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गंगा से जुड़ेगी गया की फल्गु नदी, पितृपक्ष के श्रद्धालुओं के लिए नीतीश सरकार ने बनाया मास्टर प्लान

Arun Chaurasia | News18 Bihar
Updated: November 20, 2019, 11:08 AM IST
गंगा से जुड़ेगी गया की फल्गु नदी, पितृपक्ष के श्रद्धालुओं के लिए नीतीश सरकार ने बनाया मास्टर प्लान
गया का फल्गु नदी जिसमें हर साल पिंड दान किया जाता है

पूर्व सीएम जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने अपने कार्यकाल में गया (Gaya) जिले में बीथोशरीफ में बीयर बांध बनाकर पानी को स्टोरेज करने की योजना पर काम शुरू की थी लेकिन बाद में इस योजना पर ग्रहण लग गया था.

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  • Last Updated: November 20, 2019, 11:08 AM IST
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गया. गया आने श्रद्धालुओं को पितृपक्ष मेला के दौरान अब फल्गु नदी में पानी की किल्लत नहीं झेलनी होगी. बिहार सरकार ने गंगा नदी का पानी गया के फल्गु नदी (Falgu River) में लाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है. बिहार सरकार की इस योजना से गया (Gaya) के लोग काफी उत्साहित हैं और उन्हें इस नदी को लेकर सीता (Sita) के शाप के खत्म होने की उम्मीद जगने लगी है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गयाजी में बहने वाली फल्गु नदी को सीता का शाप लगा हुआ है जिसकी वजह से वह अन्तःसलिला बहती है पर पिछले कई साल से वह अन्त-सलिला भी नहीं रह गयी है और गर्मी के दिनों में 20 से 30 फीट तक खुदाई करने पर भी पानी नहीं मिल पा रहा है.

पिंडदान के लिए मशहूर है गया की फल्गु नदी

शहर का भू-गर्भ जलस्तर काफी कम हो रहा है और पिंडदान के लिए गयाजी में आने वाले तीर्थयात्रियों को तर्पण के लिए पवित्र फल्गु का जल नहीं मिल पा रहा है. हाल ही में बिहार की नीतीश कैबिनेट ने बरसात के दिनों गंगा में आने वाली अतिरिक्त पानी को संग्रह कर राजगीर और गया तक लाने को योजना को मंजूरी दी गयी है जिसमें गया की फल्गु नदी में गर्मी के दिनों मे भी पानी रखने का इंतजाम किया जायेगा. नीतीश सरकार के इस फैसले से गया के निवासी काफी खुश हैं. यहां के शास्त्रीय गायक और सामाजिक कार्यकर्ता राजन सिजुआर ने कहा कि ने कहा कि फल्गु एक धार्मिक नदी है जिसका महत्ता समूचे विश्व में है. सनातन धर्म को मानने वाले कम से कम एक बाग गयाजी आकर अपने पितरों के लिए पिंडदान और तर्पण जरूर करना चाहतें हैं.

फल्गु के जल से ही होती है पितरों का तर्पण

पितरों के लिए तर्पण फल्गु के ही पानी से होता है और जब साल के अधिकांश दिन फल्गु सूखी रहती है तो तीर्थयात्रियों को काफी निराशा होती है. पूर्व सीएम जीनतनराम मांझी ने अपने कार्यकाल में बीथोशरीफ में बीयर बांध बनाकर पानी को स्टोरेज करने की योजना पर काम शुरू की थी पर उनके सीएम पद से हटते ही इस योजना पर ग्रहण लग गया था. हाल में में नीतीश सरकार द्वारा गंगा का पानी को य़हां लाकर स्टोरेज करने की योजना पर काम शुरू करायी गयी है जो काफी प्रशंसनीय है.

मांझी ने भी की थी पहल

इस योजना के पूरा होने पर तीर्थयात्रियों को सालों भर फल्गु का पानी तर्पण के लिए मिल सकेगा साथ ही शहर एवं आसपास के भू-गर्भ का जलस्तर भी बेहतर हो सकेगा. स्थानीय पंडा महेश लाल ने कहा कि फल्गु में बीयर बांध या सोन नदी से पानी लाने की मांग काफी दिनों से यहां के लोगों द्वारा की जा ही थी पर नीतीश सरकार ने गंगा के पानी को यहां लाने की योजना पर काम शुरू किया है जो इस धार्मिक नगरी की महत्ता को और बढाने में सहायक होगी.
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सांसद और डीएम ने भी की प्रशंसा

गया के डीएम अभिषेक सिंह ने कहा कि फल्गु में पानी और उसकी स्वच्छता के लिए कई स्तर पर काम हो रहा है जिसका फायदा स्थानीय लोगों के साथ ही यहां आने वाले तीर्थयात्री और पर्यटको को मिलेगा. स्थानीय जदयू सांसद विजय मांझी ने कहा कि गया-बोधगया के विकास को लेकर सीएम नीतीश कुमार काफी गंभीर है और उन्हौने फल्गु में पानी लाने के साथ ही य़हां पर्यटन को बढावा देने के लिए रोपवे एवं अन्य योजनाओं पर काम शुरू करवा रहें हैं.

झारखंड से निकलती है फल्गु नदी

गौरतलब है कि फल्गु नदी झारखंड के पलामू से निकलती है और यह बिहार के गया, जहानाबाद होते हुए गया में मिल जाती है. पानी की कमी की वजह से जहानाबाद के बाद इसका स्रोत लगभग खत्म हो गया है. इस नदी पर घोड़ाघाट समेत कई बांध बनाये गयें हैं. इसे निरंजना नदी के नाम से भी जाना जाता है और वायु पुराण में इसकी चर्चा मिलती है.

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First published: November 19, 2019, 1:45 PM IST
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