Wazirganj Election Result Live: वजीरगंज विधानसभा सीट पर भाजपा के बीरेंद्र सिंह जीते

एनडीए गठबंधन से भाजपा ने इस बार भी पूर्व विधायक वीरेन्द्र सिंह को टिकट दिया है. वहीं निवर्तमान विधायक अवधेश सिंह के बेटे डॉ शशि शेखर को महागठबंधन से लांच किया गया है.
एनडीए गठबंधन से भाजपा ने इस बार भी पूर्व विधायक वीरेन्द्र सिंह को टिकट दिया है. वहीं निवर्तमान विधायक अवधेश सिंह के बेटे डॉ शशि शेखर को महागठबंधन से लांच किया गया है.

वजीरगंज विधानसभा सीट (Wazirganj Vidhan Sabha constituency) की बात करें तो यहां बीजेपी के प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह (Birendra Singh) अन्य उम्मीदवारों से काफी आगे चल रहे हैं.

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गया. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhan Sabha election) के नतीजे आने के बाद तस्वीर साफ होती दिख रही है. वजीरगंज विधानसभा सीट (Wazirganj Vidhan Sabha constituency) की बात करें तो यहां बीजेपी के प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह (Birendra Singh) जीत गए हैं. उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार को 22430 वोट से हरा दिया है. वजीरगंज विधानसभा सीट का गठन 2008 में नये परिसीमन के बाद हुआ है. इसमें गया (Gaya) नगर निगम के 6 वॉर्ड सहित मानपुर और वजीरगंज प्रखंड की सभी पंचायत शामिल हैं. 2010 के विधानसभा चुनाव (Assembly by Election) में यहां पहली बार मतदान कराया गया था जिसमें भाजपा के वीरेन्द्र सिंह ने कांग्रेस के अवधेश प्रसाद सिंह को हराया था. वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह ने करीब 13 हजार मतों से भाजपा के वीरेन्द्र सिंह को हराकर विजय पायी थी.उस चुनाव में कांग्रेस के अवधेश सिंह को करीब 80 हजार वोट मिले थे जबकि भाजपा के वीरेन्द्र सिंह करीब 67 हजार वोट ही हासिल कर पाए थे.अभी तक के दोनों विधायक राजपूत बिरादरी से ही ताल्लुक रखते हैं.

इस बार के चुनाव में वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र में कुल 307249 वोटर हैं. इनमें पुरुष 158111, महिला 149133 और थर्ड जेंडर की संख्या 5 है. यहां अनुसुचित जाति के वोटरों की संख्या 25 फीसदी से भी ज्यादा है जो सभी प्रत्याशियों की जीत में अहम भूमिका निभाते हैं.

कृषि और पावरलूम हब
इस विधान सभा क्षेत्र में नगर निगम के अधीऩ पटवाटोली को बिहार का मैनचेस्टर कहा जाता है. यहां के पावरलूम पर बनाए हुए कपड़े देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही बांग्लादेश और अन्य स्थानों पर भेजे जाते हैं. बड़ी उपलब्धि ये है कि यहां के बुनकरों के बच्चों ने पढा़ई में भी नाम कमाया. इन बच्चों ने कमज़ोर आर्थिक स्थिति और बेहद कम संसाधनों में तैयारी करके आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाया. पावरलूम हब होने के बावजूद इसे पावरलूम पार्क बनाए जाने की मांग अब तक पूरी नहीं हो पायी है. इलाके के लोग या तो बुनकर हैं या फिर मानपुर और वजीरगंज प्रखंड के अधिकांश इलाके के लोग खेती से जुड़े हुए हैं. यहां की दशकों पुरानी ढाढर सिंचाई परियोजना इस साल पूरी हो पायी है. इससे कई इलाकों के किसानों को राहत मिली है लेकिन अभी भी बड़े रकबे में सिंचाई के बेहतर इंतजाम नहीं होने के कारण किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
भगवान बुद्ध की प्रतिमा


यहां का कुर्कीहार भगवान बुद्ध से जुड़ा हुआ ऐतिहासिक गांव है.यहां खुदाई में बुद्ध की प्राचीन मूर्ति और उसकी प्रतिकृति पटना सहित कई म्यूजियम में रखी गयी हैं.इसके बावजूद इस इलाके का पर्यटन स्थल के रूप में अभी भी विकास पूरी तरह से नहीं हो पाया है. विकास में ये इलाका पिछड़ा हुआ है. गया से वजीरगंज होते हुए राजगीर तक फोरलेन सड़क बनायी जा रही है, लेकिन इसका काम बेहद धीमी गति से चल रहा है. इससे इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी होती है.

विधायक पुत्रों के बीच मुकाबला
वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र में पहले चरण में 28 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी. इस बार कुल 22 प्रत्याशी मैदान में थे. एनडीए गठबंधन से भाजपा ने इस बार भी पूर्व विधायक बीरेंद्र सिंह को टिकट दिया था. वहीं निवर्तमान विधायक अवधेश सिंह के बेटे डॉ शशि शेखर को महागठबंधन से लांच किया गया है. इससे पहले शशि शेखर अपने विधायक पिता का कामकाज क्षेत्र में देखते थे. इनके पिता अवधेश 1980 से कांग्रेस की राजनीति में प्रखंड अध्यक्ष से लेकर विधायक और कई विभाग के मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं. शशि शेखर अपने पिता के 5 साल के काम पर वोट मांग रहे हैं.वहीं वीरेन्द्र सिंह मोदी नीतीश के काम पर वोट मांग रहे हैं.दोनों मुख्य गठबंधन के प्रत्याशी एक ही राजपूत बिरादरी से हैं.इस बीच इस विधानसभा क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी आबादी कुशवाह वोट लेकर रालोसपा के श्रीधर प्रसाद ने मुकाबले को तिकोना बना दिया है. छोटी पार्टी से राजीव कुमार कन्हैया, शीतल यादव, चिंटू भैया समेत कई अन्य प्रत्याशी इस बार अपना भाग्य आजमा रहे हैं.
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