होम /न्यूज /बिहार /RTI Activist Murder Case: मुख्य शूटर गिरफ्तार, पुलिस को बताया आखिर क्यों मारी थी विपिन को गोली?

RTI Activist Murder Case: मुख्य शूटर गिरफ्तार, पुलिस को बताया आखिर क्यों मारी थी विपिन को गोली?

RTI Activist Murder Case: पुलिस ने पूर्वी चम्पारण जिला के हरसिद्धि प्रखंड कार्यालय के मुख्य गेट पर हुए चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल हत्याकांड के मुख्य शूटर सचिन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.

RTI Activist Murder Case: पुलिस ने पूर्वी चम्पारण जिला के हरसिद्धि प्रखंड कार्यालय के मुख्य गेट पर हुए चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल हत्याकांड के मुख्य शूटर सचिन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.

RTI Activist Murder Case: मोतिहारी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जिले के एसपी कुमार आशीष ने जिला का पद संभालते ही 15 शाति ...अधिक पढ़ें

पूर्वी चंपारण. मोतिहारी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जिले के एसपी कुमार आशीष (Motihari SP Kumar Ashish) ने जिला का पद संभालते ही 15 शातिर अपराधियों की सूची बनाकर कार्रवाई की है. इसी क्रम में पूर्वी चम्पारण जिला के हरसिद्धि प्रखंड कार्यालय के मुख्य गेट पर हुए चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल हत्याकांड (RTI Activist Vipin Agrawal Murder Case) के मुख्य शूटर सचिन सिंह को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी अरेराज के डीएसपी सह आईपीएस अभिनव धीमान के नेतृत्व में बनी एसआईटी टीम ने किया की है. गिरफ्तार शातिर अपराधी के पास से हथियार भी बरामद किया गया है. वहीं गिरफ्तार अपराधी ने पुलिस के समक्ष आरटीआई कार्यकर्ता (RTI Activist) हत्याकांड से जुड़े कई अहम राज भी बताए हैं, जिसपर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है. इसके पूर्व पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो अन्य शूटर सहित हत्या के लिए फाइनेंस करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था. शातिर अपराधी सचिन सिंह की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है. गिरफ्तार सचिन पर पूर्वी चम्पारण जिला में हुए कई संगीन मामलों में आरोप दर्ज है.


इस मामले के बारे में अधिक जानकारी देते हुए मोतिहारी एसपी कुमार आशीष ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि हरसिद्धि थाना के RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्याकांड का मुख्य शूटर सुगौली थाना क्षेत्र के परशुरामपुर के प्राथमिक विद्यालय के पास देखा गया है. सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अरेराज डीएसपी सह एएसपी अभिनव धीमान के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया. गठित टीम ने छापेमारी कर एक पिस्टल और पांच गोली सहित शातिर अपराधी सचिन सिंह को गिरफ्तार किया.

करोड़ों की जमीन को अतिक्रमणकारियों से करा रहे थे मुक्त 
गिरफ्तार सचिन सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या हरसिद्धि बाजार की करोड़ो रुपये की सरकारी जमीन से अतिक्रम हटवाने को लेकर की गयी थी. हत्या में पूर्व से नाम आए सभी अपराधी और साजिशकर्ता के शामिल होने की बात स्वीकार करने की बात सामने आ रही है. पुलिस गिरफ्तार शातिर अपराधी से पूछताछ में जुटी है. इस मामले में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. बता दें, पुलिस ने RTI कार्यकर्ता हत्याकांड में अबतक सात अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों को स्पीडी ट्रायल कर सजा दिलायी जायेगी.

ब्लॉक ऑफिस के मेन गेट पर अपराधियों ने दिनदहाड़े मारी थी गोलियां 

मालूम हो कि हरसिद्धि प्रखंड के मुख्य गेट पर 24 सितंबर को बाइक सवार अपराधियों ने
दिनदहाड़े आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल को गोलियों से छलनी कर दिया था, जिनकी अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई थी. घटना के एक सप्ताह बाद छौड़ादानो थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआईटी टीम ने दो सुपारी किलर को हथियार के साथ गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस के समक्ष स्वीकारात्मक बयान में बताया था कि हरसिद्धि बाजार की करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के केस दर्ज करने को लेकर RTI कार्यकर्ता की हत्या की गयी थी.

अतिक्रमणकारियों ने 20 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराया था. पुलिस गिरफ्तार अपराधियों के निशानदेही पर सुपारी के लिए फंडिंग करने वाले और हत्या में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. वहीं घटना के तीन माह बीतने के बाद कार्रवाई नहीं होते देख आरटीआई कार्यकर्ता की पत्नी और परिजनों ने 21 दिसम्बर को अरेराज सुगौली मुख्य मार्ग को घंटो जाम किया था.

Tags: Bihar police, Murder case, RTI

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें