'हत्या हुई तो SC-ST परिवार के सदस्य को नौकरी', CM नीतीश के फैसले पर BJP के मंत्री को है ऐतराज!
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'हत्या हुई तो SC-ST परिवार के सदस्य को नौकरी', CM नीतीश के फैसले पर BJP के मंत्री को है ऐतराज!
बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार

मर्डर के बाद एससी-एसटी परिवार ( SC-ST Family) के सदस्य को नौकरी देने के नीतीश सरकार (Nitish Government) के फैसले पर विपक्ष (RJD) के साथ ही सवर्ण समाज की प्रतिक्रिया को देखते हुए भाजपा (BJP) अपने कोर वोट बैंक के बिगड़ने के भय से डैमेज कंट्रोल में जुट गयी है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 8, 2020, 12:31 PM IST
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गया. चुनावी मौसम में वोटरों को लुभाने के लिए सत्ता एवं विपक्षी पार्टियां अलग-अलग तबकों को लुभाने के लिए कई तरह की घोषणाएं कर रही हैं. माना जा रहा है कि इसी क्रम में बिहार के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के एससी और एसटी समाज (SC- ST society) के लोगों की हत्या होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है और अधिकारियों को इस योजना पर काम करने का निर्देश भी दिया है. सीएम नीतीश की इस घोषणा के समर्थन और विरोध में सोशल मीडिया से लेकर सियासत की दुनिया से कई तरह की प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं. नीतीश सरकार में कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के मंत्री व बीजेपी नेता प्रेम कुमार (Prem Kumar) ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि योजना अच्छी है पर इसका लाभ एसएसी-एसटी के साथ ही अन्य समाज के लोगों को भी मिलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें सीएम की इस घोषणा की जानकारी मिली है कि किसी दलित की हत्या के बाद उसके परिवार के भरण पोषण के लिए एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी. प्रस्ताव तो अच्छा है पर हमारी मांग है कि इसका लाभ एसएसी एसटी के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग और सवर्ण समाज के लोगों को भी मिलना चाहिए. अगर यह विषय कैबिनेट में आता है तो वे इस बात को वहां मजबूती के साथ रखेंगे.

बता दें कि प्रेम कुमार की ये प्रतिक्रिया उस बात का जवाब माना जा रहा है जिसमें सीएम नीतीश की इस घोषणा के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने सवाल किया था कि हत्या होने पर परिजन को नौकरी देने की घोषणा सिर्फ एक वर्ग को क्यों? सवर्णो, पिछड़ों और अति पिछड़ों की हत्या पर उनके परिजन को नौकरी क्यों नहीं दी जा सकती है?



तेजस्वी ने आगे कहा था कि दरअसल, हत्या होने पर नौकरी देने का वादा अनुसूचित जाति वर्ग पर अत्याचार बढ़ाने की साजिश है. सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए कि हत्या हो ही नहीं.  भाजपा पिछलग्गू पार्टी बन गई है. जाहिर है इसे तेजस्वी का सवर्ण और पिछड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश माना गया. जाहिर है अगर इस मसले पर सामाजिक प्रतिक्रिया होती है तो इसका सीधा नुकसान भाजपा के लिए ही माना जा रहा है.
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