COVID-19: 10 फीट ऊंची छत पर बैठकर मरीजों का इलाज कर रहा है डॉक्टर, X-Ray देखकर गिरा देता है नीचे 

छत पर बैठ कर मरीजों का इलाज करता डॉक्टर.
छत पर बैठ कर मरीजों का इलाज करता डॉक्टर.

डॉ. साहब का नाम नवनीत निश्चल (Navneet Nischal) है. वे गया शहर के एपी कॉलोनी स्थित हड्डी अस्पताल में इस तरह से मरीजों का इलाज कर रहे हैं.

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गया. एक तरफ जहां शहर में निजी क्लीनिक बंद हैं, वहीं, एक हड्डी अस्पताल के डॉक्टर अनोखे तरीके से मरीजों का इलाज कर रहे हैं. ये डॉ. 10 फीट ऊंची छत पर बैठकर नीचे बैठे मरीजों को देख रहे हैं. इस दौरान डॉ. जुगाड़ पीपीई किट (PPE Kit) पहनकर अपने आपको कोरोना वायरस (Corona virus) से बचाव कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, डॉ. साहब का नाम नवनीत निश्चल (Navneet Nischal) है. वे गया शहर के एपी कॉलोनी (AP colony) स्थित हड्डी अस्पताल में 10 फीट ऊपर प्रथम तल पर बैठकर अपने मरीजों को देख रहे हैं. वहीं, मरीजों की एक्स-रे रिपोर्ट देख कर दवा की पर्ची नीचे गिरा कर देते हैं. कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा डॉक्टरों को है. जबकि,अस्पताल के सारे कर्मचारी रेन कोर्ट पहन कर अपना काम कर रहे हैं. जबकि अन्य चिकित्सक होम मेड कपड़े पहनकर मरीजों का इलाज करने में जुटे हैं.

अस्पताल के डॉक्टर नवनीत निश्चल ने बताया कि मैं कोविड-19 के महामारी में वे केंद्र सरकार व राज्य सरकार के आदेशों का पालन कर रहा हूं. मैं सभी आम लोगों से अनुरोध करता हूं की जहां भी जाएं सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन रखें. डॉक्टर के यहां क्लीनिक में आने के बाद 2 गज की दूरी बहुत जरूरी है. इससे ज्यादा हो तो और भी अच्छी बात है, क्योंकि आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो वहां भी भीड़ ज्यादा रहती है. इससे ज्यादा परेशानी न हो इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है, क्योंकि यह वायरस बहुत बड़ा है और एक मरीज से बहुत मरीजों में बहुत तेजी से फैलता है. इसलिए आप खुद को संभाले और दूसरों को भी बचाये. डॉक्टर ने बताया कि बाजार में अच्छी क्वालिटी की पीपीई किट उपलब्ध नहीं है. इसलिए रेनकोट पहनकर मरीजों को देख रहे हैं. रेनकोट में ज्यादा सेफ्टी है ताकि संक्रमण हो भी तो फैले नहीं.

सेफ्टी के लिए रेनकोट पहनकर मरीजों की पर्ची काट रहे हैं
वहीं, अस्पताल के स्टाफ मनोज कुमार ने बताया कि हम लोग अपनी सेफ्टी के लिए रेनकोट पहनकर मरीजों की पर्ची काट रहे हैं. साथ ही उसे एक्सरे और अल्ट्रासाउंड भी रेन कोट पहनकर ही कर रहे हैं. कोरोना वायरस का खौफ इस तरह है कि जिले में सभी प्राइवेट डॉक्टरों ने क्लीनिक को ही बंद कर दिया है. हालांकि, जिला प्रशासन की पहल पर कई डॉक्टरों ने क्लीनिक को खोला है और मरीजों का इलाज करने में जुट गए हैं. हालांकि, कई डॉक्टरों ने मरीजों को देखने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रखा है. शहर के एपी कॉलोनी स्थित हड्डी अस्पताल के डॉक्टर 10 फीट ऊंचे प्रथम तल्ले पर से मरीजों को देख रहे हैं. अस्पताल में सिर्फ ओपीडी सेवा की शुरुआत की गई है. मरीजों को अंदर प्रवेश करने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की जा रही है. वहीं, हाथों को सैनिटाइज से साफ किया जा रहा है, वहीं, आने वाले मरीजों का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए डॉक्टर साहब मरीजों को देख रहे हैं. मरीजो ने बताया कि लॉकडाउन में अस्पताल बंद होने से काफी परेशानी हो रही थी, लेकिन अब क्लीनिक खुलने से हम लोगों को काफी राहत हुई है.
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