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COVID-19: गेहूं कटाई में छोटे किसानों के बीच सोशल दिखी डिस्टेंसिंग, इन्हें हो रही परेशानी
Gaya News in Hindi

arun kumar | News18 Bihar
Updated: March 31, 2020, 3:36 PM IST
COVID-19: गेहूं कटाई में छोटे किसानों के बीच सोशल दिखी डिस्टेंसिंग, इन्हें हो रही परेशानी
किसान कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कर रहे हैं

बिहार का कृषि विभाग भी इस साल कोरोना वायरस से बचाव के लिए हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई पर जोर दे रहा है. गया जिले के छोटे किसान गेहूं की कटाई के लिए खेतों में पहुंच तो रहे हैं लेकिन वे वहां भी सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेंन कर रहे हैं.

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गया. कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए लोग सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का सहारा भी ले रहे है. लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के क्रम में किसान और मजदूरों को भी घर में ही रहना पड़ रहा है. वहीं आलम यह है कि इससे गेहूं (Wheat) की कटाई रफ्तार कमजोर पड़ रही है. बिहार का कृषि विभाग भी इस साल कोरोना वायरस से बचाव के लिए हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई पर जोर दे रहा है. गया जिले के छोटे किसान गेहूं की कटाई के लिए खेतों में पहुंच तो रहे हैं लेकिन वे वहां भी सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेंन कर रहे हैं.

लॉकडाउन की वजह से देश में कोराबार ठप पड़ा हुआ है. लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर गरीबों, मजदूरों और किसानों पर पड़ रहा है. गेहूं की फसल खेत में पककर तैयार हो गयी है. लेकिन किसान और मजदूरों को लॉकडाउन का पालन करना पड़ रहा है. यही वजह है कि वे घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. वहीं गया जिले में कई छोटे किसान खुद से गेहूं की फसल काटने के लिए घरों से निकल रहें हैं पर वे खेतों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रख रहे हैं.

किसानों ने कहा- समय से कटनी नहीं हुई तो भूखे मर जाएंगे



नगर प्रखंड के कुजाप पंचायत के खेतों में अपनी पत्नी के साथ गेंहू की कटनी कर रहे मुन्ना कुमार ने बताया कि सरकार के आदेश का वे लोग पालन कर रहें हैं और घर के साथ खेत में कटनी के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहें हैं. वे पट्टा पर लेकर खेती करते हैं. अगर वे फसल समय पर ऩहीं काटेंगे तो उन्हें भूखे मरना पड़ेगा. उनके साथ उनकी पत्नी रश्मि देवी भी कटनी में सहयोग कर रही है.



farmer
किसानों का कहना है कि अगर वे फसल समय पर ऩहीं काटेंगे तो उन्हें भूखे मरना पड़ेगा.


गेहूं और सरसों की फसल तैयार

कुजाप पंचायत के ही योगेन्द्र कुमार दास ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से किसान-मजदूर को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है. एक तरफ उन्हें घर से निकलने पर कोरोना का डर सता रहा है तो वहीं दूसरी ओर उसका अपने खेतों में फसल के बर्बाद होने की चिंता सता रही है. वहीं किसान कमलेश यादव ने बताया कि गेहूं और सरसों की फसल पकर तैयार होनी शुरू हो गयी है. इस सप्ताह तक किसानों को ज्यादा चिंता नहीं है पर एक सप्ताह के बाद फसल की कटनी नहीं होने पर बर्बादी शुरू हो जाएगी. उनका कहना है कि सरकार को फसल की कटनी को लेकर विशेष कदम उठाना चाहिए.

कृषि विभाग ने जारी किया गाइडलाइन

वहीं इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार ने फसल कटनी को नहीं रोकने के लिए कई तरह की गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत ज्यादा से ज्यादा कटनी हार्वेस्टर से की जाए ताकि खेतों में मजदूरों की भीड़ नहीं जुटे. हार्वेस्टर से छोटे रकबे के खेत को काटने में दिक्कत होती है इसलिए छोटे किसान को खुद से ही सोशल डिस्टेंसग का पालन करते हुए कटनी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

हार्वेस्टर आपरेटरों की कमी से जूझ रहे बड़े किसान

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दिक्कत हार्वेस्टर के ऑपरेटर की कमी को लेकर आ रही है. हार्वेस्टर ऑपरेटर पंजाब से आते हैं. कई ऑपरेटर ने हार्स्वेटर मालिक से एडवांस पैसा ले लिया है पर लॉकडाउन की वजह से वे पंजाब से गया नहीं आ पा रहे हैं. इसलिए कृषि विभाग के आदेश पर उन्होंने प्रखंड कृषि पदाधिकारी के माध्यम से हार्वेस्टर मालिक से ऑपरेटर का एड्रेस और मोबाइल नंबर मांगा है ताकि संबंधित ऑपरेटर से संपर्क करके सरकार के माध्यम से उसे यहां लाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि गेहूं की कटनी सही समय पर हो सके.

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First published: March 31, 2020, 2:23 PM IST
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