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बिहार: ठंढ से बचने के लिए भगवान को पहनाया गया स्वेटर-टोपी, गर्म पानी से कराया जा रहा स्नान

बिहार के गया में भगवान को स्वेटर पहनाते पुजारी
बिहार के गया में भगवान को स्वेटर पहनाते पुजारी

बिहार के गया में ठंड अन्य शहरों की तुलना में कहीं ज्यादा पड़ती है ऐसे में मंदिर में ये व्यवस्था की जाती है. इस दौरान भगवान को लगने वाले भोग में भी ठंड के हिसाब से ही खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: November 25, 2020, 11:40 AM IST
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गया. बिहार में ठंड ने जोरदार दस्तक दी है. पहाड़ी इलाके में बर्फबारी होने से गया समेत मैदानी इलाके में ठंढ का असर लगातार बढ रहा है. इस ठंड से के असर से बचाव के लिए आमलोगों के साथ ही भगवान को भी ऊनी कपड़ें पहनाया जा रहे हैं. शहर के जीबी रोड स्थित गौरिया मठ में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, देवी सुभद्रा, और राधा-कृष्ण की मूर्ति को ऊनी कपड़े पहनाये गये हैं. यहां के पुजारी उत्तम श्लोक दास ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना 1936 में की गयी थी और उसी समय से मौसम के अऩुरूप ही भगवान को वस्त्र पहनाया जाता है और उसी अनुरूप भोग भी लगाया जाता है.

गौरिया मठ में माघ शीर्ष शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि से भगवान को गर्म कपड़े के रूप में स्वेटर और टोपी गयी है. शाम होते ही कंबल ओढाया जाता है और सुबह होने पर कंबल को हटा दिया जाता है. इन गर्म कपड़ों की नियमित रूप से धुलाई भी की जाती है जिससे कि किसी तरह की गंदगी ने रह सके. गर्म कपड़ों के साथ ही ठंढ के मौसम में भगवान को गर्म पानी से नहलाया जाता है और गर्म दूध, तिलकुट एवं अन्य गर्म खाद्य पदार्थ से भोग लगाया जाता है. शीतलहरी शुरू हो जाने के बाद मंदिर के गर्भगृह में हीटर का भी उपयोग किया जाता है. भगवान की मूर्ति को पहनाये जाने वाले गर्म कपड़े कोलकाता से मंगवाये जाते हैं.

एक दशक में नवंबर माह में सबसे कम दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान



बर्ष 2008 के बाद नवंबर माह में न्यूनतम तापमान रिकार्ड स्तर पर नीचे चला गया है. बिहार के गया का न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है जबकि अधिकतम तापमान तापमान 26.1 रिकार्ड किया गया है. यह न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री नीचे रिकार्ड किया गया है. तापमान में कमी पश्चिम के राज्यों में हुई बर्फबारी और सर्द हवाओं के असर के रूप में देखा जा रहा है. न्यूनतम तापमान में रिकार्ड कमी से एकाएक ठंढ का असर बढ गयी है. ठंढ के बढने से बाजार में ऊनी कपड़ों की खरीददारी को लेकर भीड़ बढने लगी है और सामान्य कपड़े बेचने वाले दुकानदार सिर्फ ऊनी कपड़ें बेच रहें हैं.
डीएम ने शाम के बाद घर से निकलने पर सावधानी बरतने की अपील की

एकाएक ठंढ का असर दिखने के बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है. इस संबंध में डीएम अभिषेक सिंह ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि शहर के सभी रैन बसेरा में मुकम्मल व्यवस्था करने का निर्देश नगर निगम को दिया गया है ताकि गरीब और बेघर वाले लोग इन रैन बसेरा में रात अच्छी तरह से गुजार सकें. इ़सके साथ ही डीएम ने जिला वासियों से यह अपील की है कि बहुत जरूर काम होने पर ही वे शाम के बाद घर से निकलें. घर से निकलने के दौरान ठंढ से बचाव के लिए जरूरी ऊनी कपड़ों का प्रयोग जरूर करें, वहीं दिसंबर के शुरूआत से महत्वपूर्ण जगहों पर अलाव का इंतजाम कराने की बात डीएम ने कही है.
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