गया: न बैंड बाजा... न बारात, दूल्हा-दुल्हन ने मंदिर पहुंचकर किया चट मंगनी... पट ब्याह

अक्षय तृतीया के दिन शादी करने वाले जोड़ों का साथ अटूट होता है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अक्षय तृतीया के दिन शादी करने वाले जोड़ों का साथ अटूट होता है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दूल्हा समीर राज ने कहा कि उनका बड़े धूमधाम से शादी (Marriage) करने का मन था, लेकिन कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के चलते लॉकडाउन (Lockdown) लग गया. इसलिए उन्होंने सरकार के द्वारा तय किए गए गाइडलाइन का ख्याल रखा और बिना अपने परिवारवालों को बुलाये विष्णुपद मंदिर के बाहरी परिसर में शादी करने का निर्णय लिया

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गया. कोरोना काल (Corona Virus) में लोगों के शादी-विवाह करने के तौर-तरीके में बदलाव आया है. बिहार के गया (Gaya) में एक प्रेमी जोड़े ने अजीबोगरीब शादी रचाई. जल्दबाजी की इस शादी में न हाथी-घोड़े, न बैंड बाजा और ना बाराती थे. बस दूल्हा-दुल्हन और चट मंगनी पट ब्याह हो गया. गया के विष्णुपद मंदिर परिसर के बाहर विवाह मंडप में हुई इस शादी में केवल दूल्हा-दुल्हन के माता-पिता, दुल्हन के भाई सहित पांच लोग शामिल हुए.

मिली जानकारी के मुताबिक बोधगया (Bodhgaya) के रहने वाले प्रेमी युगल समीर राज और रितिका सिंह के बीच कोचिंग में पढ़ने के दौरान दोस्ती हुई और यह प्रेम में बदल गई. दोनों के बीच चार वर्षों तक अफेयर चलता रहा. बुधवार को समीर राज और रितिका ने विष्णुपद मंदिर के परिसर स्थित विवाह मंडप में सात फेरे लिए और एक-दूसरे को वरमाला पहनाई. शादी के बाद दोनों ने मंदिर के बाहर से ही भगवान का आशीर्वाद लिया और मंदिर परिसर के बाहर मौजूद भिखारियों को दान दिया.

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दूल्हा समीर राज ने कहा कि उनका बड़े धूमधाम से शादी करने का मन था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन (Lockdown) लग गया. इसलिए उन्होंने सरकार के द्वारा तय किए गए गाइडलाइन का ख्याल रखा और बिना अपने परिवारवालों को बुलाये विष्णुपद मंदिर के बाहरी परिसर में शादी करने का निर्णय लिया. वहीं, दुल्हन रितिका सिंह ने बताया कि चार साल से हम दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था. हमारी दोस्ती कोचिंग में पढ़ने के दौरान हुई थी. हम शादी धूमधाम से करना चाहते थे लेकिन इस समय वो संभव नहीं था, मगर कुछ कारणों से हमें जल्द शादी करनी थी.

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