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FACT CHECK: जानिए क्या है कुत्ते द्वारा कोरोना पॉजिटिव का शव खाने की कहानी का सच

शमशान के पास कुत्तों (Dogs) को भी भटकते देखा गया, जो अपशिष्ट पर मुंह मारते पाया गया.

शमशान के पास कुत्तों (Dogs) को भी भटकते देखा गया, जो अपशिष्ट पर मुंह मारते पाया गया.

ग्रामीणों ने बताया कि बिक्रमगंज का यह इलाका घनी बस्तियों वाला है तथा आसपास वह सारे लोग रहते हैं. आनन-फानन में जिला प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार कर वहां से चले गए, पीपीई कीट और अन्य अवशिष्ट वहीं छोड़ दिए गए

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रोहतास. रोहतास जिला में कोरोना मरीज (Corona Positive Patient) की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार के दौरान लापरवाही सामने आ रही है. ताजा मामला रोहतास जिला के बिक्रमगंज (Bikramganj) का है. जहां कोरोना के मरीज की मौत के बाद जब स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई दल मृतक के पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंची तथा गांव में स्थित श्मशान में दाह संस्कार किया गया. लेकिन स्वास्थ्य कर्मी अपना पीपीई किट (PPE Kit) श्मशान के आसपास ही छोड़ कर चले गए. जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया.

वहीं शमशान के पास कुत्तों (Dogs) को भी भटकते देखा गया, जो अपशिष्ट पर मुंह मारते पाया गया. कोरोना संक्रमण को लेकर जिससे ग्रामीणों में दहशत देखा जा रहा है. बता दें कि रोहतास जिला में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब तक 9 पॉजिटिव मरीजों की मौत भी हो चुकी है.

क्या कहते हैं ग्रामीण?

ग्रामीणों ने बताया कि बिक्रमगंज का यह इलाका घनी बस्तियों वाला है तथा आसपास वह सारे लोग रहते हैं. आनन-फानन में जिला प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार कर वहां से चले गए, पीपीई कीट और अन्य अवशिष्ट वहीं छोड़ दिए गए. बाद में कुत्तों को वहां पर भटकते देखा गया. जो दाह संस्कार के बाद अवशिष्ट पर मंडराते देखे गए.

आनन-फानन में जिला प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार कर वहां से चले गए, पीपीई कीट और अन्य अवशिष्ट वहीं छोड़ दिए गए.


क्या कहते हैं चिकित्सक?

इस संबंध में बिक्रमगंज के अनुमंडल चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर ओम प्रकाश ने बताया कि शव को प्रॉपर तरीके से दाह संस्कार किया गया. इस दौरान मृतक के परिजन भी मौके पर मौजूद थे. साथ ही दाह संस्कार के बाद हिंदू रीति रिवाज में जो भी संस्कार है, उसे परिजनों ने वहां पर पूरा भी किया. इस दौरान कहीं भी किसी तरह के शव के अवशिष्ट बचने का कोई सवाल नहीं है. जहां तक की अपनी जीत का सवाल है उसे भी प्रॉपर तरीके से नष्ट किया गया ताकि संक्रमण आगे ना फैले. ऐसे में कुत्ते द्वारा शव खाने की बात गलत है.

बता दें कि कोरोना संक्रमण के मरीज की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार की के लिए गाइडलाइन जारी है. जिसके तहत जिला प्रशासन का क्विक रिस्पांस टीम काम करती है. जो किसी भी पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार करती हैं. इस दौरान सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करना बेहद जरूरी है.

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