नगर विकास विभाग के आदेश के खिलाफ सड़क पर उतरे 1700 दैनिक मजदूर, तोड़फोड़ व आगजनी

गया में सड़कों पर उतरे नगर निगम के दैनिक मजदूर
गया में सड़कों पर उतरे नगर निगम के दैनिक मजदूर

लोकायुक्त के निर्देश के आलोक में नगर विकास विभाग ने 1 फरवरी से दैनिक मजदूर से काम नहीं लेने का दिया है आदेश

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गया. लोकायुक्त के निर्देश के बाद बिहार सरकार के नगर विकास विभाग द्वारा दैनिक मजदूरों को हटाने को लेकर जारी किये गये एक पत्र के बाद पूरे बिहार में हंगामा बरपा है. नगर निकाय से जुड़े दैनिक वेतनभोगी मजदूर इसका विरोध कर रहे हैं. इसी क्रम में शनिवार को  गया नगर निगम से जुड़े सैकड़ों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने इस आदेश के खिलाफ जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की. सैकड़ों मजदूरों ने शहर में विरोध मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की.

आक्रोशित मजदूरों ने सड़क किनारे लगे डस्टबीन को तोड़कर कचरा समेत सड़क पर फैला दिया और जगह-जगह टायर जलाकर आगजनी की. कर्मचारी नेता हरनंदन शर्मा और सीपाई नेता अखिलेश सिंह ने कहा कि सरकार के एक आदेश से बिहार के विभिन्न नगर निकाय में 36 हजार दैनिक मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे इसलिए वे लोग सरकार के निर्णय का विरोध कर रहे हैं. सरकार लोकायुक्त के आदेश के बहाने सालों-साल से काम कर रहे गरीब मजदूरों को हटाकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को ठेका पर देने की तैयारी कर रही है इसलिए सरकार के इस कदम का चौतरफा विरोध हो रहा है.

करीब 16 साल से नगर निगम में सफाई का काम कर रहें पिंटू रविदास ने बताया कि सरकार को दैनिक मजदूरों को स्थायी कर देना चाहिए पर सरकार उनकी रोजी-रोटी ही छीनने पर लगे हुए हैं. वे लोग  एनजीओ या कंपनी को सफाई का काम किसी भी हालत में नहीं करने देंगे. गया नगर निगम की तरह ही बोधगया नगर पंचायत शेरघाटी नगर पंचायत एवंम टिकारी नगर पंचायत के दैनिक मजदूर भी सरकार के कदम का विरोध कर रहे हैं.



गया में दैनिक मजदूरों ने सड़क पर उतरकर आगजनी की.

हंगामा की सूचना पर निगम कार्यालय पहुंचे नगर आयुक्त सावन कुमार ने बताया कि लोकायुक्त के आदेश के आलोक में नगर विकास विभाग ने 28 जनवरी को दैनिक मजदूरों से काम नहीं लेने का आदेश जारी किया है. उनलोगों ने इस संबंध में महापौर और उपमहापौर के साथ बैठक कर वैकल्पिक व्यवस्था होने तक वर्तमान व्यवस्था को जारी रखने के लिए विभाग को पत्र भेजा है. गया नगर निगम के मजदूरों को हटाने का निर्णय अभी नहीं हुआ है पर कुछ लोगों ने मजदूरों को भड़काकर तोड़फोड़ और हंगामा कराया है. वैसे लोगों को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज की जायेगी.

वहीं महापौर वीरेन्द्र कुमार और उपमहापौर मोहन श्रीवास्तव वे किसी तरह के अफवाह में पड़ते हुए मजदूरों से अपना काम पहले की तरह ही करने की अपील की है. वहीं, इन मजदूरों को भड़काने वाले यूनियन के नेता के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. उपमहापौर ने कहा कि इन लोगों ने करोड़ों रूपये के नगर निगम एवं सरकारी संपत्ति का नुकसान पहुंचाया है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई पुलिस के माध्यम से करवाई जायेगी.

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