बिहार: अब ज्ञान व मोक्ष की नगरी गया की बारी, 18 अगस्त को घोषित होगी धूम्रपान मुक्त
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बिहार: अब ज्ञान व मोक्ष की नगरी गया की बारी, 18 अगस्त को घोषित होगी धूम्रपान मुक्त
18 अगस्त को गया जिला धूम्रपान मुक्त घोषित हो जाएगा

बिहार के चार जिले, मधुबनी, मुंगेर, लखीसराय एवं जहानाबाद पूर्व से ही धूम्रपान मुक्त जिला (Smoke Free District) घोषित हैं. और अब 18 अगस्त को गया (Gaya) जिला को भी धूम्रपान मुक्त घोषित कर दिया जाएगा.

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गया. धूम्रपान को साइलेंट किलर कहा जाता है. लिहाजा ज्ञान और मोक्ष की नगरी गया (Gaya) को बिहार में धूम्रपान मुक्त जिला (Smoke Free District) घोषित करने की तैयारी की जा रही है. इस संबंध में डीएम अभिषेक सिंह ने कहा कि 18 अगस्त को तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति की बैठक आयोजित की जायेगी. जिसमें गया जिला को धूम्रपान मुक्त घोषित करते हुए इसकी सूचना राज्य स्वास्थ्य समिति को दी जायेगी. इस सिलसिले में तकनीकी सहयोग प्राप्त करने के लिए राज्य के सोसियो इकॉनामिक एंड एजुकेशन डेवलपमेंट सोसायटी (सिड्स) संपर्क किया जा रहा है. इसके लिए डीएम ने जिले के सभी नागरिकों से धूम्रपान का परित्याग करने की अपील की है.

बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति कर रही है पहल

दरअसल बिहार को धूम्रपान मुक्त राज्य घोषित करने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति काम कर रही है. इसके लिए उसने COTPA-2003 की विभिन्न धाराओं में परिवर्तन की स्थिति का मूल्यांकन कराने के लिए पटना के आर्थिक अध्ययन सस्थान द्वारा राज्य के कुल 16 जिलों में अनुपालन सर्वेक्षण कराया है. जिसमें गया के साथ जमुई, जहानाबाद, लखीसराय, मधुबनी, मुंगेर, पूर्णिया, सीतामढ़ी एवं सुपौल समेत 10 जिलों को धूम्रपानमुक्त मानकों के अनुरूप पाया गया है. इनमें से चार जिले, मधुबनी, मुंगेर, लखीसराय एवं जहानाबाद पूर्व से ही धूम्रपान मुक्त जिला घोषित हैं. और अब 18 अगस्त को गया जिला को भी धूम्रपान मुक्त घोषित कर दिया जायेगा.



शराब के बाद धूम्रपान मुक्त बिहार बनाने की योजना
नीतीश सरकार शराबबंदी कानून को लागू करने के बाद धूम्रपान मुक्त बिहार बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाह रही है. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति का गठन किया गया है. कई जिलों में विशेष नोडल पदाधिकारी की भी नियुक्ति की गयी है. एक अनुमान के मुताबिक बिहार की बड़ी आबादी तंबाकू एवं धूम्रपान का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उपयोग करती है.

शराबबंदी कानून के लागू होने के बाद राज्य में तंबाकू के सेवन के साथ ही धूम्रपान करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है. इसमें खैनी, बीड़ी और सिगरेट के साथ प्रतिबंधित गांजा, अफीम, चरस, हेरोइन समेत अन्य नशीले पदार्थ हैं. इनकी जद में युवा पीढ़ी तेजी से आ रही है. तंबाकू और धूम्रपान के इस्तेमाल से फेफड़े, गले, पेट एवं मूत्राशय का कैंसर, टीवी, अस्थमा, ह्रदय रोग एवं फेफड़े से संबंधित अनेक प्रकार की बीमारियां होने का खतरा रहता है. इसलिए सरकार राज्य को धूम्रपानमुक्त करने की दिशा में काम कर रही है.
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