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नीतीश कैबिनेट में 8 नए चेहरे हुए शामिल, BJP-LJP से एक भी नहीं

नीतीश कैबिनेट में 8 नए चेहरे हुए शामिल, BJP-LJP से एक भी नहीं

नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव के बाद जीतकर संसद पहुंचे तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार तय माना जा रहा था. लेकिन केंद्र सरकार के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद ही बिहार सरकार के कैबिनेट विस्तार को नीतीश के पलटवार से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

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    बिहार में एनडीए की सरकार का रविवार को विस्तार किया गया. राष्ट्रीय जनता दल से नाता तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार अपने मंत्रिमंडल में आठ नए चेहरों को शामिल किया. मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी विधायक जनता दल यूनाइटेड (जदयू)  से हैं. मंत्रिपरिषद में भारतीय जनता पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी के किसी विधायक को जगह नहीं दी गई.

    कैबिनेट विस्तार पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मंत्रिमंडल में जेडीयू कोटे से रिक्तियां थीं, इसलिए जेडीयू नेताओं को शामिल किया गया, बीजेपी के साथ कोई इश्यू नहीं है, सब कुछ ठीक है. नीतीश ने सामाजिक समीकरण खास कर पिछड़े वर्ग को ध्यान में रखते हुए नए मंत्रियों चयन किया है. 11:30 बजे से पटना के राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने सभी आठ मंत्रियों को शपथ दिलाई. इनमें से कई नाम परिचित हैं, तो कई नए भी हैं.

    इन चेहरों को मिली कैबिनेट में जगह

    नीतीश कैबिनेट में जिन चेहरों को जगह दी गई है वे सभी जदयू के हैं. इनमें तीन विधान पार्षद और पांच विधायक हैं. विधान पार्षदों में डॉ. अशोक चौधरी, संजय झा और नीरज कुमार हैं, जबकि विधायकों में फुलवारीशरीफ विधायक श्याम रजक, आलमनगर के विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, रुपौली की बीमा भारती, हथुआ के रामसेवक सिंह, लोकहा विधायक लक्षमेश्वर राय शामिल हैं. इनमें संजय झा, नीरज कुमार, लक्ष्मेश्वर राय और रामसेवक सिंह पहली बार मंत्री बने हैं, जबकि चार लोग डॉ अशोक चौधरी, नरेन्द्र नारायण यादव, बीमा भारती और श्याम रजक नीतीश सरकार में पहले भी मंत्री रह चुके हैं.

    भविष्य में BJP सरकार में शामिल नहीं होगी JDU

    जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि बीजेपी हमें एक मंत्री पद रही थी जो हमें मंजूर नहीं था. त्यागी ने कहा कि बिहार में चुनाव से पहले बीजेपी के साथ अब कोई समझौता नहीं होगा और न ही हमारी पार्टी मोदी सरकार में शामिल होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड और 35ए को लेकर हमारा रुख साफ है. समाज में पहले से काफी मतभेद हैं, इसलिए हम इसे और बढ़ाना नहीं चाहते.

     



    नीतीश का पलटवार!

    लोकसभा चुनाव के बाद जीतकर संसद पहुंचे बिहार के तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार तय माना जा रहा था लेकिन केंद्र सरकार के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद ही बिहार सरकार के कैबिनेट विस्तार को नीतीश के पलटवार से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

    यह भी पढ़ें:   लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर छलका था दर्द, अब नीतीश ने दी मंत्री की कुर्सी

    नीतीश कुमार ने केंद्र में हिस्सेदारी से किया था इनकार

    बता दें नीतीश कुमार की पार्टी ने केंद्र सरकार में सांकेतिक हिस्सेदारी से इनकार कर दिया था और आनुपातिक प्रणाली से कैबिनेट में हिस्सेदारी की बात कही थी. केंद्र सरकार के गठन के बाद इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में बिहार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह, पशुपालन मंत्री पशुपति कुमार पारस और आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव हैं.

    इन तीनों में से दो जेडीयू से जबकि एक चेहरा लोजपा से था. लोजपा कोटे से खाली हुई सीट पर भी नीतीश ने किसी चेहरे को जगह नहीं दी है और इस विस्तार में केवल अपनी ही पार्टी के लोगों को जगह दी है.

    यह भी पढ़ें:  बिहार: CM नीतीश ने PM मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लिए भेजी शाही लीची


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    Tags: Amit shah, Bihar News, BJP, Bjp jdu, Narendra modi, Nitish kumar, Ram vilas paswan, पटना

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