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आतंकी तौसीफ समेत तीन के खिलाफ देशद्रोह का आरोप गठित, अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का है आरोपी
Gaya News in Hindi

Arun Chaurasia | News18 Bihar
Updated: February 25, 2020, 8:43 AM IST
आतंकी तौसीफ समेत तीन के खिलाफ देशद्रोह का आरोप गठित, अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का है आरोपी
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का आरोपी आतंकवादी तौसीफ (लाल घेरे में)

2008 में अहमदाबाद के सीरियल बम विस्फोट का आरोपी तौसीफ खान घटना के बाद से ही सुरक्षा एजेंसी को चकमा दे रहा था. वह देश के कई राज्यों मे छुपने के बाद गया के डोभी को करमौनी में शिक्षक बनकर रह रहा था .

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गया. 2008 में हुए अहमदाबाद में सीरियल बम धमाके के आरोप में गुजरात के साबरमती जेल में बंद तौसीफ खान के खिलाफ देशद्रोह के मामले में गया सिविल कोर्ट में आरोप गठित हो गया है. तौसीफ खाना को सहयोग करने के आरोप में गया केन्द्रीय कारागार में बंद उनके दो सहयोगी शाहजहां उर्फ सन्ने खां और गुलाम सरवर के खिलाफ भी आरोप का गठन किया गया है.

2017 में पकड़ा गया था तौसीफ
गया सिविल कोर्ट के अपर लोक अभियोजक अम्बुज कुमार सिन्हा ने बताया कि अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों का आरोपी तौसीफ खान को सिविल लाइन थाना क्षेत्र से 13 सितंबर 2017 को गिरफ्तार किया गया था और उसकी निशानदेही पर उसे गया में संरक्षण देने एवं देशविरोधी काम में सहयोग करने के आरोप में डोभी के करमौनी से शाहजहां उर्फ सन्ने खां और गुलाम सरवर को गिरफ्तार किया गया था. तीनों को 15 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था.

साबरमती जेल में बंद है आतंकी तौसीफ



शाहजहां और गुलाम सरवार अभी भी गया केन्द्रीय करागार में न्यायिक हिरासत में है जबकि तौसीफ को 2008 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के आरोप में गुजरात पुलिस नवंबर 2017 में ही रिमांड पर ले गयी थी और अभी वह साबरमती जेल में बंद है. इस मामले में गया सिविल लाइन थाना क्षेत्र में तीनों के खिलाफ दर्ज किये गये मामले पर एडीजे-3 आरती कुमारी सिंह की कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

कोर्ट ने देशद्रोह की धारा के तहत आरोप गठित किया
आरोपी तौसीफ को साबरमती जेल से ही विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरियेकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था जबकि दो अन्य आरोपी को हर तिथि पर केन्द्रीय कारागर से सशरीर उपस्थित कराया गया. कोर्ट ने इस मामले में तौसीफ समेत तीनों के खिलाफ देशद्रोह(धारा-124ए के तहत) का आरोप गठित कर दिया है.

विभिन्न धाराओं में आरोप का गठन
इसके साथ ही तीनों आरोपी के खिलाफ यूएपी यानी अनलॉफूल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट की धारा 13, 16, 18, 19, 20 और 38 के तहत आरोप गठित किया गया है जबकि आईपीसी की धारा 216, 120बी, 124ए, 118, 418, 420, 467, 468, 471 और 474 धारा के तहत आरोप का गठन किया गया है. आरोप गठन के बाद सुनवाई की अगली तिथि 23 मार्च को निर्धारित की गयी है जिसमें कोर्ट के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किया जायेगा. बता दें कि इन धाराओं के तहत दोषी पाये जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है.

साइबर कैफे संचालक की सतर्कता से तौसीफ की हुई थी गिरफ्तारी
2008 में अहमदाबाद के सीरियल बम विस्फोट का आरोपी तौसीफ खान घटना के बाद से ही सुरक्षा एजेंसी को चकमा दे रहा था. वह देश के कई राज्यों मे छुपने के बाद गया के डोभी को करमौनी में शिक्षक बनकर रह रहा था और आस-पास के इलाके में घूम-घूमकर स्लीपर सेल तैयार कर रहा था. अनराग बसु के राजेन्द्र आश्रम स्थित साईबर कैफे में भी अक्सर आता था और जरूरी जानकारी अपने संगठन के लोगों तक पहुंचाता था.

तौसीफ से पूछताछ के बाद दो की हई थी गिरफ्तारी
उसकी गतिविधि पर शंका होने पर साइबर संचालक अनुराग बसु ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी. पुलिस का नाम सुनते ही वह बाद वह कैफे से भागने लगा और फिर पुलिस की टीम ने उसे भागने के दौरान गिरफ्तार कर लिया. कड़ी पूछताछ के बाद उसे संरक्षण और सहयोग देने के आरोप में शाहजहां और गुलाम सरवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था.

तौसीफ की गिरफ्तारी के बाद बिहार एटीएस के साथ ही गुजरात, कोलकाता एवं अन्य राज्यों की एटीएस टीम ने गया आकर तौसीफ से पूछताछ की थी और साइबर संचालक के उस कम्प्यूटर की जांच की थी जिससे मिली जानकारी के आधार पर आतंकी घटना के कई अन्य आरोपी की भी गिरफ्तारी देश के अलग अलग क्षेत्र से हुई थी.

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First published: February 25, 2020, 8:25 AM IST
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