Bodh Gaya Election Result Live: राजद के कुमार सर्वजीत ने भाजपा के हरि मांझी को 4,708 वोट से हराया

Bodh Gaya Chunav Result: बोधगया सीट पर दिखा दिलचस्प मुकाबला
Bodh Gaya Chunav Result: बोधगया सीट पर दिखा दिलचस्प मुकाबला

Bodh Gaya Bihar Vidhan Sabha Chunav Result 2020 Live: बोधगया (Bodh Gaya) सीट की बात करें तो यहां से राजद के कुमार सर्वजीत (Kumar Sarvajeet) ने भाजपा के हरि मांझी (Hari Manjhi) को 4,708 वोट से हरा दिया है. कुमार सर्वजीत को 80,196 वोट प्राप्त हुए वहीं हरि मांझी को 75,921 वोट मिले.

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बोधगया. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhan Sabha Election) के नतीजों के लिए मतगणना (counting) शुरू हो गई है. अब तस्वीर साफ होती हुई भी दिख रही है. अगर बोधगया (Bodh Gaya) सीट की बात करें तो यहां से राजद के कुमार सर्वजीत (Kumar Sarvajeet) ने भाजपा के हरि मांझी (Hari Manjhi) को 4,708 वोट से हरा दिया है. कुमार सर्वजीत को 80926 वोट प्राप्त हुए वहीं हरि मांझी को 76218 वोट मिले. बोधगया भगवान बुद्ध (Buddha) की ज्ञानस्थली के रूप में प्रसिद्ध है जहां देश-विदेश के पर्यटक और बौद्ध धर्मावलंबी सालों से बोधगया आते रहे हैं. यहां महाबोधी मंदिर में भ्रमण और पूजा अर्चना के साथ ही पवित्र बोधीवृक्ष की छांव में ध्यान लगाते हैं. इस मंदिर की महत्ता को देखते हुए यूनेस्को ने 2002 में इसे विश्व विरासत स्थल घोषित किया था. उसके बाद केंद्र और बिहार सरकार (Bihar Government) द्वारा बोधगया को पर्यटन के हिसाब से डेवलप करने के लिए कई तरह के कदम उठाए है और कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कराया गया. यहां मगध विश्वविद्यालय के साथ ही आईआईएम जैसे शिक्षण संस्थान भी संचालित हो रहे हैं.

इस समय बोधगया विधानसभा का क्षेत्र बोधगया प्रखंड के कुछ पंचायत के साथ ही टनकपुप्पा और फतेहपुर प्रखंड है. इस विधानससभा की कुल आबादी 6 लाख 31 हजार 716 है, जबकि कुल वोटर की संख्या 3 लाख 10 हजार 707 है जिसमें पुरुष वोटर 1 लाख 60 हजार 533, महिला वोटर 1 लाख 50 हजार 169 और थर्ड जेंडर की संख्या 5 है. इस विधानसभा का गठन 1957 में हुई थी और कांग्रेस के शांति देवी को पहला विधायक बनने का मौका मिला. पिछले 2015 के चुनाव में राजद के कुमार सर्वजीत ने भाजपा के श्यामदेव पासवान को करीब 30 हजार मतों से हराया था. उस चुनाव में कुमार सर्वजीत को 82656 और श्यामदेव पासवान को 52183 मत मिले थे. इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले कुमार सर्वजीत को राजनीति का पाठ अपने पिता स्व. राजेश कुमार से मिला है. वे यहां के विधायक और सांसद रह चुके हैं और 2005 में चुनाव प्रचार से लौटने के दौरान नक्सलियों के अंधाधुन फायरिंग में वे मारे गए थे.

बदलता रहा है जीत का रिकॉर्ड



बोधगया विधानसभा क्षेत्र के 50 साल से ज्यादा के इतिहास में अभी तक का यह रिकॉर्ड रहा है कि कोई भी विधायक लगातार जीत दर्ज नहीं कर पाया है. 1957 में गठित यह सीट दस साल तक सामान्य रही और 1967 में यह अनुसुचित जाति के लिए आरक्षित हो गई. 1957 में कांग्रेस की शांति देवी और 1962 में स्वतंत्र पार्टी के कुलदीप महतो विधायक चुने गए. 1967 में कांग्रेस के आर. मांझी, 1972 में बीजेएस से कालीराम ,1972 में सीपीआई से बालिकराम, 1977 में जेएनपी से राजेश कुमार, 1980 में सीपीआई से बालिकराम, 1985 में लोकदल से राजेश कुमार, 1990 मे सीपीआई से बालिकराम, 1995 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मालती देवी ने चुनाव में जीत दर्ज की. वहीं साल 2000 में राजद से जीतनराम मांझी, 2005 में भाजपा से हरि मांझी चुनाव जीते.
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हरि मांझी के सांसद बन जाने के बाद हुए उपचुनाव में लोजपा से कुमार सर्वजीत विधायक चुने गए पर 2010 के चुनाव में वे भाजपा के श्यामदेव पासवान से हार गए. 2015 में कुमार सर्वजीत ने भाजपा के श्यामदेव पासवान को हराया. इस बार कुमार सर्वजीत के फिर से राजद प्रत्याशी बनाए जाने की पूरी संभावना है और इसको लेकर वे अभी से ही क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं. वहीं एनडीए ज्वाइन करने के बाद जीतनराम मांझी की हम पार्टी भी इस सीट के लिए दवाब बना रही है, पर भाजपा अपनी परम्परागत सीट को छोड़ना नहीं चाहती है. इसलिए एनडीए की तरफ से अभी तक कोई चेहरा स्पष्ट नहीं हो पाया है. अभी तक के रिकॉर्ड में कोई भी विधायक चुनाव लड़ते हुए अपनी सीट बचा नहीं पाया है. अब देखना है कि कुमार सर्वजीत इस बार दोबारा जीतकर इस रिकार्ड को तोड़तें हैं या फिर बोधगया विधानसभा का लगातार दोबारा नहीं जीतने का यह रिकॉर्ड आगे भी बना ही रहता है.

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बोधगया का नाम अन्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है और सबसे ज्यादा विदेशी सैलानी यहां सैर पर आते हैं.


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पर्यटन के साथ कृषि कार्य और मजदूरी है मुख्य रोजगार 

बोधगया का नाम अन्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है और सबसे ज्यादा विदेशी सैलानी यहां सैर पर आते हैं जिनकी सुविधा के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. बोधगया शहर के लोग कई तरह की परेशानी झेल रहे हैं. वहीं बोधगया विधासभा क्षेत्र के टनकुप्पा और फतेहपुर प्रखंड के इलाके में अभी भी काफी गरीबी है. महादलित परिवार के लोगों के सामने मजदूरी और पलायन के अलावा कोई दूसरा काम नहीं है. वहीं सभी किसानों के खेतों तक अभी भी सिंचाई का साधन नहीं पहुंचा है, जिससे कम वर्षा होने पर अधिकांश क्षेत्र की फसल सूख जाती है. हाल ही में सीएम नीतीश कमार ने ढाढर सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया है. इससे कुछ इलाके के किसानों को लाभ मिल सकता है. वहीं विधायक कुमार सर्वजीत ने 5 साल के कार्यकाल में 382 सड़क निर्माण का दावा किया है. वहीं फिर से मौका मिलने पर बिना वादा किए हुए क्षेत्र की जनता की सेवा करने की बात कह रहे हैं. इस क्षेत्र में मांझी के साथ ही पासवान यादव और मुस्लिम की अच्छी संख्या है, जिसे अपने पक्ष में करने के लिए दोनों गठबंधन प्रयास करेंगे.
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