बिहार: लालू यादव ने की थी चौकीदार की हत्या, जानें क्या है पूरा मामला
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बिहार: लालू यादव ने की थी चौकीदार की हत्या, जानें क्या है पूरा मामला
चौकीदार हत्याकांड का खुलासा, बेटा ही निकला हत्यारा

चौकीदार की हत्या से दुखी एसएसपी राजीव मिश्र (SSP Rajiv Mishra) खुद उसी दिन घटनास्थल पर पहुंच गये और परिवार के साथ अन्य लोगों से पूछताछ की जिसके बाद मृतक का वादी बेटा ही हत्यारा निकला.

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गया. अलीपुर थाना में तैनात चौकीदार वीरेन्द्र पासवान हत्यकांड का खुलासा पुलिस ने कर लिया है. एसएसपी राजीव मिश्रा (SSP Rajiv Mishra) ने बताया कि यह हत्या मृतक वीरेन्द्र पासवान के बड़े बेटे सौरभ ने साजिश के तहत 1.5 लाख रूपया खर्च करके कॉन्ट्रैक्ट किलर से करवायी है. पुलिस ने बड़े बेटे सौरभ कुमार, शूटर लालू यादव, बिचौलिया अरविंद कुमार और सिम बेचनेवाली महिला राधा देवी को गिरफ्तार कर लिया है. महिला राधा देवी काको के एक दुकानदार से सिम लेकर जहानाबाद जेल (Jehanabad Jail) के पास बेचने का काम करती है और हत्या में इसी के द्वारा दिए गए सिम का प्रयोग किया गया था. इस हत्याकांड में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से शामिल पप्पू यादव, राहुल कुमार, विमलेश यादव समेत चार अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

छोटे बेटे को अपनी चौकीदारी देने से नाराज था बड़ा बेटा
दरअसल मृतक वीरेन्द्र पासवान शुरू में परिवार का मालिकाना हक अपने बड़े बेटे सौरभ को ही दिया था. बैंक का पासबुक और एटीएम भी बड़े बेटे के जिम्मे था. शुरू में सौरभ सही तरीके से परिवार को चला रहा था पर पिछले साल से वह अपने पिता के पैसा का उपयोग व्यक्तिगत संपत्ति बढ़ाने में करने लगा था और पिता एवं छोटे भाई को खर्च देना बंद कर दिया था.

बड़े बेटे के व्यवहार की वजह से पिछले महीनो दोनों में विवाद भी हुआ था जिसके बाद वीरेन्द्र पासवान ने एटीएम बड़े बेटे से छीनकर छोटे बेटे के हवाले कर दिया. इसके बाद  वीआरएस लेकर छोटे बेटे स्वरूप कुमार को ही चौकीदारी देने का फैसला लिया था. पिता के इस फैसले से बड़ा बेटा सौरभ नाराज रहने लगा और चौकादारी के लोभ में अपने ही पिता को ही रास्ते से हटाने के लिए 1.5 लाख खर्च करके शूटर के जरिये हत्या करवा दी.
बेटे ने कैसे रची अपने पिता के हत्या की साजिश


अपने पिता के फैसले से परेशान सौरभ ने अपने मित्र अरविंद से अपने पिता को रास्ते से हटाने को लेकर चर्चा की. अरविंद ने बिचौलिया का काम करते हुए उसकी मुलाकात शूटर लालू यादव से करवाई और 1.5 लाख में फैसला तय किया गया.  इसमें कुछ रकम एडवांस के तौर पर भी दिया गया था. इधर चौकीदार वीरेन्द्र पासवान की ड्यूटी अपने ही पंचायत के सर्वोदय प्लस 2 स्कूल क्वारंटाइन सेंटर पर लगा था.

7 जून की रात 9 बजे मकदुमपुर स्थित घर से खाना खाकर वह क्वारंटाइन सेंटर पर ड्यूटी के लिए निकला और वहां पहुंचने के थोड़े देर बाद ही उसे मोबाइल पर कॉल आया कि उसे थाना के बड़ा बाबू नीमसर पुल के पास बुला रहें हैं. कॉल के बाद वह पुल की तरफ जाने लगा और रास्ते में ही घात लगाये अपराधी पकड़कर मारपीट करने लगे. इस बीच वीरेन्द्र पासवान ने भी प्रतिरोध किया जिसके बाद अपराधियों ने दो गोली मारकर हत्या कर दी.

सुबह में वीरेन्द्र पासवान का शव पुलिस ने नीमसर पुल के पास से बरामद किया. उसके कपड़े और मोबाइल शव के बगल में फेंके हुए मिले. मौके पर पहुंची पुलिस ने बड़े बेटे सौरभ के बयान पर ही प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू की थी. अपने चौकीदार की हत्या से दुखी एसएसपी खुद उसी दिन घटनास्थल पर पहुंच गये और परिवार के साथ अन्य लोगों से पूछताछ की जिसके बाद  मृतक का वादी बेटा ही हत्यारा निकला.

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