छठा चरण: इन सीटों पर बदले समीकरण, महागठबंधन के सामने वर्चस्व कायम रख पाएगी NDA

News18 Bihar
Updated: May 7, 2019, 11:16 AM IST
छठा चरण: इन सीटों पर बदले समीकरण, महागठबंधन के सामने वर्चस्व कायम रख पाएगी NDA
पीएम मोदी और नीतीश कुमार

2014 के चुनाव में इन सभी सीटों पर बीजेपी ने अपना परचम लहराया था, लेकिन इस बार महागठधंन की मजबूत चुनौती सामने है.

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पांचवें चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही चुनावी चक्रव्यूह का छठा द्वार जीतने की जंग तेज हो गई है. छठे चरण में बिहार की 8 लोकसभा सीटों पर 12 मई को वोट डाले जाएंगे. ये सीटें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, वाल्मीकिनगर, सीवान और महाराजगंज की हैं. 2014 के चुनाव में इन सभी सीटों पर बीजेपी ने अपना परचम लहराया था, लेकिन इस बार महागठधंन की मजबूत चुनौती सामने है.

इस चरण में चंपारण की 4 सीटें काफी अहम मानी जा रही हैं जहां पिछले चुनाव से बीजेपी की धाक है. लेकिन 2019 के चुनाव में इन सीटों पर समीकरण बदलते हुए नजर आ रहे हैं, क्योंकि बड़ी पार्टियों के क्षेत्रीय पार्टियों से गोलबंदी और सीट बंटवारें को लेकर नाराजगी ने पार्टियों का जमीनी गणित बदल दिया है. बता दें कि एनडीए ने इस बार 8 में से 4 वर्तमान सांसदों का टिकट काट दिया है.

इनमें बीजेपी के तीन सांसद हैं और एक एलजेपी का. ये चार सीटें गोपालगंज, सीवान, वैशाली और वाल्मीकिनगर की हैं. सभी 8 सीटों पर एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है. हालांकि, बेटिकट हुए सांसदों का रुख चुनाव में अहम होगा.

कहां से किसका किससे मुकाबला-

पश्चिम चंपारण- इस सीट पर वर्तमान BJP सांसद डॉ. संजय जायसवाल का  मुकाबला रालोसपा के ब्रजेश कुमार कुशवाहा से.

पूर्वी चंपारण- वर्तमान BJP सासंद राधामोहन सिंह का मुकाबला रालोसपा के आकाश सिंह से.

शिवहर- BJP की रमा देवी का आरजेडी के सैयद फैजल अली से मुकाबला.
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वैशाली- एलजेपी की वीणा देवी और आरजेडी के रघुवंश प्रसाद सिंह के बीच मुकाबला.

गोपालगंज- इस बार JDU के अजय कुमार सुमन और आरजेडी के सुरेंद्र राम के बीच मुकाबला.

वाल्मीकिनगर- JDU के बैद्यनाथ प्रसाद महतो का कांग्रेस के शाश्वत केदार से मुकाबला

सीवान- जेडीयू की कविता सिंह और आरजेडी के हिना शहाब के बीच मुकाबला.

महाराजगंज- वर्तमान BJP सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, इस बार भी मैदान में हैं. उनका आरजेडी के रणधीर सिंह से मुकाबला.

वाल्मीकिनगर सीट पर NDA की हैट्रिक पर नजर
चंपारण की वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट एनडीए की हैट्रिक लगाने पर नजर रहेगी. यह सीट 2009 में अस्तित्व में आई थी, उसके बाद जेडीयू और बीजेपी जीते. 2014 में बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे को 1,17,795 वोटों से जीते थे. उन्हें 3,64,013 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 2,46,218 वोट मिले थे. वहीं जेडीयू प्रत्याशी को 81,612 वोट मिले थे. इस बार जेडीयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो मैदान में हैं. महागठबंधन के लिए इस बार भी इस सीट पर चुनौती बड़ी होगी. यहां 2015 के विधानसभा चुनाव में 6 में से बीजेपी ने 3 सीटें बीजेपी ने जीती थी, जबकि 1 जेडीयू ने. बाकी दो सीटों में से एक कांग्रेस और 1 सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई थी.

चंपारण का किला भेद पाएगी रालोसपा?
इस सीट का गणित बीजेपी के पक्ष में रहा है. पिछले दो चुनाव से यहां बीजेपी प्रत्याशी डॉ. संजय जायसवाल जीतते रहे हैं. दोनों चुनाव में उन्होंने फिल्म निर्देशक प्रकाश झा को हराया था. 2009 में वे एलजेपी और 2014 में जेडीयू के टिकट पर उतरे थे. 2014 में बीजेपी के डॉ. संजय जायसवाल को 3,71,232 वोट मिले थे. जेडीयू के प्रकाश झा को 2,60,978. वहीं आरजेडी के रघुनाथ झा को 1,21,800 वोट. पश्चिम चंपारण लोकसभा सीट के तहत आने वाली 6 विधानसभा सीटों में से 2015 में 4 बीजेपी ने जीते थे जबकि 1-1 सीट आरजेडी और कांग्रेस के हाथ आई थी.

क्या वर्चस्व कायम रख पाएगी NDA?
बता दें कि छठे चरण में जहां जातीय समीकरण मायने रखेंगे, वहीं गठबंधन के दल अपना वोट बैंक अपने सहयोगियों के लिए कितना शिफ्ट करा पाते हैं इसपर भी नतीजे काफी हद तक निर्भर करेगा. इसके अलावा एनडीए को अपने वर्चस्व को कायम रखने के लिए कड़ी चुनौती होगी.

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First published: May 7, 2019, 11:07 AM IST
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