बिहार चुनाव: पहले चरण में कोरोना और नक्सली से एक साथ निपटने की चुनौती, चुनाव आयोग कर रहा खास तैयारी

प्रथम चरण में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान (सांकेतितक तस्वीर)
प्रथम चरण में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान (सांकेतितक तस्वीर)

चुनाव आयोग (Election commission) ने नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxalite affected areas) में प्रथम चरण में ही मतदान कराने की कोशिश की है. इन क्षेत्रों में चुनाव आयोग को कोरोना की एडवयाजरी के पालन कराने के साथ ही नक्सलियों के मुवमेंट को रोकने के लिए खास कदम उठाने होंगे.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 26, 2020, 1:23 PM IST
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गया. चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव  (Bihar Assembly Election ) को तीन चरणों में कराने की घोषणा की है. जिसमें मगध प्रमंडल के पांच जिलों के साथ ही कुल 16 जिला के 71 विधानसभा में प्रथम चरण में मतदान होगा. इसके लिए 1 अक्टूबर 2020 को अधिसूचना जारी होने के बाद 8 अक्टूबर तक नामांकन पत्र प्रत्याशी द्वारा भरा जायेगा. 9 अक्टबूर को स्क्रूटनी होगी जबकि 12 अक्टूबर तक नामांकन में वैध पाये जाने वाले प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे. 26 अक्टूबर की शाम तक ये प्रत्याशी खुद के लिए जनता के बीच जाकर अपने लिए वोट का समर्थन मांग सकेंगे. चुनाव आयोग द्वारा (Election commission) घोषणा किये जाने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिकर स्तर पर तैयारी को लेकर हलचल तेज हो गयी है.

इन जिलों में होगा पहले चरण का मतदान
चुनाव आयोग ने नक्सल प्रभावित इलाकों में प्रथम चरण में ही मतदान कराने की कोशिश की है. प्रथम चरण में 16 जिला-भागलपुर, बांका, मुगेर, लखीसराय, शेखपुरा, पटना, भोजपुर, बक्सर, सासाराम, कैमूर, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई जिला के 71 विधानसभा सीट पर मतदान होना है. इनमें से भभुआ, सासाराम, औरंगाबाद, गया, नवादा, लखीसराय, मुगेर एवं जमुई जिला के करीब दो दर्जन विधानसभा क्षेत्र अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं. इन क्षेत्रों में चुनाव आयोग को कोरोना की एडवयाजरी के पालन कराने के साथ ही नक्सलियों के मुवमेंट को रोकने के लिए खास कदम उठाने होंगे. इसके लिए इन क्षेत्रों में जिला पुलिस के साथ ही अर्धसैनिक बलों की तैनाती करनी होगी.

इन इलाकों में शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग ने कई निर्देश दिये हैं. गया के एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि चुनाव आय़ोग के निर्देश पर संबंधित जिले में पिछले एक माह से जिला पुलिस अर्धसैनिक बलों की मदद से सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि नक्सली को ठिकाना बनाने का मौका नहीं दिया सके. इन इलाकों में पहले से ही सीआरपीएफ, कोबरा, एसएसबी एवं अन्य एजेंसी पहले से ही अभियान चला रही है. वहीं चुनाव के मौके पर अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनी की डिमांड की गयी है. उन्हें उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव की तरह ही विधानससभा चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से कराने में सफलता मिलेगी.
गौरतलब है कि इन नक्सली संगठनों ने पिछले कई चुनाव में विभिन्न हथकंडों के जरिये  मतदान को बाधा पहुंचाने की कोशिश की है. इसमे मतदान केन्द्र को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही रास्ते में आईईडी बम लगाने एवं सुरक्षाबलों का निशाना बनाने की घटना को अंजाम दिया है.



पूर्व सीएम समेत कई मंत्रियों के भाग्य का होगा फैसला
प्रथम चरण के 71 विधानसभा में बिहार सरकार के कई मंत्री और विपक्षी दलों के के दूसरे वीआईपी राजनेताओं के किस्मत का फैसला होगा और इसके साथ ही कई दिग्गज राजनेताओं के प्रभाव का भी पता चल सकेगा. इस चरण में जिन मंत्रियों के भाग्य का फैसला होना है उसे कृषि एवं पुशपालन मंत्री प्रेम कुमार, शिक्षा मंत्री कृष्णंदन वर्मा, श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रामनारायण मंडल, खनन मंत्री बृजकिशोर बिंद, विज्ञान एवं तकनीक मंत्री जय कुमार सिंह, परिवहन मंत्री संतोष निराला, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेस कुमार की किस्मत का फैसला होगा.

वहीं इस चरण में पूर्व सीएम जीतनराम मांझी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदयनारायण चौधरी, पूर्व मंत्री विनोद यादव, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र यादव, पूर्व मंत्री अवधेश सिंह, पूर्व मंत्री रामाधार सिंह, पूर्व मंत्री सदानंद सिंह जैसे दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर होगी.
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