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बस इस काम का है इंतजार, फिर हमेशा के लिए बंद हो जाएगा ये दशकों पुराना अस्पताल!
Gaya News in Hindi

arun kumar | News18Hindi
Updated: January 25, 2020, 6:22 PM IST
बस इस काम का है इंतजार, फिर हमेशा के लिए बंद हो जाएगा ये दशकों पुराना अस्पताल!
सरकार की तरफ से अस्पताल परिसर में चस्पा किया गया नोटिस.

गया में संक्रमण के रोगों के इलाज के लिए अंग्रेजों के समय से चल रहे अस्पताल (Hospital) को अब शिफ्ट किया जा रहा है. 26 जनवरी के कार्यक्रम के बाद यह महिला अस्पताल के परिसर में चला जाएगा. ऐसे में अब स्‍थानीय लोग विरोध में उतर आए हैं.

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  • Last Updated: January 25, 2020, 6:22 PM IST
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पटना. अंग्रेजों के समय से चल रहा गया का संक्रामक अस्पताल (Hospital) अब बंद होने जा रहा है. चौंकिए मत दरअसल इस अस्पताल को सरकार ने शिफ्ट करने का निर्णय लिया है. यह स्‍थानांतरण गणतंत्र दिवस (Republic day) के कार्यक्रम के बाद हो जाएगा और 27 जनवरी से अस्पताल फिर सुचारू रूप से लोगों को सेवाएं देने लगेगा. 7 एकड़ के परिसर से हटा कर अब इस अस्पताल को प्रभावती महिला अस्पताल के एक फ्लैट में शिफ्ट किया जा रहा है. इसके लिए अस्पताल परिसर में नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है.

सरकार के निर्णय से लोग हैरान
वहीं गया नगर निगम के पूर्व पार्षद शशि किशोर शिशु ने कहा कि सरकार के निर्णय से हम लोग हैरान हैं. इस अस्पताल में कई दशकों से गया जिले के साथ ही मगध और झारखंड के कुछ सीमावर्ती जिलों के  मरीज इलाज के लिए आते हैं. यहां संक्रामक रोगी के साथ ही प्रतिदिन ओपीडी में सैकड़ों लोगों का इलाज होता रहा है. इस परिसर में पर्याप्त जगह है और यहां दूसरे असाध्य रोगों के इलाज की व्यवस्था करने की मांग होती रही है पर सरकार ने नई व्यवस्था करने के जगह इस अस्पताल को ही हटाने का निर्णय लिया है. अब इसका विरोध स्‍थानीय जनता कर रही है. वहीं पंडा समाज ने कहा कि हमारे समाज ने इतनी बड़ी जमीन दान में दी थी और अब सरकार इस पर व्यवसायकि काम करना चाहती है जो गलत है.

अस्पताल कर्मचारी भी दुखी

वहीं, अस्पताल के कर्मचारी भी सरकार के ‌इस फैसले से दुखी हैं. 20 साल से इस अस्पताल में काम कर रही महिलाकर्मी नीलम देवी ने कहा कि यहां पर संक्रामक बीमारियों का इलाज होता है, ऐसे में सतर्कता के साथ ही ज्यादा जगह की भी जरूरत होती है. अब सरकार ने महिला अस्पताल में एक फ्लैट उपलब्‍ध करवाया है जहां पर महिलाओं और नवजात बच्चों का विशेष रूप से इलाज होता है. ऐसे में संक्रमण का खतरा बना रहेगा. इस मामले पर संक्रामक अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी विजय कुमार भी मानते हैं कि संक्रमित रोगों के इलाज के लिए खास सतर्कता की जरूरत होती है. इसीलिए यहां दशकों पहले अलग से अस्पताल बनाया गया था, लेकिन वे आदेश का विरोध नहीं कर सकते हैं. उनकी मानें तो आदेश के बाद वे लोग प्रभावती अस्पताल के अधीक्षक के आवास के एक फ्लैट में शिफ्टिंग की तैयारी कर रहें हैं और वहां मिलने वाली सुविधा के अऩुसार मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश की जाएगी.

तीर्थयात्रियों के लिए बनेगा बहुमंजिला आवास
वहीं गया के डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में तीर्थयात्रियों के लिए बहुमंजिला आवासन स्‍थल बनाने की योजना है. उन्होंने कहा कि गया में पिंडदान करने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में तीर्थयात्री गया आते हैं. अस्पताल का परिसर विष्‍णुपद मंदिर से भी काफी करीब है. ऐसे में अब सरकार ने अस्पताल परिसर को स्वास्‍थ्य विभाग से लेकर पर्यटन विभाग को सौंप दिया है. पर्यटन विभाग जल्द ही यहां पर निर्माण कार्य शुरू करेगा. अस्पताल शिफ्ट किए जाने की बात पर सिंह ने कहा कि इस जमीन का बेहतर उपयोग पर्यटन विभाग करेगा और आने वाले दिनों में अस्पताल के लिए भी अच्छी बिल्डिंग मुहैया करवाई जाएगी. जहां पहले से बेहतर व्यवस्‍था होगी, इसलिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

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First published: January 25, 2020, 6:22 PM IST
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