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बिहार चुनाव: मोतिहारी चीनी मिल को दोबारा चालू करवाना बना अहम चुनावी मुद्दा

बिहार चुनाव: मोतिहारी चीनी मिल को दोबारा चालू करवाना बना अहम चुनावी मुद्दा

पिछले दो चुनावों से इसी तरीके से यहां के लोग इस फैक्ट्री को खोले जाने की मांग कर रहे हैं. (सांकेतिक फोटो)

पिछले दो चुनावों से इसी तरीके से यहां के लोग इस फैक्ट्री को खोले जाने की मांग कर रहे हैं. (सांकेतिक फोटो)

मोतिहारी की यह चीनी मिल छोटा बरियारपुर इलाके (Bariarpur Locality) में है जो कुछ सालों पहले तक यहां का प्रमुख रोजगार केन्द्र थी.

पूर्वी चंपारण. पूर्वी चंपारण (East Champaran) के मोतिहारी जिले में बंद पड़ी चीनी मिल (Sugar Mill) वहां का बड़ा चुनावी मुद्दा बन गई है. इलाके के लोगों की मांग है कि पिछले 8 साल से बंद पड़ी चीनी मिल अगर खुल जाती है, तो इलाके में रह रहे दस हजार युवाओं को इसका फायदा मिलेगा. यही नहीं क्षेत्र के किसानों को भी आजीविका का जरिया मिलेगा. मोतिहारी की यह चीनी मिल छोटा बरियारपुर इलाके (Bariarpur Locality) में है जो कुछ सालों पहले तक मोतिहारी का प्रमुख रोजगार केन्द्र थी. इसके बन्द हो जाने से यहां काम करनेवाले कर्मचारी, इस फैक्ट्री के संचालन से जुड़े लोग और किसान जो कि यहां अपने गन्ने की फसल लाकर बेचा करते थे उनकी आजीविका का जरिया बन्द हो गया है.

दरअसल, ये चीनी मिल जब चालू थी तो इलाके में पूरी क्रेडिट अर्थव्यवस्था इसी से चलती थी. यानि फसल की बुआई से पहले ही एक पर्ची बनती थी जिसके आधार पर जिन कर्मचारियों और किसानों को चीनी मिल से भुगतान मिलना होता था उससे पहले इससे जुड़े उद्योग के लोग सामान लोगों को देते. स्थानीय लोग चुनाव के इस दौर में इस फैक्ट्री के सामने खडे़ होकर इसी तरीके से उम्मीद्वारों के सामने अपनी मांग रख रहे हैं. लोगों ने जनप्रतिनिधी और प्रत्याशियों को ज्ञापन भी सौंपा है.

25000 किसानों और 10000 युवाओं को रोजगार का जरिया मिले
पिछले दो चुनावों से इसी तरीके से यहां के लोग इस फैक्ट्री को खोले जाने की मांग कर रहे हैं. इसके लिए उन्होंने आंदोलन भी किया और तीन साल पहले दो पूर्व कर्मचारियों ने फैक्ट्री के सामने आत्मदाह भी की. लेकिन इसे नहीं खोला जा सका. लोगों के मुताबिक, जबसे इस निजी फैक्ट्री का स्वामित्व बदला है तबसे ये बेरोजगारी की नौबत आई है. ऐसे में सरकार को आगे आकर इस फैक्ट्री को शुरू करवाने के कदम उठाने चाहिए, ताकि 25000 किसानों और 10000 युवाओं को रोजगार का जरिया मिले. स्थानीय निवासी आलोक का कहना है कि जमाना बदल रहा है और तकनीक में उन्नति हो रही है.तो जब ये मिल खुलेगी तो यहां विकास की संभावनाओं को नया आयाम मिलेगा. मौजूदा समय में इस फैक्ट्री के बंद होने से किसान अपने गन्ने की फसल बिचौलियों को बेचते हैं जो उनसे मनमानी कीमत वसूलते हैं. ऐसे में किसानों और कर्मचारियों का बकाया पूरा करने और फैक्ट्री संचालन शुरू करने की मांग इस चुनाव में लोगों ने की है.

Tags: Bihar assembly elections 2020, Bihar News, East Champaran district

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