Coronavirus: बोधगया के इन दो होटलों में बनाया गया 62 बेड का क्वारंटाइन सेंटर
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Coronavirus: बोधगया के इन दो होटलों में बनाया गया 62 बेड का क्वारंटाइन सेंटर
बोधगया के सिद्धार्थ विहार परिसर में कोरेंटाइन सेंटर बनाया गया.

सिद्धार्थ विहार के भूतल के पांच एवं प्रथम तल के आठ कमरे में 2-2 तथा सुजाता बिहार के 9 कमरों में 4-4 कुल 62 मरीजों के रहने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही इसके लॉबी में गार्ड के रहने की व्यवस्था की गयी है.

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गया. कोरोना वायरस (Corona virus)  से संक्रमित होने के संदिग्ध मामले के लिए बोधगया के होटल सिद्धार्थ विहार को क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine Center) बनाया गया है. इस सेंटर में कुल 62 व्यक्तियों के रहने की व्यवस्था की गई है. यहां संदिग्ध मरीजों के रहने, खाने, सोने एवं मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराये जायेंगे.

कमिश्नर और आईजी ने किया निरीक्षण
मगध प्रमंडल के आयुक्त असंगबा चुबा आओ और आईजी राकेश राठी ने इस क्वारंटाइन सेंटर पर की गयी व्यवस्था का गुरुवार को जायजा लिया. मगध आयुक्त ने कहा कि बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित सिद्धार्थ विहार परिसर में बुद्ध विहार एवं सुजाता विहार के साथ कुल 3 आवासीय भवन हैं.

62 मरीजों के रहने की व्यवस्था
इनमें सिद्धार्थ विहार के भूतल के पांच एवं प्रथम तल के आठ कमरे में 2-2 तथा सुजाता बिहार के 9 कमरों में 4-4 कुल 62 मरीजों के रहने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही इसके लॉबी में गार्ड के रहने की व्यवस्था की गयी है. यहां के रेस्टोरेंट को एडमिन सेंटर बनाने का निर्देश दिया गया है.  उन्होंने होटल के सभी कमरों एवं शौचालय में बिजली एवं पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त कर लेने का निर्देश होटल मैनेजर को दिया.



14 दिनों तक रह सकेंगे मरीज
मगध आयुक्त ने कहा कि वैसे संदिग्ध व्यक्ति जिन्हें यह संदेह है कि वे वैसे लोग के संपर्क में रहे हैं जो कोरोना के संदिग्ध मरीज थे या उन्हें ऐसा लगता है उनमें कोरोना के लक्षण पाए जाने की आशंका है तो वे अपने परिवार से अलग क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिनों तक रह सकते हैं.

कोरोना के लक्षण की होगी पड़ताल
यदि स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन की जांच में कोई व्यक्ति ऐसा पाया जाता है जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण की संभावना हैं तो उन्हें भी कोरेंटाइन सेंटर में 14 दिनों तक परीक्षण के लिए रखा जाएगा और यह देखा जाएगा कि सेंटर में रहने वाले व्यक्ति में कोरोना के लक्षण सचमुच में हैं या नहीं.

फिर वापस भेज दिए जाएंगे 
यदि 14 दिनों तक कोरोना के लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो वे वापस घर जा सकते हैं. यदि 14 दिन के दौरान कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो क्वारंटाइन सेंटर से एबुंलेस के जरिये सीधे एएनएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में भेजा जाएगा जहां उनका मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। मेडिकल परीक्षण में पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें एएनएमसीएच में बने ट्रामा सेंटर भेज दिया जाएगा.

 सुविधाओं से लैस व्यवस्था
सिविल सर्जन ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले व्यक्तियों के लिए भोजन, पानी बोतल की व्यवस्था उनकी विभाग को ओर से किया जायेगा और इस सेंटर में मेडिकल और पारा मेडिकल स्टॉफ की प्रतिनियुक्ति की जा रही है. यहां की साफ-सफाई के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी की मदद ली जायेगी.

अलग-अलग ग्रप्स में रखे जाएंगे मरीज
उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर के कमरों को तीन ग्रुप में विभक्त किया जायेगा. प्रथम ग्रुप के कमरों को 1 से 5 दिन तक, दूसरे ग्रुप के कमरों को छठे से दसवें दिन तक, एवं तीसरे ग्रुप के कमरों में 11वें से 14वें दिन तक के लिए चिन्हित किया जा रहा है. इसके साथ ही इसके अतिरिक्त वृद्ध एवं महिलाओं के लिए अलग ग्रुप बनाने की योजना बनायी गयी है.

'कोरेंटाइन सेंटर कैदखाना नहीं'
इस दौरान मगध आईजी राकेश राठी ने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर कैदखाना नहीं समझना चाहिए. इस सेंटर में लोगों को उनके परिवार एवं स्वयं उनकी सुरक्षा के लिए तथा इस बीमारी का प्रसार अन्य लोगों में ना हो सके इसके लिए आइसोलेट कर रखा जाएगा. सेंटर में सारी सुविधाएं उन्हें आम जीवन की तरह उपलब्ध होंगी.

अब तक मिले 11 संदिग्ध, 9 की रिपोर्ट निगेटिव
गौरतलब है कि अभी गया के एएनएमसीएच में आइसोलेशन वार्ड बनया गया है जिसमें अब तक कुल 11 संदिग्ध मरीज को भर्ती कराया गया है और इसमें से कुल 9 मरीज की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आयी है, जबकि दो अन्य संदिग्ध मरीज का सैंपल पटना के आरएमआरआई भेजा गया है,जहां से रिपोर्ट आनी बाकी है.

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