अपने ही सिस्टम से हारे नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री मेवालाल, कोरोना जांच रिपोर्ट समय से नहीं मिलने से हुई मौत

नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ मेवालाल चौधरी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई. (फाइल फोटो)

नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ मेवालाल चौधरी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई. (फाइल फोटो)

Mewalal Chaudhary Death: बिहार सरकार में एक दिन के लिए मंत्री रहे मेवालाल चौधरी की कोरोना जांच रिपोर्ट समय से नहीं मिलने पर मौत हो गई. मेवालाल के निजी सचिव ने इसके लिए नीतीश सरकार के सिस्टम को कसूरवार बताया, वहीं अस्पताल ने समय पर इलाज न मिलने की बात खारिज की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 8:18 PM IST
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पटना. बिहार में कोरोना ने कोहराम मचा दिया है. कोरोना संक्रमण की रफ्तार के आगे सरकार की तैयारी नाकाफी साबित हो रही है. हालात ऐसे हैं कि मरीज बिना इलाज के मर रहे हैं. हॉस्पिटल में बेड नहीं हैं. बेड मिला तो ऑक्सीजन नहीं है अगर ये दोनों चीजें मिल गई तो रेमेडिसिविर इंजेक्शन नहीं हैं.

कुल मिलाकर कहें तो लोग त्राहिमाम कर रहे हैं और नीतीश सरकार सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर करने के दावे कर रही है. कोरोना के इस दौर में राज्य सरकार इस कदर फेल साबित हुई है कि आम लोगों की बात छोड़िए खास लोग सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हैं. बीती रात नीतीश कैबिनेट में एक दिन के मंत्री और जदयू के वर्तमान विधायक मेवालाल चौधरी सिस्टम की भेंट चढ़ गए.

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कोरोना संक्रमित मेवालाल चौधरी की मौत समय से इलाज नहीं मिलने की वजह से आज सुबह पटना के एक निजी अस्पताल में हो गई. मेवालाल की मौत के साथ ही बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल भी खुल गई है. तारापुर से जदयू विधायक मेवालाल चौधरी की मौत के बाद उनके निजी सहायक शुभम ने नीतीश सरकार के कोरोना की तथाकथित तैयारी की पोल खोल दी. विधायक के निजी सहायक की मानें तो कोरोना जांच की रिपोर्ट समय से नहीं मिलने की वजह से उनकी मौत हुई है. अगर जांच रिपोर्ट समय से मिल जाती तो शायद अस्पताल में समय से भर्ती हो जाते और उनकी जान बच जाती.
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उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को तारापुर में उनकी तबियत बिगड़ी थी. 12 अप्रैल को कोरोना और एंटीजन टेस्ट किया गया. एंटीजन में रिपोर्ट निगेटिव आया जबकि RTPCR का रिपोर्ट ही नहीं मिली. तबियत ज्यादा बिगड़ने पर 15 अप्रैल मेवलाल चौधरी पटना आये. 16 को वे IGIMS में जांच कराई. एंटीजन में निगेटिव और RTPCR में पॉजिटिव पाए गए, लेकिन रिपोर्ट देर से मिला और तब तक वे पारस जा चुके थे. तबियत ज्यादा बिगड़ी तो पारस हॉस्पिटल गए लेकिन वहां भी बेड नहीं मिला. ICU में बेड नहीं मिला तो मेवालाल चौधरी को ICU के बदले  इमरजेंसी के रखा गया. जब तबियत ज्ययादा बिगड़ी तो ICU ले जाया गया, जहां आज सुबह उनकी मौत हो गई.

मेवालाल चौधरी के निजी सहायक ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर अभी पारस हॉस्पिटल में ही है. उनके बेटे विदेश में रहते हैं. संभावना है कि बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा. पूर्व मंत्री मेवालाल चौधरी के निधन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजकीय सम्मान के साथ इनके अंतिम संस्कार की घोषणा की है. वहीं पूर्व कैबिनेट के सदस्य होने के नाते कैबिनेट की बैठक में भी शोक व्यक्त भी किया गया.



अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई

इधर, पूर्व मंत्री की मौत पर पारस अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट आसिफ रहमान ने इलाज न मिलने की बात को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को पूर्व मंत्री मेवालाल चौधरी का अस्पताल आते ही इलाज शुरू हो गया था. आईसीयू खाली नहीं होने की वजह से पहले होल्डिंग आईसीयू में रखा गया, 7 घंटे के बाद आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था. रहमान ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने पहले ही बता दिया था उनके फेफड़े खराब हो चुके हैं. 70 प्रतिशत से ज्यादा लंग्स खराब हो चुका था. डॉक्टरों के हर सम्भव प्रयास के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका.
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