मुजफ्फरपुर के बाद अब गया में चमकी का कहर, 5 बच्चों की मौत

मुजफ्फरपुर के बाद चमकी का अगला शिकार गया जिला है. जिले के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक सप्ताह से एईएस के मरीजों का आना जारी है. अस्पताल में अब तक चमकी बुखार से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती हुए हैं, जिनमें से पांच बच्चों की मौत हो चुकी है.

News18 Bihar
Updated: July 7, 2019, 8:28 PM IST
मुजफ्फरपुर के बाद अब गया में चमकी का कहर, 5 बच्चों की मौत
मगध अस्पताल में हो रहे इलाज से संतुष्ट हैं परिजन
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Updated: July 7, 2019, 8:28 PM IST
बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी का कहर जारी है. बल्कि अब इसने अपने पैरों को अन्य जिलों की तरफ भी बढ़ा दिया है. मुजफ्फरपुर के बाद चमकी का अगला शिकार गया जिला है. जिले के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक सप्ताह से एईएस के मरीजों का आना जारी है. अस्पताल में अब तक चमकी बुखार से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती हुए हैं, जिनमें से पांच बच्चों की मौत हो चुकी है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन बच्चों की मौत किन कारणों से हुई है. इसकी जांच रिपोर्ट जल्द आने वाली है, इसके बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी.

बता दें कि बारिश शुरू होने के बाद भी गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कालेज के अस्पताल में 5 दिनों में गया और औरंगाबाद जिले के 15 बच्चे भर्ती कराया गया है. इलाज के दौरान इनमें से पांच बच्चों की मौत हो गई है. मरने वाले बच्चों में एईएस की संभावना जताई जा रही है. हालांकि सभी बच्चों की रिपोर्ट पटना भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चों के मरने का कारण स्पष्ट हो पायेगा.

मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती बच्चे


स्पेशल वार्ड में बच्चों का हो रहा है इलाज

हालांकि अस्पताल में पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए स्पेशल वार्ड बनाए गए हैं, जिसमें बच्चों को रखकर बेहतर से बेहतर इलाज किया जा रहा है. अस्पताल के अधीक्षक विजय कृष्ण प्रसाद ने बताया कि 5 दिनों में 15 बच्चे आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है. सभी ज्यादातर बच्चों को चमकी की शिकायत है. फिलहाल अभी ये स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि बच्चों को जापानी इंसेफ्लाइटिश है. सभी की रिपोर्ट पटना भेज दिया गया है.

बीमारी से निपटने के तैयार
उन्होंने कहा कि 2 दिन में जांच रिपोर्ट आ जायेगी तब बीमारी का कारण पता चल सकता है. हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि वो किसी भी तरह की बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. अस्पताल में स्पेसल वार्ड की व्यवस्था की गई है, मरीज बढ़ने पर स्पेसल आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया जाएगा. वहीं अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिजनों ने बताया कि उनके बच्चों को चमकी बुखार की शिकायत है.
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इलाज से संतुष्ट हैं परिजन
बच्चों के हाथ पैर में एठन की शिकायत देखी गई है. औरंगाबाद के डॉक्टरों ने चमकी का लक्षण देखते हुए उन्हें यहां रेफर किया गया था. हालांकि परिजनों ने इलाज से संतोष व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि तीन दिन से आईसीयू में भर्ती उनके बच्चे की हालत में सुधार हुआ है, यहां बेहतर इलाज किया जा रहा है. (रिपोर्ट- एलेन लिली)

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First published: July 7, 2019, 8:26 PM IST
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