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Gaya: 5 गांवों के बच्चों की पढ़ाई 3 साल से बाधित, जानें नक्सलियों के साथ किसका है खौफ़?

नक्सलियों के विस्फोट के बाद ध्वस्त पड़ा स्कूल भवन. 

नक्सलियों के विस्फोट के बाद ध्वस्त पड़ा स्कूल भवन. 

तीन साल पहले नक्सलियों ने सोनदाहा गांव के स्कूल के भवन को डायनामाइट लगाकर उड़ा दिया. इसके बाद दोबारा फिर यहां स्कूली बच ...अधिक पढ़ें

    कुंदन कुमार

    गया. बिहार के गया में जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर स्थित सोनदाहा गांव के स्कूल में पहले बच्चे ककहरा सीखते थे, लेकिन अब नहीं. क्योंकि तीन साल पहले नक्सलियों ने स्कूल के भवन को डायनामाइट लगाकर उड़ा दिया. इसके बाद दोबारा फिर यहां स्कूली बच्चे पढ़ने के लिए नहीं आये. अलबत्ता शिक्षा विभाग ने कागजों पर यहां के बच्चों को पांच किलोमीटर दूर के गांव बाराटांड के स्कूल में टैग कर दिया. लेकिन, दुर्गम पहाड़ी और जंगल से होकर आने-जाने का रास्ता होने के कारण इस टैग स्कूल में सोनदाहा गांव के बच्चे पढ़ने नहीं जा पाते हैं. इस कारण यहां के लगभग 300 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

    टैग स्कूल जाने के रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा

    दरअसल, सोनदाहा, चपरवार, सरवहना, बनकट, पिपराटांड़ गांव के सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई सोनदाहा मध्य विद्यालय में होती थी. तीन साल पूर्व नक्सलियों ने स्कूल के भवन को ध्वस्त कर दिया, तब से यहां बच्चे पढ़ने नहीं आते. पिछले तीन साल से उनकी पढ़ाई बंद है. जब न्यूज़ 18 लोकल ने बच्चों के परिजनों से बात की तो उन्होंने बताया कि स्कूल भवन नहीं होने से अधिकांश बच्चों की पढ़ाई बंद है. बच्चों को पांच किलोमीटर दूर के दूसरे विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन वहां आने-जाने के लिए यातायात की सुविधा नहीं है. उन्होंने बताया कि दुर्गम पहाड़ी और जंगली इलाका होने के कारण जानवरों को रास्ते में देखने के बाद बच्चे घर वापस लौट आते हैं. इस कारण से वो स्कूली शिक्षा से वंचित हैं.

    बता दें कि, छह से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है. लेकिन, गया के सुदूरवर्ती नक्सल प्रभावित बांके बाजार प्रखंड क्षेत्र के बच्चे आज भी पढ़ाई से वंचित हैं. सरकार व जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण बच्चे स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं.

    स्कूल का भवन बनवाने का मिला है आश्वासन

    विद्यालय के शिक्षक विनोद कुमार ने बताया कि स्कूल भवन बनवाने के लिए शिक्षा विभाग को आवेदन दिया गया था. इसके लिए आश्वासन भी मिला है. जैसे ही जिला प्रशासन के द्वारा यहां स्कूल भवन का निर्माण होगा, उसके बाद फिर से बच्चे यहां शिफ्ट कर दिए जाएंगे. फिलहाल बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था बाराटांड स्कूल में की गई है.

    Tags: Bihar education, Bihar News in hindi, Gaya news, Government School

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