कभी 25 हजार के इनामी रहे नक्सली विनोद मरांडी ने जाप के टिकट पर भरा नामांकन, लड़ेंगे चुनाव

पूर्व नक्सली विनोद मरांडी के नामांकन भरके वापस आने पर उसके समर्थकों ने उसे माला पहनाया.
पूर्व नक्सली विनोद मरांडी के नामांकन भरके वापस आने पर उसके समर्थकों ने उसे माला पहनाया.

गया (Gaya) में पूर्व नक्सली (Naxalite) विनोद मरांडी ने जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) से नामांकन भरा है. विनोद ने गुरुआ विधानसभा (Gurua assembly) से नामांकन भरा है. यह नक्सली 25 हजार का इनामी रह चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 8:08 PM IST
  • Share this:

गया. गया (Gaya) के गुरुआ विधानसभा क्षेत्र से जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के टिकट पर आज कभी 25 हजार के इनामी रहे नक्सली विनोद मरांडी (Naxalite Vinod Marandi) ने पर्चा भरा है. इनका मुकाबला मौजूदा विधायक (MLA) और भाजपा (BJP) के नेता राजीव नंदन से होगा. साल 1997 में उसने नक्सली संगठन एमसीसी का दामन थामा था. इस संगठन का विनोद सुप्रीमो नहीं बनने के बाद 2005 में अपनी पार्टी आरसीसी (रिवॉल्युशनरी कम्युनिस्ट सेंटर) बनाया था. 2009 में गया के चेरकी थाने की पुलिस ने मरांडी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन साक्ष्य और गवाहों के नहीं होने के कारण 2012 में उसे कोर्ट ने बरी कर दिया. इसके बाद 2016 और 2018 में भी पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था. विनोद मरांडी पर लगभग 25 मामले दर्ज हैं.


बचा दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से भाजपा के राजीव नंदन ने जदयू के रामचंद्र प्रसाद को 6,515 वोट से हराया था. वह 1995 में पहली बार निर्दलीय जीते थे. इस सीट पर अब तक 10 चुनाव हुए हैं, जिनमें तीन बार राजद, दो-दो बार भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय और एक बार जनता पार्टी जीती है. जदयू यहां से एक बार भी नहीं जीत पाया है. इस इलाके में दांगी जाति का प्रभाव रहा है.


Bihar Election 2020 : नीतीश ने 10 % मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे, 4 विधायकों को फिर मिला टिकट


विनोद को गया के डीआरडीए कार्यालय में नामांकन पर्चा भरने के बाद उनके समर्थकों ने माला पहनाया. विनोद मरांडी ने कहा कि उन्होंने जन अधिकार पार्टी से गुरुआ विधानसभा सीट से अपना नामांकन पर्चा भरा है. अगर जनता उन्हें मौका देती है तो युवाओं के हक की लड़ाई लड़ेंगे. गुरुआ विधानसभा में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है. जिस कारण प्रतिवर्ष हजारों युवा दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए पलायन करते हैं. ऐसे में युवाओं की हक की लड़ाई लड़ते हुए बेरोजगारी को दूर करने का प्रयास करेंगे. इसके अलावा क्षेत्र की अन्य समस्याओं को भी दूर करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि गुरुआ विधानसभा में आज तक जितने भी जनप्रतिनिधि हुए हैं, उन्होंने कोई भी विकास का कार्य नहीं किया. यही वजह है कि गुरुआ विधानसभा आज भी पिछड़ा है.
साल 2009 में गया के चेरकी थाने की पुलिस ने मरांडी को गिरफ्तार किया था, लेकिन साक्ष और गवाहों के नहीं होने के कारण 2012 में उसे कोर्ट ने बरी कर दिया. इसके बाद 2016 और 2018 में भी पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था, विनोद मरांडी पर लगभग 25 मामले दर्ज हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज