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5 साल के बच्चे को इस IAS ऑफिसर ने बना दिया 'कमिश्नर'! जानें- क्या है मामला

ALEN LILY | News18 Bihar
Updated: November 19, 2019, 4:53 PM IST
5 साल के बच्चे को इस IAS ऑफिसर ने बना दिया 'कमिश्नर'! जानें- क्या है मामला
गया के अतुल प्रकाश की मासूम बातों से प्रभावित होकर मगध प्रमण्डल के कमिश्नर ने अपनी कुर्सी पर बिठा दिया.

कमिश्नर (Commissioner) से मुलाकात के दौरान जैसे ही अतुल (Atul) ने बताया कि मुझे कमिश्नर बनना है तो प्रमंडल आयुक्त ने खुश होकर उसे गोद में ले लिया और अपनी कुर्सी पर बैठा दिया.

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गया. कहते हैं प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती, बस सच्ची लगन और मेहनत से हर चीज हासिल की जा सकती है. इस कथन को सिद्ध कर दिखाया है एक पांच साल के नन्हे अतुल ने. यूकेजी (UKG) का छात्र अतुल एक शतरंज प्रतियोगिता (Chess tournament) में अव्वल आया और सीधे मगध प्रमंडल के कमिश्नर की कुर्सी पर जा बैठा. कमिश्नर ने मुलाकात के लिए आए सभी खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं.

दरअसल पटना में 8-9 नवंबर को आयोजित राज्य स्तरीय स्कूल शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-6 ग्रुप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यूकेजी के छात्र 5 साल के अतुल प्रकाश सिन्हा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया. उनकी प्रतिभा से प्रसन्न होकर मगध प्रमण्डल के कमिश्नर असंगबा चुबा आओ ने खुश होकर उसे गोद में उठा लिया और उसे अपनी कुर्सी पर बिठा दिया.

मगध प्रमण्डल के कमिश्नर असंगबा चुबा आओ 5 साल के शतरंज खिलाड़ी अतुल प्रकाश को अपनी कुर्सी पर बिठाते हुए.


गया जिला के खिजरसराय, जमुआवां का रहने वाला अतुल प्रकाश सिन्हा एक बड़ा शतरंज खिलाड़ी बनने की चाहत रखता है. कमिश्नर से मुलाकात के दौरान जैसे ही अतुल ने बताया कि मुझे कमिश्नर बनना है तो प्रमण्डल आयुक्त ने खुश होकर उसे गोद में ले लिया और अपनी कुर्सी पर बैठा दिया. कमिश्नर ने मासूम से कहा कि ऐसे ही अच्छी तरह खेलते रहो, गया जिले और बिहार का नाम रोशन करो.

अतुल के पिता जयप्रकाश सिन्हा ने बताया कि उसने 3 साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू किया और महज 2 साल में ही ये उपलब्धि हासिल की. उन्होंने कहा कि हम लोगों का प्रयास है कि गया का हर बच्चा शतरंज खेले क्योंकि ये खेल मानसिक विकास के लिए और प्लानिंग करने के लिए बहुत ही बेहतरीन खेल है.

उन्होंने बताया कि अतुल अभी तक 78 टूर्नामेंट खेल चुके हैं, जिसमें दो इंटरनेशनल टूर्नामेंट भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अतुल आने वाले समय में मगध प्रमंडल सहित पूरे बिहार का नाम रोशन करेगा.

मगध प्रमण्डल के कमिश्नर मगध प्रमण्डल के कमिश्नर असंगबा चुबा आओ ने कई शतरंज खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की और उनके साथ फोटो खिंचवाया.

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वहीं, बेलागंज प्रखंड के सुदूर पूर्व में स्थित शाहपुर ग्राम निवासी हरि शंकर के पुत्र हर्ष राज ने इस प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा लिया था. हालांकि वह सातवें स्थान पर आया, लेकिन अपनी बेहतरीन चालों से सभी को अचंभित करते हुए अपनी पहचान बनाने में सफल रहा.

लड़कियों के अंडर-10 ग्रुप में दूसरे स्थान प्राप्त करने वाली परी सिन्हा, विश्वनाथन आनंद को अपना आदर्श मानती हैं. सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी का खिताब प्राप्त परी सिन्हा का सपना ग्रैंडमास्टर बनने का है. वहीं, दसवीं में पढ़ने वाली पलक अंडर-16 में द्वितीय स्थान पर रहीं.

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First published: November 19, 2019, 3:21 PM IST
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