बिहार के इन जिलों में अलर्ट जारी, आपको पता है टिड्डी एक बार में देती है 200 अंडे!
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बिहार के इन जिलों में अलर्ट जारी, आपको पता है टिड्डी एक बार में देती है 200 अंडे!
टिड्डियों को लेकर बिहार के कई जिलों को अलर्ट किया गया है.

टिड्डियों का एक दल उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (Mirzapur) में देखा गया है और इसके बिहार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.

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गया. कोविड-19 की वजह से भारत समेत पूरा विश्व पिछले कई महीनों से परेशान है. कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से लाखों लोगों की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही पिछले दिनों अम्फान तूफान ने पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में तबाही मचाई. अब टिड्डियों (Locust) का दल देश के कई राज्यों के किसानों को परेशान कर रहा है. टिड्डियों का एक दल उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (Mirzapur) में देखा गया है और इसके बिहार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.

इन जिलों को कर दिया गया है अलर्ट

टिड्डियों के समूह को लेकर बिहार सरकार मगध प्रमंडल के जिलों के साथ ही रोहतास और कैमूर जिला के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है. इसके लिए बिहार सरकार के कृषि निदेशक आदेश तितरमारे ने मगध प्रमंडल के संयुक्त सह निदेशक आभाशु सी.जैन के साथ ही गया, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर के जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से बात की और इन जिलों में टिड्डियों के संभावित प्रकोप से बचने के लिये की गई तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने बताया कि टिड्डियों का एक दल उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले मे देखा गया है, जिसके आगे बढ़ने की दिशा पर नजर रखी जा रही है. कृषि निदेषक ने जिला कृषि पदाधिकारियों को इसके लिए राज्य स्तर से निर्गत एडवाईजरी के पालन का निर्देश दिया.



किसानों को किया जा रहा है जागरूक



टिड्डियों से बचाव को लेकर कृषि विभाग फायर ब्रिगेड से समन्वय स्थापित कर छिड़काव की मुकम्मल तैयारी करने का निर्देश कृषि विभाग द्वारा संबंधित जिला के अधिकारियों को दिया गया है. जिला कृषि पदाधिकारी को सभी प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं किसान सलाहकार को अपने क्षेत्र में सुबह 09 से संध्या 07 बजे उपस्थित रखने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके साथ ही प्रगतिशील एवं प्रबुद्ध किसानों को भी टिड्डियों के खतरे से अवगत कराने के लिए जागरूक करने पर बल दिया गया है. इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचनाओं के आदान-प्रदान का सुझाव दिया गया है. केमिकल के छिड़काव के लिए स्किल्ड एवं अनस्किल्ड व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया है.

एक बार में 200 अंडे देती है टिड्डियां

टिड्डियों का समूह फसल को बहुत तेजी से बर्बाद कर देती है. इस संख्या भी काफी तेजी से बढ़ती है. एक  एक बार में 100 से 200 अंडे देती है और यह 30 दिन में ही वयस्क हो जाती है. इस संबंध में पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद ने बताया कि टिड्डी के जीवन काल में तीन अवस्थाएं अंडा, शिशु टिड्डी एवं व्यस्क टिड्डी की की होती है. मादा टिड्डियां जमीन में अपनी दुम को 6 इंच की गहराई तक दबाकर एक बार में 100 से 200 अंडे तक देती हैं. जिस जगह अंडे दिए जाते हैं, वहां जमीन में सुराख हो जाता है. सुराख के मुंह पर सफेद झाग नजर आता है. 10 से 12 दिनों में अंडों से सफेद रंग के नवजात शिशु निकलते हैं और 30 दिन में ये व्यस्क हो जाते हैं और इनका रंग काला हो जाता है.

रात में केमिकल का छिड़काव फायदेमंद

टिड्डियों का दल दिन के समय सूरज की चमकीली रोशनी में झुंडों के रुप में तेजी उड़ते रहते हैं एवं शाम के समय झाडि़यों व पेड़ों पर आराम करने के लिये नीचे उतर आते हैं. टिड्डियों को उनके मार्ग से भटका कर और रसायनिक दवाओं का छिड़काव करके नियंत्रित किया जा सकता है. दिन के समय टिड्डियों के दिखाई पड़ने पर एक साथ इकट्ठा होकर ढ़ोल, नगाड़ा, टीन का डब्बा, थाली आदि को बजाकर टिड्डियों के मार्ग को परिवर्तित किया जा सकता है. टिड्डियों से बचाव के लिए रात के 11 बजे से सुबह सूर्योदय तक रसायनिक छिड़काव का सही समय माना जाता है.

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