आतंकवादियों के लिए 'सेफ जोन' बन गया है बिहार का ये शहर! जानें क्यों हो रहा ऐसा...

पकड़ा गया एजाज गया में रहकर फेरी काम करता था और इसकी आड़ में लोगों को आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करता रहता था.

News18 Bihar
Updated: August 28, 2019, 9:53 AM IST
आतंकवादियों के लिए 'सेफ जोन' बन गया है बिहार का ये शहर! जानें क्यों हो रहा ऐसा...
एसटीएफ की गिरफ्त में जमात-उल-मुजाहिदीन का आतंकी
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Updated: August 28, 2019, 9:53 AM IST
भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली बिहार के गया से सोमवार को पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जमायत अल मुजाहिदीन (Jamayat Al Muzahiddin) से जुड़े आतंकवादी तौफीक रजा उर्फ एजाज अहमद को गिरफ्तार किया गया. दरअसल पश्चिम बंगाल पुलिस को इनपुट मिली थी कि तौफीक गया जिले के मानपुर प्रखंड के बुनियादगंज बाजार के पास अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है. इसी आधार पर पश्चिम बंगाल से एसटीएफ  (Special Task Force) के साथ आई एटीएस (ATS) की टीम ने उसे दबोच लिया और उसे अपने साथ ले गई.  बता दें कि इससे पहले अहमदाबाद सीरियल बम धमाके के आरोपी तौसीफ समेत कई अन्य आतंकी की गिरफ्तारी इस जिले हो चुकी है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मोक्ष और ज्ञान की धरती कहीं आंतकियों की शरणस्थली तो नहीं बनती जा रही है.

ठिकाना बदलता रहता था एजाज
बता दें कि पकड़ा गया एजाज गया में रहकर फेरी काम करता था और इसकी आड़ में लोगों को आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करता रहता था. वह अक्सर अपना ठिकाना बदल लेता था ताकि शक के दायरे में न आए. गौरतलब है कि इससे पहले गया में कई आतंकी वारदात हुए हैं और कई टेररिस्ट पकड़े भी गए हैं.

आतंकी की गिरफ्तारी के बाद गया के बुनियादगंज थाना क्षेत्र के पठान टोली में सनसनी


एजाज अहमद समेत कई आतंकियों की गिरफ्तारी के बावजूद मगध रेंज के आईजी पारसनाथ इस इलाके को आंतकियों के लिए सेफ जोन नहीं मानते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है. आइये एक नजर डालते हैं इस सच पर-

2013 में हुए थे सीरियल ब्लास्ट
आंतकियों ने बिहार में सबसे पहले वर्ष 2013 में बोधगया के महाबोधि मंदिर को अपना निशाना बनाया था. मंदिर समेत आस-पास में सीरियल बम धमाका कर लोगों को दहलाने की कोशिश की थी.
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2018 में भी रची गई थी धमाके की साजिश
उसके बाद  जनवरी 2018 में फिर से चार बम लगाकर विस्फोट कराने की साजिश रची थी. हालांकि आम लोगो और सुरक्षा बलों की
सतर्कता की वजह से वह कामयाब नहीं हो पाए थे. गौरतलब है कि 2013 धमका के बाद देशबर के सुरक्षा एजेंसियों की
नींद खुली और अभी तक यहां से कई नामचीन आंतकी को गिरफ्तार किया जा चुका है.

2017 में पकड़ा गया था आतंकी तौसीफ
वर्ष 2008 में हुए अहमदाबाद सीरियल धमाके के आरोपी तौसीफ की गिरफ्तारी सितंबर 2017 में साईबर कैफे संचालक की मदद से
सिविल लाईन पुलिस ने की थी. तौसीफ के सहयोगी मो. सना को भी डोभी के करमौनी से गिरफ्तार किया गया था.

GAYA Terrorist
पहले भी गया से कई आतंकवादियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का आरोपी मो तौसीफ भी था. (सांकेतिक तस्वीर)


आतंकी फंडिंग में पकड़ा गया था अनवर और मो सईद
10  फरवरी, 2018 को कश्मीर के आंतकियों को फंडिंग के आरोप में सिविल लाईन के मारूफगंज से मोहम्मद अनवर और मोहम्मद सईद को गिरफ्तार किया गया था. दोनों से पूछताछ में पुलिस को मोहम्मद राजू के बारे में हथियार सप्लाई करने की जानकारी मिली थी और राजू ने भी बाद में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था.

आतंकी गुलाम सरवर भी चढ़ा था पुलिस के हत्थे
इसके साथ ही झारखंड के हजारीबाग में सन 2002 में हुए आंतकी मुठभेड़ मामले में आरोपी मुहम्मद गुलाम सरवर को गया के नीचमक बथानी थाना के धरमूचक गांव से गिरफ्तार किया गया था.

'आतंकियों के टारगेट में है गया और बोधगया'
बम धमाके और आंतकी की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकर मोहम्मद अब्दुल कादिर की मानें तो आतंकी समूचे विश्व में मैसेज देने के लिए भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली और भगवान विष्णु को मोक्ष भूमि का चुनाव कर रहे हैं. म्यांमार में रोहिंग्या और बौद्ध धर्मावलंबियों के विवाद की वजह से बोधगया का टोरगेट किया जा रहा है.

'पर्यटकों की आड़ में छिप जाते हैं आतंकी'
वहीं, गया बार एसोसिएशन के सचिव मुरारी कुमार हिमांशु के अनुसार यहां सालों भर तीर्थयात्री और पर्यटक आते रहते हैं इसलिए बाहरी लोगों की उपस्थिति पर स्थानीय लोग छानबीन नहीं करतें हैं. इसकी वजह से दूसरे जिले एवं राज्य के जेबकतरा गिरोह से लेकर आंतकी तकयहां सेफ जोन ढूंढ लेतेे हैं.

पुलिस नहीं मानती गया को आतंकियों का सेफ जोन
वहीं, शिक्षाविद प्रोफेसर विक्रम कुमार कहते हैं कि इसके लिए सुरक्षा एजेंसी के साथ आम लोगों को जागरूक होना होगा.

रिपोर्ट- अरूण चौरसिया

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First published: August 28, 2019, 9:47 AM IST
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