सूरत में बिहार के युवक की मौतः परिजन बोले- मॉब लिंचिंग, पुलिस ने बताया एक्सीडेंट

सूरत के पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने न्यूज 18 गुजराती को बताया कि यह मॉब लिंचिंग की घटना नहीं है और अमरजीत की मौत गंभीर सड़क हादसे में हुई है.

Arun Chaurasia | News18 Bihar
Updated: October 14, 2018, 7:05 AM IST
सूरत में बिहार के युवक की मौतः परिजन बोले- मॉब लिंचिंग, पुलिस ने बताया एक्सीडेंट
गुजरात से यूपी-बिहार के लोगों का पलायन जारी है.
Arun Chaurasia | News18 Bihar
Updated: October 14, 2018, 7:05 AM IST
गुजरात के सूरत में मूल रूप से गया (बिहार) के रहने वाले एक युवक की शुक्रवार शाम मौत हो गई. युवक के परिजन का दावा है कि उसकी लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. हालांकि पुलिस ने इसे एक एक्सीडेंट करार दिया है.

अमरजीत नाम का यह युवक सूरत में 15 साल से रह रहा था. वह पंडेश्वरा इलाके में स्थित एक मिल में काम करता था और वहां मजदूरों की आपूर्ति भी किया करता था. परिवार वालों का कहना है कि शुक्रवार शाम वह मिल से घर वापस लौट रहा था तभी हिंसक भीड़ ने उसकी हत्या कर दी.

वहीं, सूरत के पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने न्यूज 18 गुजराती को बताया कि यह मॉब लिंचिंग की घटना नहीं है और अमरजीत की मौत गंभीर सड़क हादसे में हुई है.

अमरजीत 15 साल पहले वहां रोजगार की तलाश में गया था और काफी मेहनत करके उसने वहां घर भी बना लिया था और शादी भी कर ली थी. अमरजीत के दो बच्चे भी हैं.

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वह बिहार में गया जिला के कोंच थाना के कौड़िया गांव का निवासी था. घटना की सूचना के बाद से ही परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है.

अमरजीत पिछले 15 सालों से सूरत में रह रहा था.
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अमरजीत के पिता राजदेव सिंह रिटायर्ड सैनिक हैं. उन्होंने बताया कि उनका बेटा काफी मेहनती था और उसकी मदद से पूरा परिवार खुशी-खुशी अपना जीवन निर्वाह कर रहा था, पर इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है.

अमरजीत के पिता का कहना है कि उनके बेटे को गुजरात में बिहारियों के खिलाफ बने माहौल की वजह से मारा गया है. उन्होंने बिहार सरकार के साथ ही गुजरात और भारत सरकार से इस हिंसा को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है ताकि किसी दूसरे परिवार को इस दर्द से न गुजरना पड़े.

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