां चुनौतीपूर्ण है, वहीं बीजेपी किसी भी कीमत पर जीत का सिलसिला बरकरार रखना चाहेगी.

500 और 600 वोटों के अंतर से जीता चुनाव
पूर्वी चंपारण जिले में आने वाली सुगौली विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास देखें तो इस इलाके ने कांग्रेस, वामपंथी पार्टी, भाजपा और राजद, सभी के उम्मीदवारों को विधानसभा तक पहुंचाया है. इस संदर्भ में वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव परिणाम पर एक नजर डालना लाजिमी है, जब मुख्यधारा से अलग दो पार्टियां यहां चुनावी मैदान में थीं. 2000 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी और सीपीएम के उम्मीदवार के बीच हुआ मुकाबला महज 506 वोटों के अंतर से छूटा था. उस समय निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले विजय प्रसाद गुप्ता ने सीपीएम प्रत्याशी रामाश्रय सिंह को सिर्फ 506 मतों से हरा दिया था.

इसके बाद 2005 की फरवरी में जब विधानसभा चुनाव हुए तो विजय प्रसाद गुप्ता ने एक बार फिर जीत हासिल की. इस बार भी चुनाव मैदान में उनके सामने सीपीएम के रामाश्रय सिंह ही थे. रोचक तथ्य यह है कि 2005 के चुनाव में भी विजय गुप्ता ने रामाश्रय सिंह को महज 633 वोटों से शिकस्त दी. लेकिन इसी साल जब नवंबर में दोबारा से बिहार विधानसभा के चुनाव हुए तो विजय प्रसाद गुप्ता के हाथ से सुगौली निकल गया. नवंबर 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से रामचंद्र सहनी मैदान में थे, जिन्होंने यहां से लगातार दो बार विधायक बनने वाले विजय प्रसाद गुप्ता को 6000 से ज्यादा वोटों से करारी मात दी. इसके बाद फिर कभी आरजेडी को सुगौली से चुनावी जीत का मौका नहीं मिल सका. 2005 से लगातार तीन बार बीजेपी के रामचंद्र सहनी ही यहां से विधायक बनते आ रहे हैं.
इस बार जबकि आरजेडी, संभवतः बिना लालू यादव के विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरने वाला है, तो सुगौली विधानसभा सीट पर सबकी नजरें जमी हुई हैं. खासकर वर्तमान सियासी हालात में यह देखना रोचक होगा कि क्या आरजेडी 15 साल पुराना इतिहास दोहरा पाएगी या बीजेपी लगातार चौथी बार इस सीट पर जीत हासिल करने में कामयाब रहेगी.
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